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नीट के बाद एम्स में भी आयुषी ने लहराया परचम
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Tue, 19 Jun 2018 12:31 AM IST
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एम्स
- फोटो : SELF
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सीबीएसई नीट में आल इंडिया 60वीं रैंक हासिल कर बरेली का मान बढ़ाने वाली आयुषी बंसल ने ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) के एमबीबीएस एंट्रेंस में भी कामयाबी का परचम लहराया है। उन्होंने आल इंडिया स्तर पर 38वीं रैंक हासिल की है। आयुषी ने 99 पर्सेंटाइल है। पिता डॉ. बृजेश कुमार अग्रवाल और मां नमिता अग्रवाल की तरह आयुषी भी एक अच्छी डॉक्टर बनना चाहती हैं। एकता नगर की रहने वाली आयुषी के माता-पिता डॉक्टर हैं।
आयुषी ने बचपन से ही उनके तरह बनने का सपना देखा। आयुषी का कहना है कि नीट में 60वीं रैंक हासिल करने के बाद उनको यकीन हो गया था कि वह एम्स में भी वह अच्छा कर सकेंगी। नीट के बाद उनका पूरा फोकस एम्स पर था। उनका कहना है कि एम्स दिल्ली से मेडिकल की पढ़ाई करना उनका सपना था, जिसको पूरा करने के लिए जीतोड़ मेहनत की और कामयाबी हासिल की। वह नीट के माध्यम से किसी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने के बजाए अब एम्स में एमबीबीएस में प्रवेश लेंगी।
बचपन से पढ़ने में रही तेज
परिजनों के मुताबिक आयुषी बचपन से ही पढ़ने में तेज रही। दसवीं की पढ़ाई सेंट मारिया से की। उन्होंने दसवीं में 98 फीसदी अंक हासिल किए। उसके बाद कोटा में रहकर बारहवीं की पढ़ाई की। वहीं कोचिंग की। बारहवीं में 97 फीसदी अंक हासिल किए।
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पढ़ाई की टेंशन कभी हावी नहीं होने दी: आयुषी
आयुषी का कहना है कि उन्होंने पढ़ाई के तनाव को कभी हावी नहीं होने दिया। स्कूल और फिर कोचिंग से तनाव तो होता था, लेकिन उन्होंने इस तनाव को दूर करने के लिए बैडमिंटन का सहारा लिया। इसके अलावा निरंतर योगा किया। माइंड फ्रेश करने के लिए ऑनलाइन मैगजीन पढ़ी। कोचिंग के बाद औसत पांच घंटे सेल्फ स्टडी पर दिए। वह कहती हैं कि कामयाबी तभी मिल सकती है जब लक्ष्य स्पष्ट हो और तनाव से बाहर निकलकर तैयारी की जाए।
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आयुषी ने बचपन से ही उनके तरह बनने का सपना देखा। आयुषी का कहना है कि नीट में 60वीं रैंक हासिल करने के बाद उनको यकीन हो गया था कि वह एम्स में भी वह अच्छा कर सकेंगी। नीट के बाद उनका पूरा फोकस एम्स पर था। उनका कहना है कि एम्स दिल्ली से मेडिकल की पढ़ाई करना उनका सपना था, जिसको पूरा करने के लिए जीतोड़ मेहनत की और कामयाबी हासिल की। वह नीट के माध्यम से किसी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने के बजाए अब एम्स में एमबीबीएस में प्रवेश लेंगी।
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बचपन से पढ़ने में रही तेज
परिजनों के मुताबिक आयुषी बचपन से ही पढ़ने में तेज रही। दसवीं की पढ़ाई सेंट मारिया से की। उन्होंने दसवीं में 98 फीसदी अंक हासिल किए। उसके बाद कोटा में रहकर बारहवीं की पढ़ाई की। वहीं कोचिंग की। बारहवीं में 97 फीसदी अंक हासिल किए।
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पढ़ाई की टेंशन कभी हावी नहीं होने दी: आयुषी
आयुषी का कहना है कि उन्होंने पढ़ाई के तनाव को कभी हावी नहीं होने दिया। स्कूल और फिर कोचिंग से तनाव तो होता था, लेकिन उन्होंने इस तनाव को दूर करने के लिए बैडमिंटन का सहारा लिया। इसके अलावा निरंतर योगा किया। माइंड फ्रेश करने के लिए ऑनलाइन मैगजीन पढ़ी। कोचिंग के बाद औसत पांच घंटे सेल्फ स्टडी पर दिए। वह कहती हैं कि कामयाबी तभी मिल सकती है जब लक्ष्य स्पष्ट हो और तनाव से बाहर निकलकर तैयारी की जाए।