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छोटे से चीरे से जुड़ जाएगी जांघ की हड्डी
Updated Sun, 09 Jul 2017 01:31 AM IST
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बरेली।
बरेली आर्थोपेडिक एसोसिएशन की सर्जरी कार्यशाला में डॉक्टरों को नई तकनीक से रूबरू कराया गया। विशेषज्ञ डॉ. मुकेश जैन से घुटने के जोड़ के फ्रै क्चर की आधुनिक विधि द्वारा सर्जरी को सीखने के लिए शहर के कई हड्डी रोग विशेषज्ञ इकट्ठा हुए। डॉ. जैन ने घुटने के जोड़ के फ्रैक्चर को स्विटजरलैंड में ईजाद हुई तकनीक के बारे में बताया। मुख्य अतिथि केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार व रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. केशव कुमार अग्रवाल शामिल हुए।
उन्हाेंने बताया कि जांघ के नीचे सिरे की हड्डी जहां से घुटने का जोड़ बनता है वह टूटने पर इसी तकनीक से बहुत ही छोटे चीरे से टाइटेनियम प्लेट द्वारा जोड़ा जाता है। इस तकनीक से जुड़ने के बाद यह पहले की तरह की काम लायक हो जाता है।
नोएडा से डॉ. जीएस शुक्ला ने वेरिएबल एंगल प्लेट के बारे में बताया। आयोजन सचिव डॉ. विनोद पागरानी ने बताया कि बाइक का चलन बढ़ने से घुटने की चोटाें में बढ़ोत्तरी हुई है।
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उन्होंने घुटने में होने वाले फ्रैक्चर और उनको ठीक करने के बारे में जानकारी दी। डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी ने कार्यशाला के बारे में अवगत कराया। डॉक्टराें ने सवाल भी पूछे, जिसका जवाब विशेषज्ञों ने दिया। चेयरमैन डॉ. सत्येंद्र सिंह ने सभी का स्वागत किया। कार्यक्रम में डॉ. मनोज हिरानी, आरजी शर्मा, अरविंद अग्रवाल, एपी अग्रवाल, जेके अग्रवाल, राघवेंद्र शर्मा, आलोक शर्मा, आदित्य माहेश्वरी, केपी गंगवार, डॉ. भास्कर व अन्य शामिल रहे।
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बरेली आर्थोपेडिक एसोसिएशन की सर्जरी कार्यशाला में डॉक्टरों को नई तकनीक से रूबरू कराया गया। विशेषज्ञ डॉ. मुकेश जैन से घुटने के जोड़ के फ्रै क्चर की आधुनिक विधि द्वारा सर्जरी को सीखने के लिए शहर के कई हड्डी रोग विशेषज्ञ इकट्ठा हुए। डॉ. जैन ने घुटने के जोड़ के फ्रैक्चर को स्विटजरलैंड में ईजाद हुई तकनीक के बारे में बताया। मुख्य अतिथि केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार व रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. केशव कुमार अग्रवाल शामिल हुए।
उन्हाेंने बताया कि जांघ के नीचे सिरे की हड्डी जहां से घुटने का जोड़ बनता है वह टूटने पर इसी तकनीक से बहुत ही छोटे चीरे से टाइटेनियम प्लेट द्वारा जोड़ा जाता है। इस तकनीक से जुड़ने के बाद यह पहले की तरह की काम लायक हो जाता है।
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नोएडा से डॉ. जीएस शुक्ला ने वेरिएबल एंगल प्लेट के बारे में बताया। आयोजन सचिव डॉ. विनोद पागरानी ने बताया कि बाइक का चलन बढ़ने से घुटने की चोटाें में बढ़ोत्तरी हुई है।
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उन्होंने घुटने में होने वाले फ्रैक्चर और उनको ठीक करने के बारे में जानकारी दी। डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी ने कार्यशाला के बारे में अवगत कराया। डॉक्टराें ने सवाल भी पूछे, जिसका जवाब विशेषज्ञों ने दिया। चेयरमैन डॉ. सत्येंद्र सिंह ने सभी का स्वागत किया। कार्यक्रम में डॉ. मनोज हिरानी, आरजी शर्मा, अरविंद अग्रवाल, एपी अग्रवाल, जेके अग्रवाल, राघवेंद्र शर्मा, आलोक शर्मा, आदित्य माहेश्वरी, केपी गंगवार, डॉ. भास्कर व अन्य शामिल रहे।