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दरगाह के कई संगठनों के लोग इकट्ठे होकर पहुंचे कोतवाली
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बरेली। चौकी चौराहे पर मस्जिद के बाहर जुमे की नमाज पढ़ने से पुलिस ने रोका तो नमाजियों ने नमाज ही अदा नहीं की। दरगाह आला हजरत पर इसकी सूचना पहुंची तो दरगाह से जुड़े संगठनों के लोग इकट्ठे हो गए। यहां से ये लोग इकट्ठे होकर कोतवाली पहुंचे। कोतवाली में बात नहीं बनी तो चौकी चौराहा मस्जिद पहुंचे जहां नमाजियों ने जुमे की नमाज अदा की।
कोतवाली पहुंचे लोगों में इत्तेहादे मिल्लत कौंसिल के डॉ. नफीस खां, नदीम खां, अफजाल बेग, इफ्तेखार कुरैशी, तहफ्फुजे तहरीके सुन्नियत के नासिर कुरैशी, औरंगजेब खां, शाहिद नूरी, परवेज नूरी, ताहिर अल्वी आदि थे। जमात रजा मुस्तफा के समरान खान, मोईन खान, अब्दुल्ला अजहरी, खलील कादरी, रजा एक्शन कमेटी के अब्दुल हलीम खां, ताज खां, हाफिज इमरान बहरकाती, जमाल अजहरी आदि मौजूद रहे।
अदनान मियां बोले- नमाज को नहीं रोकना चाहिए था
बरेली। चौकी चौराहे मस्जिद के बाहर जुमे की नमाज पढ़ने के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर आरएसी के नायब सदर मौलाना अदनान रजा कादरी ने कहा है कि इस मस्जिद में एक जमाने से नमाज होती आ रही है। पुलिस जुमे की नमाज को रोकना नहीं चाहिए था। ऐसा ही अलविदा की नमाज में हो चुका है जो गैर मुनासिब है।
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कोतवाली पहुंचे लोगों में इत्तेहादे मिल्लत कौंसिल के डॉ. नफीस खां, नदीम खां, अफजाल बेग, इफ्तेखार कुरैशी, तहफ्फुजे तहरीके सुन्नियत के नासिर कुरैशी, औरंगजेब खां, शाहिद नूरी, परवेज नूरी, ताहिर अल्वी आदि थे। जमात रजा मुस्तफा के समरान खान, मोईन खान, अब्दुल्ला अजहरी, खलील कादरी, रजा एक्शन कमेटी के अब्दुल हलीम खां, ताज खां, हाफिज इमरान बहरकाती, जमाल अजहरी आदि मौजूद रहे।
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अदनान मियां बोले- नमाज को नहीं रोकना चाहिए था
बरेली। चौकी चौराहे मस्जिद के बाहर जुमे की नमाज पढ़ने के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर आरएसी के नायब सदर मौलाना अदनान रजा कादरी ने कहा है कि इस मस्जिद में एक जमाने से नमाज होती आ रही है। पुलिस जुमे की नमाज को रोकना नहीं चाहिए था। ऐसा ही अलविदा की नमाज में हो चुका है जो गैर मुनासिब है।
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