फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   मिट्टी पर तारकोल क्यों बिछाया अब शासन से को ही बताना

मिट्टी पर तारकोल क्यों बिछाया अब शासन से को ही बताना

Thu, 11 Apr 2019 01:56 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 11 Apr 2019 01:56 AM IST
विज्ञापन
मिट्टी पर तारकोल क्यों बिछाया अब शासन से को ही बताना
बरेली। परसाखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में पुरानी सड़क और मिट्टी पर ही हॉटमिक्स से सड़क बनाने का मामला ऊपर पहुंच गया है। कमिश्नर ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा है कि यह प्रकरण शासन को भेजा जाएगा क्योंकि गुणवत्ता की अनदेखी कर मनमानी किए जाने की शिकायतें पहले भी मिल चुकी हैं। उधर, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम यानी यूपीएसआईडीसी के इंजीनियरिंग सेक्शन ने मामले पर लीपापोती की कोशिश शुरू कर दी है। ठेकेदार से कहा गया है कि कोई जांच शुरू होने से पहले ही सारी खामियां दुरुस्त कर ली जाएं। कुछ उद्यमियों से भी अपने पक्ष में बयान लेने की कोशिश शुरू हो गई है।
विज्ञापन

दो महीने पहले मंडलीय उद्योग बंधु बैठक में कुछ उद्यमियों ने परसाखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में यूपीएसआईडीसी द्वारा कराए जा रहे घटिया सड़क निर्माण और मनमानी करने का मामला उठाया था। इस पर कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने के लिए मुख्य सचिव और विभागीय प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा था। इस पर कागजी जांच ही होकर रह गई लिहाजा घटिया काम जारी रहा। यूपीएसआईडीसी की कार्यशैली ‘अमर उजाला’ ने लाइव रिपोर्ट प्रकाशित की तो कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने इसे गंभीरता से लेते हुए फिर से मुख्य सचिव और प्रबंध निदेशक तक मामला पहुंचाने और घटिया निर्माण कार्य कराने वालों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए कहा जाएगा। बता दें, मुख्य सचिव ही यूपीएसआईडीसी चेयरमैन भी हैं।
विज्ञापन


बरेली से लखनऊ तक हैं घोटाले की कड़ियां
परसाखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में हॉटमिक्स सड़क यूपीएसआईडीसी की ओर से बनाई जा रही जा रही है। सड़क निर्माण प्रोजेक्ट सहायक अभियंता राजकमल देख रहे हैं। करोड़ों रुपये के घोटाले और उच्चस्तरीय जांचों में फंसे यूपीएसआईडीसी के पूर्व चीफ इंजीनियर अरुण मिश्रा के करीबी माने जाने वाले राजकमल लखनऊ कार्यालय में बैठते हैं। पिछले दिनो पूर्व चीफ इंजीनियर मिश्रा का एक बंगला दिल्ली स्थित पृथ्वीराज मार्ग पर जांच एजेंसियों ने सीज भी किया था। घोटालों में लिप्त मिश्रा को यूपीएसआईडीसी एमडी रणवीर प्रसाद (मौजूदा बरेली कमिश्नर) ने ही सस्पेंड किया था। मिश्रा के नजदीकी सहायक अभियंता राजकमल कभी-कभी परसाखेड़ा और बहेड़ी में फूड पार्क में चल रहे सिविल कार्य परखने आते हैं। बताया जाता है कि उनके यह दौरे ठेकेदारों से मिलने के लिए बनते हैं। अमर उजाला में यूपीएसआईडीसी का कारनामा और घटिया निर्माण संबंधी खबर छपते ही राजकमल ने लखनऊ में अपने अधिशासी अधिशासी एनके आदर्श को भ्रामक जानकारी दे दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


हमें दो महीने पहले भी घटिया काम होने की जानकारी मिली थी, तब कार्रवाई के लिए लिखा गया था। फिर से मुख्य सचिव व यूपीएसआईडीसी चेयरमैन और प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर घटिया काम की जानकारी दी जाएगी, जिससे गड़बड़ी में शामिल लोगों पर प्रभावी कार्रवाई हो सके। - रणवीर प्रसाद, कमिश्नर


सहायक अभियंता राजकमल से बुधवार को जानकारी मिली है। यूपीएसआईडीसी परसाखेड़ा में काम करा रहा है। गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। पूर्व चीफ अरुण मिश्रा के करीबी हों या फिर किसी और के, किसी को बख्शा नहीं जाएगा। इससे पहले मिली शिकायत पर जांच करा चुके हैं। - एनके आदर्श, एक्सईएन यूपीएसआईडीसी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed