फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   बरेली-मुरादाबाद नेशनल हाईवे : सिक्स लेन के लिए एनएचएआई को नहीं करना पड़ेगा अधिग्रहण

बरेली-मुरादाबाद नेशनल हाईवे : सिक्स लेन के लिए एनएचएआई को नहीं करना पड़ेगा अधिग्रहण

Sun, 03 Feb 2019 01:55 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली Published by: Priyesh Mishra Updated Sun, 03 Feb 2019 01:55 AM IST
विज्ञापन
बरेली-मुरादाबाद नेशनल हाईवे : सिक्स लेन के लिए एनएचएआई को नहीं करना पड़ेगा अधिग्रहण
प्रतीकात्मक तस्वीर
बरेली। बरेली-मुरादाबाद के बीच एनएच-24 को सिक्स लेन करने के लिए एनएचएआई को भूमि अधिग्रहण करने की जरूरत नहीं होगी। एनएचएआई ने करीब दस साल पहले किसानों से जमीन ले ली थी, जो खाली पड़ी है। एनएचएआई मुरादाबाद के अफसरों ने इस संबंध में जिला प्रशासन को यही जानकारी दी है।
विज्ञापन


हापुड़ से बरेली के बीच सिक्स लेन का निर्माण होना है। इसके लिए एनएचएआई के अधिकारियों को मुरादाबाद से बरेली के बीच करीब 90 किलोमीटर रोड के चौड़ीकरण का काम करना है। इसके लिए जिला प्रशासन को भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि एनएचएआई ने वर्ष 2009-10 में मुरादाबाद से बरेली के बीच पहले ही जमीन का अधिग्रहण कर लिया था। जिला भूमि अध्यापित अधिकारी सुल्तान अशरफ सिद्दीकी ने बताया कि मुरादाबाद से आए एनएचएआई के परियोजना अधिकारी बीके बंसल से उनकी इस मामले में बातचीत हुई थी तो उन्होंने यह स्पष्ट तौर से बताया कि बरेली-मुरादाबाद के बीच रोड चौड़ीकरण के लिए उनके पास पहले से ही जमीन उपलब्ध है।
विज्ञापन


कम मुआवजा देकर ज्यादा जमीन लेने के सामने आ चुके मामले
बरेली-मुरादाबाद के बीच एनएचएआई के जमीन अधिग्रहण में कई गड़बड़ी सामने आ चुकी हैं। कई किसानों का कहना है कि उनका पूरा मुआवजा ही नहीं दिया गया है। एक ऐसा ही मामला सामने आया है। शहर के बिहारीपुर मेमरान के नीरज शर्मा का कहना है कि वर्ष 2009 में मीरगंज के पिपरा मिलक में मुरादाबाद हाईवे के लिए उनकी भी 332 वर्गमीटर जमीन का अधिग्रहण किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्ष 2011 में जिला प्रशासन ने उनकी जमीन के सर्किल रेट 3000 की बजाय 300 वर्गमीटर कर दिया था। इस गलत आदेश के खिलाफ जब उन्होंने डीएम की कोर्ट में मामला दर्ज हुआ तो ढाई हजार के हिसाब से मुआवजा देने के आदेश दे दिया। नीरज का कहना है कि इस मामले को जिला न्यायालय में उठाया तो कोर्ट ने डीएम के आदेश को निरस्त कर दिया।

इसके बावजूद उसे अब तक सर्किल रेट के हिसाब से पूरा भुगतान नहीं मिला है। इसलिए उन्होंने अभी जनवरी में ही राष्ट्रपति को लेटर देकर इच्छा मृत्यु मांगी है। इधर, विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी के यहां कई किसानों ने यह भी शिकायतें दर्ज कराई है कि एनएचएआई ने उनकी ज्यादा जमीन ले ली है। इसका पेमेंट भी नहीं मिला है।

जमीन को खेती के लिए देेने से किया मना
बरेली-मुरादाबाद के बीच सड़क के दोनों ओर अधिग्रहण की गई जमीन करीब एक दशक से खाली पड़ी है। कई किसानों ने एसएलएओ के यहां इस संबंध में प्रार्थना पत्र भी दिया है कि जब तक रोड नहीं बनती, उन्हें इसका उपयोग खेती करने के लिए दे दिया जाए। हालांकि एनएचएआई के अधिकारियों ने इसकी इजाजत देने से इंकार कर दिया है।


‘बरेली-मुरादाबाद के बीच जमीन का अधिग्रहण पूर्व में ही हो चुका है लेकिन सिक्स लेन करने के लिए एनएचएआई को अब भूमि अधिग्रहण की जरूरत नहीं है। एनएचएआई के अफसरों ने इस संबंध में जानकारी दे दी है।’
- सुल्तान अशरफ सिद्दीकी, एसएलएओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed