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मेयर के आरोप सच हैं या झूठ.. शासन ने कमिश्नर से मांगी रिपोर्ट
Updated Wed, 21 Nov 2018 02:15 AM IST
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बरेली। नगर निगम बोर्ड की बैठक में वार्ड 58 गुलाबनगर के पार्षद विपुल लाला से कहासुनी के बाद मेयर उमेश गौतम ने उनकी बर्खास्तगी के लिए शासन को पत्र लिखा था। इस मामले में कार्रवाई शुरू करते हुए शासन ने कमिश्नर से पूरे प्रकरण पर रिपोर्ट मांगी है।
नगर निगम चुनाव के बाद से ही मेयर उमेश गौतम और भाजपा पार्षद विपुल लाला के बीच अनबन शुरू हो गई थी। शपथग्रहण समारोह में भी विपुल ने शपथ न दिलाने के तरीके पर सवाल उठाए थे। इसके बाद बोर्ड की बैठकों में दोनों के बीच कटुता नजर आने लगी। 25 जून को हुई बोर्ड की बैठक में नगर निगम में टैक्स कम करने के प्रस्ताव की प्रक्रिया पर ही विपुल ने सवाल खड़े कर दिए थे। इसे लेकर मेयर से उनकी तीखी नोकझोंक हुई। मेयर ने इस प्रकरण सदन की कार्यवाही में दर्ज करा दिया और फिर प्रमुख सचिव नगर विकास को पत्र लिखकर विपुल लाला पर अनुशासनहीनता और पार्टी की छवि खराब करने के आरोप लगाते हुए सदस्यता से बर्खास्त करने को कहा। शिकायत के करीब पांच महीने बाद इस प्रकरण पर कार्रवाई शुरू हो गई है। नगर विकास भवन के प्रमुख सचिव अनिल बाजपेयी ने कमिश्नर रणवीर प्रसाद को पत्र लिखकर तथ्यात्मक जांच कर आख्या देने को कहा है।
मैं नोटिस का इंतजार कर रहा हूं, उसका जवाब दूंगा। अगर गलत तरीके से कोई कार्रवाई की गई तो कोर्ट जाऊंगा। मेयर बताएं कि मैंने कौन सा अमर्यादित शब्द कहा और कौन-कौन से पार्षद उसके गवाह हैं। - विपुल लाला, पार्षद
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सदन में किसी की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं है। अब सब समझ में आ जाएगा। अमर्यादित शब्द क्या कहा, यह तो याद नहीं है लेकिन शासन को भेजे पत्र में सब कुछ लिखा गया है। - उमेश्ऋा गौतम, मेयर
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नगर निगम चुनाव के बाद से ही मेयर उमेश गौतम और भाजपा पार्षद विपुल लाला के बीच अनबन शुरू हो गई थी। शपथग्रहण समारोह में भी विपुल ने शपथ न दिलाने के तरीके पर सवाल उठाए थे। इसके बाद बोर्ड की बैठकों में दोनों के बीच कटुता नजर आने लगी। 25 जून को हुई बोर्ड की बैठक में नगर निगम में टैक्स कम करने के प्रस्ताव की प्रक्रिया पर ही विपुल ने सवाल खड़े कर दिए थे। इसे लेकर मेयर से उनकी तीखी नोकझोंक हुई। मेयर ने इस प्रकरण सदन की कार्यवाही में दर्ज करा दिया और फिर प्रमुख सचिव नगर विकास को पत्र लिखकर विपुल लाला पर अनुशासनहीनता और पार्टी की छवि खराब करने के आरोप लगाते हुए सदस्यता से बर्खास्त करने को कहा। शिकायत के करीब पांच महीने बाद इस प्रकरण पर कार्रवाई शुरू हो गई है। नगर विकास भवन के प्रमुख सचिव अनिल बाजपेयी ने कमिश्नर रणवीर प्रसाद को पत्र लिखकर तथ्यात्मक जांच कर आख्या देने को कहा है।
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मैं नोटिस का इंतजार कर रहा हूं, उसका जवाब दूंगा। अगर गलत तरीके से कोई कार्रवाई की गई तो कोर्ट जाऊंगा। मेयर बताएं कि मैंने कौन सा अमर्यादित शब्द कहा और कौन-कौन से पार्षद उसके गवाह हैं। - विपुल लाला, पार्षद
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सदन में किसी की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं है। अब सब समझ में आ जाएगा। अमर्यादित शब्द क्या कहा, यह तो याद नहीं है लेकिन शासन को भेजे पत्र में सब कुछ लिखा गया है। - उमेश्ऋा गौतम, मेयर