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‘भीड़ हिंसा के बढ़ते मामले रोकने में सरकार नाकाम’
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बरेली। भीड़ हिंसा, हत्या, दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए शनिवार को विभिन्न राजनीतिक दल, सामाजिक समितियों और मुस्लिम संगठनों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। उन्होंने देश में धर्म-मजहब के नाम पर हो रही भीड़ हिंसा को रोकने में भाजपा सरकार को नाकाम बताते हुए मामले का संज्ञान लेक र कार्रवाई की मांग की है। इसमें महानगर कांग्रेस कमेटी, आल इंडिया रजा एक्शन कमेटी, ताजीम-ए-मुसीबत जदा वेलफेयर सोसायटी शामिल हैं।
महानगर कांग्रेस कमेटी के चौधरी असलम मियां ने कहा कि प्रदेश सरकार जनविरोधी और सांप्रदायिक नीतियों के तहत देश की संप्रुभता को खंडित कर रही है। भीड़ हिंसा के नाम पर बेकसूर निहत्थे लोगों की हत्या हो रही है। आल इंडिया रजा एक्शन कमेटी के नायब सदर व युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अदनान रजा कादरी के नेतृत्व में सौंपे ज्ञापन में कहा है कि पीएम सबका साथ और सबका विकास की बात करते हैं लेकिन मुस्लिम और दलित के साथ हो रही भीड़ हिंसा पर खामोश रहते हैं। ताजीम-ए-मुसीबत जदा वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष रौशनी खान ने आपत्तिजनक नारे लगाने और बेगुनाह की हत्या व अत्याचार पर रोक लगाने की मांग की है।
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महानगर कांग्रेस कमेटी के चौधरी असलम मियां ने कहा कि प्रदेश सरकार जनविरोधी और सांप्रदायिक नीतियों के तहत देश की संप्रुभता को खंडित कर रही है। भीड़ हिंसा के नाम पर बेकसूर निहत्थे लोगों की हत्या हो रही है। आल इंडिया रजा एक्शन कमेटी के नायब सदर व युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अदनान रजा कादरी के नेतृत्व में सौंपे ज्ञापन में कहा है कि पीएम सबका साथ और सबका विकास की बात करते हैं लेकिन मुस्लिम और दलित के साथ हो रही भीड़ हिंसा पर खामोश रहते हैं। ताजीम-ए-मुसीबत जदा वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष रौशनी खान ने आपत्तिजनक नारे लगाने और बेगुनाह की हत्या व अत्याचार पर रोक लगाने की मांग की है।
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