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तेज हवाओं से ब्लैकआउट, शाम साढ़े सात बजे ठप हुए सभी बिजली उपकेंद्र
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बरेली। नो ट्रिपिंग जोन होने के बावजूद ईद के अगले दिन भी बिजली सप्लाई अव्यवस्थित रही। उमस और 42 डिग्री से अधिक तापमान से जूझते लोगों को दिन भर ट्रिपिंग के चलते बिजली कटौती से जूझना पड़ा। वहीं, शाम को तेज हवा और बारिश ने पूरे शहर में ब्लैकआउट कर दिया। देर रात तक सप्लाई सामान्य होने की कवायद जारी रही लेकिन कई इलाकों में आधी रात तक बिजली सप्लाई सुचारु नहीं हुई।
बृहस्पतिवार सुबह से ही पारा चढ़ने लगा था। दोपहर होने तक गर्मी के चलते सड़कों पर सन्नाटा दिखने लगा। हालांकि साप्ताहिक बंदी के चलते बृहस्पतिवार को मुख्य बाजार बंद थे लेकिन बिजली सप्लाई बेहद लचर रही। पेड़ छंटाई, मेंटीनेंस आदि के नाम पर लिए गए शट डाउन की किसी भी उपकेंद्र ने सूचना तक देना जरूरी नहीं समझा। यह सिलसिला पिछले कई दिन से चल रहा है। बताया जाता है कि ऊर्जा मित्र ऐप भी इन दिनों गर्मी की चपेट में आ गया है और उस पर भी कोई सूचना अपडेट नहीं की जा रही है। यहां तक कि प्रभावित लोग संबंधित उपकेंद्रों पर फोन करते हैं तो रिसीव नहीं होता। पेड़ गिरने से बिजली बाधित होने पर पार्षद सतीश कातिब राजेंद्रनगर उपकेंद्र पर पहुंचे तो वहां कोई जिम्मेदार भी नहीं मिला।
सभी उपकेंद्र ठप
शाम करीब पांच बजे बादल छाने के साथ ही उमस बढ़ने लगी। करीब साढ़े सात बजे हवा तेज होने के साथ ही बारिश भी शुरू हो गई। इससे गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत जरूर मिली लेकिन पूरे शहर में ब्लैकआउट हो गया। उस समय ज्यादातर लोग घर बैठकर क्रिकेट का आनंद ले रहे थे लेकिन बिजली गुल होने से सारा मजा किरकिरा हो गया। हवा का असर था कि शहर के लगभग सभी उपकेंद्र ठप हो गए और जगह-जगह फॉल्ट होने से ब्रेकडाउन हो गया। ग्रामीण क्षेत्रों का हाल और भी ज्यादा खराब रहा। एसई शहर एनके मिश्रा ने बताया कि हवा से ठप हुई सप्लाई दुरुस्त कराई जा रही है। देर रात तक स्थिति सामान्य हो जाएगी।
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बृहस्पतिवार सुबह से ही पारा चढ़ने लगा था। दोपहर होने तक गर्मी के चलते सड़कों पर सन्नाटा दिखने लगा। हालांकि साप्ताहिक बंदी के चलते बृहस्पतिवार को मुख्य बाजार बंद थे लेकिन बिजली सप्लाई बेहद लचर रही। पेड़ छंटाई, मेंटीनेंस आदि के नाम पर लिए गए शट डाउन की किसी भी उपकेंद्र ने सूचना तक देना जरूरी नहीं समझा। यह सिलसिला पिछले कई दिन से चल रहा है। बताया जाता है कि ऊर्जा मित्र ऐप भी इन दिनों गर्मी की चपेट में आ गया है और उस पर भी कोई सूचना अपडेट नहीं की जा रही है। यहां तक कि प्रभावित लोग संबंधित उपकेंद्रों पर फोन करते हैं तो रिसीव नहीं होता। पेड़ गिरने से बिजली बाधित होने पर पार्षद सतीश कातिब राजेंद्रनगर उपकेंद्र पर पहुंचे तो वहां कोई जिम्मेदार भी नहीं मिला।
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सभी उपकेंद्र ठप
शाम करीब पांच बजे बादल छाने के साथ ही उमस बढ़ने लगी। करीब साढ़े सात बजे हवा तेज होने के साथ ही बारिश भी शुरू हो गई। इससे गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत जरूर मिली लेकिन पूरे शहर में ब्लैकआउट हो गया। उस समय ज्यादातर लोग घर बैठकर क्रिकेट का आनंद ले रहे थे लेकिन बिजली गुल होने से सारा मजा किरकिरा हो गया। हवा का असर था कि शहर के लगभग सभी उपकेंद्र ठप हो गए और जगह-जगह फॉल्ट होने से ब्रेकडाउन हो गया। ग्रामीण क्षेत्रों का हाल और भी ज्यादा खराब रहा। एसई शहर एनके मिश्रा ने बताया कि हवा से ठप हुई सप्लाई दुरुस्त कराई जा रही है। देर रात तक स्थिति सामान्य हो जाएगी।
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