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अनाथालय प्रकरण- मोबाइल रखती है.. छत पर लड़कों को बुला लेती है
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बरेली। तीन साल की उम्र से अनाथालय में रह रही युवती पर अधेड़ व्यक्ति से जबरदस्ती शादी का दबाव बनाने की शिकायत झूठी पाई गई है। सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच में अनाथालय प्रबंधन को क्लीन चिट दे दी है। जांच में सामने आया है कि प्रतिबंध के बावजूद संवासिनी मोबाइल रखती है। मना करने पर स्टाफ को धमकियां देती है। मोबाइल से लड़कों को छत पर भी बुला लेती है।
22 साल की संवासिनी का आरोप था कि अनाथालय प्रबंधन उसकी शादी एक अधेड़ से कराना चाहता है। डीएम के निर्देश पर जांच कर रहे सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने जांच रिपोर्ट में कहा कि संवासिनी वर्ष 2000 से अनाथालय (महिला) में रह रही है। संस्था की वार्डन रोली दुबे ने यह बयान दिया है कि अनाथालय में प्रतिबंध के बावजूद यह युवती न केवल मोबाइल रखती है, बल्कि वह मोबाइल से लड़कों को भी छत पर बुला लेती है। इसके प्रमाण भी हैं। रोकने-टोकने पर वह देख लेनी की धमकियां भी देती है। जांच में यह भी सामने आया है कि अनाथालय में रहने के दौरान इस युवती ने अनुशासन को बार-बार तोड़ा है। इतना ही नहीं, उसने अनाथालय की नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसला कर एक ग्रुप भी बना लिया है। संवासिनियों के विवाह को लेकर प्रबंधन ने जांच अधिकारी को यह प्रमाण दिए हैं कि बालिग होने पर संवासिनियों के लिए वैवाहिक विज्ञापन जारी किया गया था। इसमें 34 प्रस्ताव आए थे। इसमें दो को छोड़कर बाकी सभी लड़कों की उम्र 20 से 35 साल के बीच ही थी। अनाथालय प्रबंधन का कहना है कि मोबाइल रखने पर मना करने पर एक युवती ने उम्रदराज व्यक्ति से शादी करने का मुद्दा बनाया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने इस पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार अनाथालय प्रबंधन को युवती के अधेड़ से शादी करने के आरोप में क्लीन चिट दे दी है। साथ ही इसकी संस्तुति भी की है कि युवती बालिग हो चुकी है। नियमानुसार वह अनाथालय में नहीं रह सकती। इसलिए उसे ममता आश्रय गृह सह प्रशिक्षण गृह में भेजा जाए।
संवासिनी का डांस वीडियो वायरल
अनाथालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाने वाली संवासिनी का डांस करते हुए वीडियो वायरल हो गया है। अनाथालय के प्रधान हर्षवर्धन ने यह वीडियो सिटी मजिस्ट्रेट, डीपीओ सहित कई अधिकारियों को भेजा है। उनका कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद इस तरह का वीडियो बनाने से संवासिनी अनाथालय की मर्यादा भंग कर रही है।
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‘इस मामले की जांच पूरी कर ली हैं। इसमें संवासिनी के अधेड़ से शादी करने की कोशिश की बात सच नहीं मिली है, बल्कि युवती की ही अनुशासनहीनता संबंधी शिकायतें सही मिली हैं।’
- संजय कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट
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22 साल की संवासिनी का आरोप था कि अनाथालय प्रबंधन उसकी शादी एक अधेड़ से कराना चाहता है। डीएम के निर्देश पर जांच कर रहे सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने जांच रिपोर्ट में कहा कि संवासिनी वर्ष 2000 से अनाथालय (महिला) में रह रही है। संस्था की वार्डन रोली दुबे ने यह बयान दिया है कि अनाथालय में प्रतिबंध के बावजूद यह युवती न केवल मोबाइल रखती है, बल्कि वह मोबाइल से लड़कों को भी छत पर बुला लेती है। इसके प्रमाण भी हैं। रोकने-टोकने पर वह देख लेनी की धमकियां भी देती है। जांच में यह भी सामने आया है कि अनाथालय में रहने के दौरान इस युवती ने अनुशासन को बार-बार तोड़ा है। इतना ही नहीं, उसने अनाथालय की नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसला कर एक ग्रुप भी बना लिया है। संवासिनियों के विवाह को लेकर प्रबंधन ने जांच अधिकारी को यह प्रमाण दिए हैं कि बालिग होने पर संवासिनियों के लिए वैवाहिक विज्ञापन जारी किया गया था। इसमें 34 प्रस्ताव आए थे। इसमें दो को छोड़कर बाकी सभी लड़कों की उम्र 20 से 35 साल के बीच ही थी। अनाथालय प्रबंधन का कहना है कि मोबाइल रखने पर मना करने पर एक युवती ने उम्रदराज व्यक्ति से शादी करने का मुद्दा बनाया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने इस पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार अनाथालय प्रबंधन को युवती के अधेड़ से शादी करने के आरोप में क्लीन चिट दे दी है। साथ ही इसकी संस्तुति भी की है कि युवती बालिग हो चुकी है। नियमानुसार वह अनाथालय में नहीं रह सकती। इसलिए उसे ममता आश्रय गृह सह प्रशिक्षण गृह में भेजा जाए।
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संवासिनी का डांस वीडियो वायरल
अनाथालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाने वाली संवासिनी का डांस करते हुए वीडियो वायरल हो गया है। अनाथालय के प्रधान हर्षवर्धन ने यह वीडियो सिटी मजिस्ट्रेट, डीपीओ सहित कई अधिकारियों को भेजा है। उनका कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद इस तरह का वीडियो बनाने से संवासिनी अनाथालय की मर्यादा भंग कर रही है।
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‘इस मामले की जांच पूरी कर ली हैं। इसमें संवासिनी के अधेड़ से शादी करने की कोशिश की बात सच नहीं मिली है, बल्कि युवती की ही अनुशासनहीनता संबंधी शिकायतें सही मिली हैं।’
- संजय कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट