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संपूर्ण समाधान दिवस में धरने पर बैठा बुजुर्ग किसान
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फरीदपुर। चकबंदी विभाग के कर्मचारियों को किसान ने रिश्वत के 40 हजार रुपये नहीं दिए तो आदेश खतौनी पर नहीं चढ़ाया गया। इससे नाराज किसान मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में धरने पर बैठ गया तो अफसरों ने दस दिन में निपटारे का आश्वासन देकर किसान को घर भेजा।
फरीदपुर तहसील के गांव वसावनपुर निवासी राम सिंह की भूमि सरैंदा में है। जहां इस समय चकबंदी चल रही है। हिस्सा बंटवारे को लेकर राम सिंह ने चकबंदी अधिकारी से आदेश कराया था, जिसका अमल दरामद होना था। राम सिंह का आरोप है कि 40 हजार रुपये न देने पर साल भर से आदेश खतौनी पर नहीं चढ़ाया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर आत्मदाह की चेतावनी दी तो सोमवार रात फतेहगंज पूर्वी पुलिस उनके घर पहुंच गई थी। लेकिन वह नहीं मिले और मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में धरने पर बैठ गए। दो घंटे बैठे रहने के बाद एसडीएम को जानकारी हुई तो उन्होंने चकबंदी के एसीओ और कर्मचारियों को भेजा। उन्होंने फाइल अपने पास होने की बात कहकर दस दिन में मामला निपटाने का आश्वासन दिया। राम सिंह ने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह आत्मदाह करने को मजबूर होंगे। ब्यूरो
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फरीदपुर तहसील के गांव वसावनपुर निवासी राम सिंह की भूमि सरैंदा में है। जहां इस समय चकबंदी चल रही है। हिस्सा बंटवारे को लेकर राम सिंह ने चकबंदी अधिकारी से आदेश कराया था, जिसका अमल दरामद होना था। राम सिंह का आरोप है कि 40 हजार रुपये न देने पर साल भर से आदेश खतौनी पर नहीं चढ़ाया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर आत्मदाह की चेतावनी दी तो सोमवार रात फतेहगंज पूर्वी पुलिस उनके घर पहुंच गई थी। लेकिन वह नहीं मिले और मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में धरने पर बैठ गए। दो घंटे बैठे रहने के बाद एसडीएम को जानकारी हुई तो उन्होंने चकबंदी के एसीओ और कर्मचारियों को भेजा। उन्होंने फाइल अपने पास होने की बात कहकर दस दिन में मामला निपटाने का आश्वासन दिया। राम सिंह ने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह आत्मदाह करने को मजबूर होंगे। ब्यूरो
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