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मसलके आला हजरत के खिलाफ बोलने वालों से खत्म कर दें तल्लुकात
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बरेली। उर्स ताजुश्शरीया को लेकर कर मस्जिदों के इमामों की बैठक आला हजरत दरगाह पर आयोजित की गई। इसमें साफ तौर पर एलान कर दिया गया है कि मसलके आला हजरत के खिलाफ बोलने वालों से ताल्लुकात खत्म कर दें।
ताजुश्शरीया हजरत अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) का दो रोजा उर्स 9 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। इसके लिए मंगलवार को काजी उल कुज्जात मुफ्ती असजद रजा खां कादरी की सदारत में बैठक हुई। इसमें जमात रजा मुस्तफा के पदाधिकारियों के साथ शहर भर के इमाम शामिल हुए। तमाम व्यवस्थाओं के साथ तय किया गया कि उर्स के स्टेज पर वहीं लोग ड्यूटी पर रहेंगे जो मंच पर बैठने वालों को जानते होंगे। इसके साथ ही इमामों के हालात पर और उनकी सुविधाओं पर भी चर्चा हुई।
इस दौरान कहा गया कि इमाम अपनी मस्जिदों के इलाके के रहनुमा हैं वह वहां की बुराईयों को रोकने का काम करें। साथ ही यह उम्मीद भी जताई गई कि इमाम सुन्नियत पर मजबूती से काम करें और गैर-मसलकी विचार फैलाने वालों से लोगों को बचाएं। साथ ही वह उर्स से पहले पड़ने वाले जुमा में लोगों को ताजुश्शरीया की जिंदगी से रूबरू कराएं। पूर्व में जमात के उपाध्यक्ष सलमान मियां ने बैठक का एजेंडा रखा। आखिर में असजद मियां ने दुआ की। संचालन मुफ्ती मुनाफ रजा ने किया। बैठक में समरान खान, मोईन खान, सलीम सुल्तानी, डा. मेंहदी हसन, सुहैब रजा, वसीम हुसैन, अत्थर मियां, सैयद सैफी आदि मौजूद रहे।
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ताजुश्शरीया हजरत अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) का दो रोजा उर्स 9 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। इसके लिए मंगलवार को काजी उल कुज्जात मुफ्ती असजद रजा खां कादरी की सदारत में बैठक हुई। इसमें जमात रजा मुस्तफा के पदाधिकारियों के साथ शहर भर के इमाम शामिल हुए। तमाम व्यवस्थाओं के साथ तय किया गया कि उर्स के स्टेज पर वहीं लोग ड्यूटी पर रहेंगे जो मंच पर बैठने वालों को जानते होंगे। इसके साथ ही इमामों के हालात पर और उनकी सुविधाओं पर भी चर्चा हुई।
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इस दौरान कहा गया कि इमाम अपनी मस्जिदों के इलाके के रहनुमा हैं वह वहां की बुराईयों को रोकने का काम करें। साथ ही यह उम्मीद भी जताई गई कि इमाम सुन्नियत पर मजबूती से काम करें और गैर-मसलकी विचार फैलाने वालों से लोगों को बचाएं। साथ ही वह उर्स से पहले पड़ने वाले जुमा में लोगों को ताजुश्शरीया की जिंदगी से रूबरू कराएं। पूर्व में जमात के उपाध्यक्ष सलमान मियां ने बैठक का एजेंडा रखा। आखिर में असजद मियां ने दुआ की। संचालन मुफ्ती मुनाफ रजा ने किया। बैठक में समरान खान, मोईन खान, सलीम सुल्तानी, डा. मेंहदी हसन, सुहैब रजा, वसीम हुसैन, अत्थर मियां, सैयद सैफी आदि मौजूद रहे।
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