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सर्जिकल स्ट्राइक के हीरो अभिनंदन बरेली में भी दिखा चुके हैं जांबाजी
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बरेली। ‘चिड़ियन ते मैं बाज लड़ावां तब अभिनंदन नाम कहावां’। सिख गुरु गोविंद सिंह ने वीरता और बलिदान का सैकड़ों साल पहले जो मंत्र दिया था, उसे अब लोग 60 साल पुराने मिग- 21 के कॉकपिट में बैठकर पाकिस्तान एयरफोर्स के अमेरिका निर्मित अत्याधुनिक एफ- 16 को मार गिराने का अविश्वसनीय कारनामा कर दिखाने वाले भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान के नाम से जोड़ रहे हैं। बरेली के लोगों के लिए नई जानकारी यह है कि सात साल पहले यह जांबाज पायलट त्रिशूल एयरबेस पर तैनात था और इसी शहर के आकाश पर मिग- 21 में बैठकर अठखेलियां करता था। अभिनंदन की सबसे खास पहचान उनकी बड़ी-बड़ी मूंछें भी तब उनके चेहरे पर नहीं हुआ करती थीं।
भारतीय वायुसेना के त्रिशूल एयरबेस पर मिग- 21 और सुखोई का बेड़ा तैनात है। विंग कमांडर अभिनंदन की तैनाती इस एयरबेस पर 2011 में हुई थी। वह करीब दो साल तक इस एयरबेस पर तैनात रहे थे। अब जब एफ- 16 गिराने के बाद अभिनंदन का नाम इतिहास में जीते जी अमर हो चुका है तो यहां उनकी तैनाती के गवाह रहे भारतीय वायुसेना के सहकर्मी उन पर फख्र महसूस कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक अभिनंदन अपने साथियों के साथ काफी घुलमिलकर रहते थे। मिग- 21 से उड़ान भरना उनका जुनून था। सौम्यता और खुशमिजाजी उनकी खास पहचान हुआ करती थी। इसके अलावा उनके साथी रहे वायुसेना के लोगों के जहन में अपने परिवार के प्रति उनके समर्पण की भी यादें ताजा हैं। जान की बाजी लगाकर पाकिस्तानी वायुसेना का शौर्य धूल-धूसरित करने के बाद अभिनंदन का नाम त्रिशूल एयरबेस पर चर्चाओं में है।
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भारतीय वायुसेना के त्रिशूल एयरबेस पर मिग- 21 और सुखोई का बेड़ा तैनात है। विंग कमांडर अभिनंदन की तैनाती इस एयरबेस पर 2011 में हुई थी। वह करीब दो साल तक इस एयरबेस पर तैनात रहे थे। अब जब एफ- 16 गिराने के बाद अभिनंदन का नाम इतिहास में जीते जी अमर हो चुका है तो यहां उनकी तैनाती के गवाह रहे भारतीय वायुसेना के सहकर्मी उन पर फख्र महसूस कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक अभिनंदन अपने साथियों के साथ काफी घुलमिलकर रहते थे। मिग- 21 से उड़ान भरना उनका जुनून था। सौम्यता और खुशमिजाजी उनकी खास पहचान हुआ करती थी। इसके अलावा उनके साथी रहे वायुसेना के लोगों के जहन में अपने परिवार के प्रति उनके समर्पण की भी यादें ताजा हैं। जान की बाजी लगाकर पाकिस्तानी वायुसेना का शौर्य धूल-धूसरित करने के बाद अभिनंदन का नाम त्रिशूल एयरबेस पर चर्चाओं में है।
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