{"_id":"5cba2626bdec2213f6785478","slug":"171555703334-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोदी के कनेक्शन से पहले माया-अखिलेश कर गए ‘वैक्सीनेशन’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोदी के कनेक्शन से पहले माया-अखिलेश कर गए ‘वैक्सीनेशन’
विज्ञापन
मोदी के कनेक्शन से पहले माया-अखिलेश कर गए ‘वैक्सीनेशन’
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महाराष्ट्र में खेले गए पिछड़ा और दलित कार्ड से सतर्क सपा-बसपा गठबंधन के नेता मायावती और अखिलेश यादव ने शुक्रवार को देवचरा में हुई चुनावी सभा में दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग पर फोकस रखा। गठबंधन के नेताओं ने मतदाताओं को मोदी से सतर्क रहने और एक-दूसरे दलों को खुले दिल से अपना वोट ट्रांसफर करने का संदेश दे दिया। मायावती का मुसलमानों पर खास फोकस रहा।
मायावती और अखिलेश की चुनावी सभा के अगले ही दिन यानी 20 अप्रैल को इसी इलाके में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा होनी है। इसे ध्यान में रखते हुए मायावती और अखिलेश यादव ने देवचरा बाजार की संयुक्त सभा में बरेली, आंवला और बदायूं के दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक मतदाताओं का ‘वैक्सीनेशन’ करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मायावती ने 30 मिनट का भाषण दिया वहीं सपा मुखिया 15 मिनट ही बोले। मायावती ने भाजपा और मोदी को दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक विरोधी बताया। चुनाव आयोग को भी दलित विरोधी करार देकर दलितों में माहौल बनाने की कोशिश की। मुसलमानों की कमजोर आर्थिक हालत का बयान कर यह जताने की कोशिश की कि अगर भाजपा को रोकना है तो उनका वोट कांग्रेस से बंटने के बजाय सिर्फ गठबंधन को मिले। दलित और मुस्लिमों को प्रभावित करने के लिए भाजपा पर बार-बार हमला करते हुए मतदाताओं से कहा कि इस बार गुमराह न हों। दूसरी ओर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सबसे पहले पूछा कि इस सभा में दूध वाले आए हैं या नहीं। जवाब में आवाज आई कि आए हैं तो बोले, पिछली बार तो चाय के चक्कर में आप लोग इधर-उधर चले गए थे, लेकिन इस बार कहीं मत जाना। गठबंधन के प्रत्याशियों को ही जिताना।
विज्ञापन
मायावती और अखिलेश की चुनावी सभा के अगले ही दिन यानी 20 अप्रैल को इसी इलाके में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा होनी है। इसे ध्यान में रखते हुए मायावती और अखिलेश यादव ने देवचरा बाजार की संयुक्त सभा में बरेली, आंवला और बदायूं के दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक मतदाताओं का ‘वैक्सीनेशन’ करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मायावती ने 30 मिनट का भाषण दिया वहीं सपा मुखिया 15 मिनट ही बोले। मायावती ने भाजपा और मोदी को दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक विरोधी बताया। चुनाव आयोग को भी दलित विरोधी करार देकर दलितों में माहौल बनाने की कोशिश की। मुसलमानों की कमजोर आर्थिक हालत का बयान कर यह जताने की कोशिश की कि अगर भाजपा को रोकना है तो उनका वोट कांग्रेस से बंटने के बजाय सिर्फ गठबंधन को मिले। दलित और मुस्लिमों को प्रभावित करने के लिए भाजपा पर बार-बार हमला करते हुए मतदाताओं से कहा कि इस बार गुमराह न हों। दूसरी ओर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सबसे पहले पूछा कि इस सभा में दूध वाले आए हैं या नहीं। जवाब में आवाज आई कि आए हैं तो बोले, पिछली बार तो चाय के चक्कर में आप लोग इधर-उधर चले गए थे, लेकिन इस बार कहीं मत जाना। गठबंधन के प्रत्याशियों को ही जिताना।
विज्ञापन