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बिना रिजल्ट आए ही मिल जाएगा सेकेंड ईयर में प्रवेश
Updated Fri, 14 Jul 2017 01:35 AM IST
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बरेली।
इंजीनियरिंग विभाग छोड़कर रुहेलखंड विश्वविद्यालय के सभी विभाग सोमवार को खुल गए। पर दिलचस्प यह है कि अभी तक कैंपस में संचालित अधिकतर कोर्स के परिणाम नहीं आए हैं। कई विषयों का तो अभी मूल्यांकन ही हो रहा है। बिना परिणाम जारी हुए ही छात्रों को मजबूरन अगली कक्षा में एडमिशन देना होगा। सोमवार को सभी विभागों के हेड ने एडमिशन प्रक्रिया का जायजा लिया।
कंप्यूटर सेंटर से एडमिशन को आए आवेदनों का ब्योरा मांगा है। विभागाध्यक्षों का कहना है कि इसी सप्ताह मेरिट बनाने का कार्य शुरू कर देंगे। जल्द एडमिशन का कार्य पूरा कर लिया जाएगा ताकि समय से कक्षाओं का। संचालन किया जा सके। जो आवेदन आए हैं उनकी मेरिट जारी की जाएगी और उसी अनुसार एडमिशन होंगे। कैंपस में संचालित कोर्स के आवेदन पूरे हो गए हैं। 460 सीटों के लिए 583 आवेदन आए हैं।
विभागों में नहीं लगा बायोेमेट्रिक सिस्टम
शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने और नियमित कक्षाओं का संचालन हो सके इसलिए प्रत्येक विभाग में बायोमेट्रिक मशीन और सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना थी। तय हुआ था कि शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी, पर ऐसा हुआ नहीं। बता दें कि विवि में कक्षा संचालन की व्यवस्था बहुत लचर है। नियमित क्लास नहीं लगती। बायोमेट्रिक लगने से शिक्षकों पर कुछ दबाव बनता और कक्षा संचालन की स्थिति दुरुस्त होती। वहीं सूत्रों की मानें तो प्रशासनिक भवन में बायोमेट्रिक लगाने को लेकर विवाद शुरू हो गया है। मशीनें आ गई थीं पर उनको लगाया नहीं गया।
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इंजीनियरिंग विभाग छोड़कर रुहेलखंड विश्वविद्यालय के सभी विभाग सोमवार को खुल गए। पर दिलचस्प यह है कि अभी तक कैंपस में संचालित अधिकतर कोर्स के परिणाम नहीं आए हैं। कई विषयों का तो अभी मूल्यांकन ही हो रहा है। बिना परिणाम जारी हुए ही छात्रों को मजबूरन अगली कक्षा में एडमिशन देना होगा। सोमवार को सभी विभागों के हेड ने एडमिशन प्रक्रिया का जायजा लिया।
कंप्यूटर सेंटर से एडमिशन को आए आवेदनों का ब्योरा मांगा है। विभागाध्यक्षों का कहना है कि इसी सप्ताह मेरिट बनाने का कार्य शुरू कर देंगे। जल्द एडमिशन का कार्य पूरा कर लिया जाएगा ताकि समय से कक्षाओं का। संचालन किया जा सके। जो आवेदन आए हैं उनकी मेरिट जारी की जाएगी और उसी अनुसार एडमिशन होंगे। कैंपस में संचालित कोर्स के आवेदन पूरे हो गए हैं। 460 सीटों के लिए 583 आवेदन आए हैं।
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विभागों में नहीं लगा बायोेमेट्रिक सिस्टम
शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने और नियमित कक्षाओं का संचालन हो सके इसलिए प्रत्येक विभाग में बायोमेट्रिक मशीन और सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना थी। तय हुआ था कि शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी, पर ऐसा हुआ नहीं। बता दें कि विवि में कक्षा संचालन की व्यवस्था बहुत लचर है। नियमित क्लास नहीं लगती। बायोमेट्रिक लगने से शिक्षकों पर कुछ दबाव बनता और कक्षा संचालन की स्थिति दुरुस्त होती। वहीं सूत्रों की मानें तो प्रशासनिक भवन में बायोमेट्रिक लगाने को लेकर विवाद शुरू हो गया है। मशीनें आ गई थीं पर उनको लगाया नहीं गया।
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