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देर से खुले स्कूल और समय से पहले घर लौट गए शिक्षक

Wed, 26 Jun 2019 02:31 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jun 2019 02:31 AM IST
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देर से खुले स्कूल और समय से पहले घर लौट गए शिक्षक
बरेली। पिछले दिनों मुख्यमंत्री के आदेश को धता बताते हुए परिषदीय स्कूल खोलने से इनकार कर रहे शिक्षक मंगलवार को ‘राइट टाइम’ नजर जाए। वे सुबह स्कूल पहुंचे और फाइलों पर पड़ी धूल साफ की। कक्षों और परिसर में झाड़ू भी लगाई लेकिन व्हाट्सएप ग्रुप पर फोटो पोस्ट करने में शिक्षकों ने ‘खेल’ कर दिया। ज्यादातर विद्यालयों में अव्यवस्था हावी रही। सूत्रों के मुताबिक कहीं समय से पहले विद्यालय स्टाफ पहुंचा तो कहीं खानापूर्ति कर घर लौट गया।
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पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने से करीब हफ्ते भर पहले स्कूल खोलकर साफ-सफाई कराने और अभिलेखों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। जिसका शिक्षक संघों ने विरोध किया था। उन्होंने इस आदेश को शिक्षकों पर कुठाराघात बताया था। आदेश का विरोध होने पर शासन ने अधिकारियों को स्कूलों का औचक निरीक्षण कर बंद स्कूल स्टाफ पर कार्रवाई का आदेश दिया था। 25 जून को जिले के सभी परिषदीय स्कूल खुले लेकिन कहीं स्थिति बेहतर रही तो कहीं महज खानापूर्ति हुई। शहर में नगर शिक्षा अधिकारी देवेश राय को देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने बालजती प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल का निरीक्षण किया। सफाई के साथ अभिलेख चेक किए। वह सूफी टोला में परिषदीय स्कूलों का निरीक्षण करने के बाद आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे। जहां बच्चों के रिकार्ड सही न मिलने पर उन्होंने संचालिका को इसे दुरुस्त करने की हिदायत दी। इस दौरान स्कूल खुला देखकर छात्र भी स्कूल पहुंचने शुरू हो गए। जिन्हें एक जुलाई से स्कूल आने की जानकारी दी गई।
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शिक्षक नहीं रहे समय के पाबंद
बच्चों को समय का महत्व समझाने वाले शिक्षक खुद समय का पालन नहीं कर सके। शासनादेश के तहत सुबह आठ से दिन में एक बजे तक विद्यालय खोले जाने थे। सूत्रों के मुताबिक जिन विद्यालयों में स्टाफ सुबह सात बजे पहुंचा वह दिन में 11 बजे तक लौट गया। जहां सुबह आठ बजे पहुंचा वहां दोपहर साढ़े बारह बजे विद्यालय पर ताला लटका दिया गया लेकिन व्हाट्सएप ग्रुप में इस लेटलतीफी को छुपाते हुए समय से स्कूल खोलने और बंद करने की पोस्ट डालने का ‘खेल’ चलता रहा। स्टाफ की यह करतूत पकड़ने के लिए अधिकारी भी दौरे पर रहे लेकिन उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ।
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विरोध ठंडा पड़ा, कराई सफाई
आदेश का विरोध कर रहे शिक्षक संघ के पदाधिकारी भी स्कूल पहुंचे और साफ-सफाई कराई। इसमें प्राथमिक स्कूल जसौली, जकाती, इज्जतनगर, सराय तल्फी, इटौआ वेणीराम बिथरी, सैदपुर कुर्मियान, मोहनपुर, भरतौल, खाईखेड़ा, हरुनगला, रिठौरा समेत अन्य विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक संघ के पदाधिकारी मुस्तैद रहे। वहीं, कुछ माध्यमिक स्कूल भी खुले। इसमें नवाबगंज ब्लॉक का राजकीय हाईस्कूल पंडरी, क्यारा के ताल गोटिया, भोजीपुरा के दलपत और अन्य स्कूल खोले गए।


सफाईकर्मी नहीं पहुंचने पर आक्रोश
नगर क्षेत्र के विद्यालयों में सफाई कर्मियों के न पहुंचने से स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ा। काफी देर तक स्टाफ सफाई कर्मियों का इंतजार करता रहा लेकिन जब वे नहीं आए तो स्कूल स्टाफ ने मजदूरों को रुपये देकर सफाई कार्य कराया। साथ में स्टाफ भी जुटा रहा। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी हरीश बाबू ने नगर निगम पर विद्यालयोें में सफाई कार्य नहीं कराने का आरोप लगाया है। कहा, स्पष्ट निर्देश जारी होने के बाद भी सफाई कर्मी शिक्षकों की नहीं सुनते हैं।



शासनादेश के तहत विद्यालय खोल दिए गए हैं। निरीक्षण में जहां खामियां दिखीं उसे दुरुस्त करने को कहा है। जिन स्कूलों में समय का पालन नहीं हुआ, उनपर कार्रवाई होगी।
- देवेश राय, नगर शिक्षाधिकारी
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