{"_id":"5d0940c88ebc3e2cc2023fad","slug":"156088748211-bareilly-news11","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईवीआरआई क्रॉसिंग पर अंडरपास- मुसीबत कम नहीं होगी.. डिजाइन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग भूल गया रेलवे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईवीआरआई क्रॉसिंग पर अंडरपास- मुसीबत कम नहीं होगी.. डिजाइन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग भूल गया रेलवे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। आईवीआरआई क्रॉसिंग पर लोगों के आने-जाने की दिक्कत को देखते हुए कमिश्नर ने रेलवे अफसरों को आदेश दिए थे कि ओवरब्रिज बनने में तो अभी काफी देरी है, इसलिए बारिश से पहले अंडरपास का काम पूरा करा लिया जाए। बावजूद इसके रेलवे ने इस अंडरपास के डिजाइन में ड्रेनेज समस्या के समाधान को अब तक कोई प्लानिंग नहीं की है। ऐसे में बारिश के समय यहां पानी भरना तय माना जा रहा है। यहां बता दें कि रेलवे ने सिटी स्टेशन और जंक्शन पर अंडरपास के दोनों प्रोजेक्ट में ड्रेनेज समस्या के समाधान को रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया है। सवाल यह है कि आईवीआरआई क्रॉसिंग पर रेलवे अफसरों ने इस संबंध में ध्यान क्यों नहीं दिया, डिजाइन में रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम का प्रावधान क्यों नहीं किया गया।
इस क्रॉसिंग पर करीब 11 करोड़ की लागत से 70-70 मीटर लंबाई के दो अंडरपास बनाए जा रहे हैं। ओवरब्रिज का सही से डिजाइन न तैयार करने के मामले में रेलवे के अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है। अब अंडरपास को लेकर यह बात सामने आई है कि बारिश हुई तो अंडरपास से पानी की निकासी कैसे होगी। यहां पास में रेलवे कॉलोनी की सीवर लाइन भी केवल दो से ढाई मीटर ही गहरी है, जबकि अंडरपास की गहराई चार मीटर तक है। ऐसे में अंडरपास के सीवर को रेलवे कॉलोनी से कनेक्ट करने का कोई फायदा नहीं है। सूत्र बताते हैं कि रेलवे ने करीब दो साल पहले सिटी स्टेशन और जंक्शन पर अंडरपास बनाए थे। यहां भी पानी की निकासी को लेकर यही दिक्कत आ रही थी। इसका हल यह निकाला गया था कि दोनों अंडरपास के पास रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार किया जाए। जिससे जलभराव न हो। साथ ही भूमिगत जलस्तर को भी सुधारा जा सके। इसके विपरीत रेलवे अफसर इन दोनों प्रोजेक्ट की इस व्यवस्था को नजरंदाज करते हुए आईवीआरआई अंडरपास का काम ऐसे ही पूरा करा रहे हैं।
रेलवे अधिकारियों ने देखा अंडरपास का काम
अंडरपास बनाने में तकनीकी खामियां उजागर होने के बाद रेलवे के अधिकारियों ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर अंडरपास निर्माण का निरीक्षण किया। सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों ने यह संकेत दिए हैं कि यहां भी रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने के लिए अंडरपास के डिजाइन में कुछ बदलाव किए जाएंगे, ताकि जलभराव की दिक्कत पैदा न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस क्रॉसिंग पर करीब 11 करोड़ की लागत से 70-70 मीटर लंबाई के दो अंडरपास बनाए जा रहे हैं। ओवरब्रिज का सही से डिजाइन न तैयार करने के मामले में रेलवे के अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है। अब अंडरपास को लेकर यह बात सामने आई है कि बारिश हुई तो अंडरपास से पानी की निकासी कैसे होगी। यहां पास में रेलवे कॉलोनी की सीवर लाइन भी केवल दो से ढाई मीटर ही गहरी है, जबकि अंडरपास की गहराई चार मीटर तक है। ऐसे में अंडरपास के सीवर को रेलवे कॉलोनी से कनेक्ट करने का कोई फायदा नहीं है। सूत्र बताते हैं कि रेलवे ने करीब दो साल पहले सिटी स्टेशन और जंक्शन पर अंडरपास बनाए थे। यहां भी पानी की निकासी को लेकर यही दिक्कत आ रही थी। इसका हल यह निकाला गया था कि दोनों अंडरपास के पास रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार किया जाए। जिससे जलभराव न हो। साथ ही भूमिगत जलस्तर को भी सुधारा जा सके। इसके विपरीत रेलवे अफसर इन दोनों प्रोजेक्ट की इस व्यवस्था को नजरंदाज करते हुए आईवीआरआई अंडरपास का काम ऐसे ही पूरा करा रहे हैं।
विज्ञापन
रेलवे अधिकारियों ने देखा अंडरपास का काम
अंडरपास बनाने में तकनीकी खामियां उजागर होने के बाद रेलवे के अधिकारियों ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर अंडरपास निर्माण का निरीक्षण किया। सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों ने यह संकेत दिए हैं कि यहां भी रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने के लिए अंडरपास के डिजाइन में कुछ बदलाव किए जाएंगे, ताकि जलभराव की दिक्कत पैदा न हो।
विज्ञापन