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महीनों से खुर्रम गौंटिया में पानी की किल्लत
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Fri, 08 Jun 2018 01:56 AM IST
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protest on water
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मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के पांच महीने पहले बरेली आने के दौरान नगर निगम ने खुर्रम गौंटिया रोड पर पानी की क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को ठीक कराने के बजाय वाल्व बंद करके जलापूर्ति ही रोक दी। खुर्रम गौंटिया, रामवाटिका और सेमलखेड़ा आदि इलाके के लोग तभी से पानी को तरस रहे हैं। पानी न मिलने से खफा खुर्रम गौंटिया की महिलाओं ने सप्ताह भर बाद गुरुवार को सड़क पर बाल्टियां रखकर फिर जाम लगा दिया। जाम खुलवाने के लिए पुलिस ने महिलाओं को उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने का डर दिखाया तो एक महिला ने जान देने की धमकी दे दी। हालांकि आधा घंटे बाद पुलिस ने सख्ती करके जाम खुलवा दिया।
खुर्रम गौंटिया में पांच महीने से पानी का गंभीर संकट है। इलाके के लोगों का कहना है कि नगर निगम चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री बरेली आए थे। उस वक्त ईसाइयों की पुलिया पर पाइप लाइन फट गई थी और उससे पानी बह रहा था। मुख्यमंत्री के सड़क मार्ग से गुजरने के दौरान उन्हें कोई कमी न दिखे इस जल्दबाजी में नगर निगम ने पाइप लाइन को ठीक कराने के बजाय वाल्व बंद करके पानी की सप्लाई ही रोक दी। इससे खुर्रम गौंटिया, सेमलखेड़ा, रामवाटिका आदि इलाके में पेयजल संकट खड़ा हो गया। परेशान महिलाओं ने पिछले सप्ताह बुधवार को बाल्टियां सड़क पर रखकर जाम लगाया था। तब नगर निगम के अफसरों ने पाइप लाइन टीक कराके तुरंत पानी की सप्लाई सुचारु कराने का वादा किया लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे नाराज महिलाओं और बच्चों ने बृहस्पतिवार दोपहर खुर्रम गौंटिया में सड़क पर बाल्टियां रखकर फिर से जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं को हटाने का प्रयास किया तो वे पुलिस से भिड़ गईं। सब इंस्पेक्टर ने रिपोर्ट दर्ज कराने की चेतावनी दी तो एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की धमकी दे डाली। मगर पुलिस ने सख्ती दिखाकर जाम खुलवा दिया।
महिलाओं ने निगम के खिलाफ दी तहरीर
महिलाओं ने बारादरी इंस्पेक्टर को नगर निगम के खिलाफ तहरीर दी। इसमें जानबूझकर पानी की सप्लाई रोकने का आरोप लगाया गया है। महिलाओं का कहना था कि पार्षद राजेश अग्रवाल भी चुनाव जीतने के बाद इधर झांकने नहीं आए हैं। इधर, पार्षद का कहना है जलकल अनुभाग के अफसर काम ही नहीं करते हैं। अगर चार दिन में पानी नहीं आया तो वह भी जनता के साथ धरने पर बैठेंगे।
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एक मीटर गहराई में पहुंची लाइन
जलकल अनुभाग के जेई पीसी आर्या ने बताया कि पाइपलाइन करीब 25 साल पुरानी है। सड़क बनते-बनते उसके ऊपर करीब एक मीटर मोटी परत पड़ चुकी है। मालियों की पुलिया पर गड्ढा खोदकर जल निगम ने पाइपलाइन की लीकेज तो ढूंढ ली है। बाईपास कर एक नई लाइन भी डाल दी है। मगर वाल्व ढूंढने में अब तक कामयाबी नहीं मिली है। उसे ढूंढा जा रहा हैं।
वर्जन
मौके पर जलनिगम और निगम के अफसरों ने जांच की थी। खुर्रम गौंटिया की समस्या के समाधान के प्रयास हो रहे हैं। पाइपलाइन डालकर कुछ क्षेत्र की समस्या दूर भी की जा चुकी है। - राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त
खुर्रम गौंटिया में पांच महीने से पानी का गंभीर संकट है। इलाके के लोगों का कहना है कि नगर निगम चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री बरेली आए थे। उस वक्त ईसाइयों की पुलिया पर पाइप लाइन फट गई थी और उससे पानी बह रहा था। मुख्यमंत्री के सड़क मार्ग से गुजरने के दौरान उन्हें कोई कमी न दिखे इस जल्दबाजी में नगर निगम ने पाइप लाइन को ठीक कराने के बजाय वाल्व बंद करके पानी की सप्लाई ही रोक दी। इससे खुर्रम गौंटिया, सेमलखेड़ा, रामवाटिका आदि इलाके में पेयजल संकट खड़ा हो गया। परेशान महिलाओं ने पिछले सप्ताह बुधवार को बाल्टियां सड़क पर रखकर जाम लगाया था। तब नगर निगम के अफसरों ने पाइप लाइन टीक कराके तुरंत पानी की सप्लाई सुचारु कराने का वादा किया लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे नाराज महिलाओं और बच्चों ने बृहस्पतिवार दोपहर खुर्रम गौंटिया में सड़क पर बाल्टियां रखकर फिर से जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं को हटाने का प्रयास किया तो वे पुलिस से भिड़ गईं। सब इंस्पेक्टर ने रिपोर्ट दर्ज कराने की चेतावनी दी तो एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की धमकी दे डाली। मगर पुलिस ने सख्ती दिखाकर जाम खुलवा दिया।
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महिलाओं ने निगम के खिलाफ दी तहरीर
महिलाओं ने बारादरी इंस्पेक्टर को नगर निगम के खिलाफ तहरीर दी। इसमें जानबूझकर पानी की सप्लाई रोकने का आरोप लगाया गया है। महिलाओं का कहना था कि पार्षद राजेश अग्रवाल भी चुनाव जीतने के बाद इधर झांकने नहीं आए हैं। इधर, पार्षद का कहना है जलकल अनुभाग के अफसर काम ही नहीं करते हैं। अगर चार दिन में पानी नहीं आया तो वह भी जनता के साथ धरने पर बैठेंगे।
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एक मीटर गहराई में पहुंची लाइन
जलकल अनुभाग के जेई पीसी आर्या ने बताया कि पाइपलाइन करीब 25 साल पुरानी है। सड़क बनते-बनते उसके ऊपर करीब एक मीटर मोटी परत पड़ चुकी है। मालियों की पुलिया पर गड्ढा खोदकर जल निगम ने पाइपलाइन की लीकेज तो ढूंढ ली है। बाईपास कर एक नई लाइन भी डाल दी है। मगर वाल्व ढूंढने में अब तक कामयाबी नहीं मिली है। उसे ढूंढा जा रहा हैं।
वर्जन
मौके पर जलनिगम और निगम के अफसरों ने जांच की थी। खुर्रम गौंटिया की समस्या के समाधान के प्रयास हो रहे हैं। पाइपलाइन डालकर कुछ क्षेत्र की समस्या दूर भी की जा चुकी है। - राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त