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कॉलेजों की लापरवाही से लटका करीब 12 हजार छात्रों का रिजल्ट
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बरेली। प्रैक्टिकल और मौखिक परीक्षा के अंक न भेजने की वजह से विश्वविद्यालय से संबद्ध तमाम निजी कॉलेजों के करीब 12 हजार छात्र-छात्राओं का रिजल्ट लटक गया है। इसके चलते परेशान विद्यार्थी विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं। वहीं, इनकी वजह से रिजल्ट अधूरा होने के कारण मार्कशीट भी जारी नहीं हो पा रही है।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय 15 मई को मुख्य परीक्षा का रिजल्ट जारी कर चुका है। इस बार खास बात यह रही कि सभी पाठ्यक्रम का रिजल्ट एकसाथ जारी किया गया। मगर कई रिमाइंडर भेजने के बावजूद तमाम निजी कॉलेजों ने अपने विद्यार्थियों के मौखिक परीक्षा और प्रैक्टिकल के अंक विश्वविद्यालय को नहीं भेजे। कुछ कॉलेजों ने 100 नंबर की परीक्षा 50 नंबर में कराकर अंक भेज दिए। कॉलेजों की इस लापरवाही के चलते करीब 12 हजार छात्र-छात्राआें का रिजल्ट विश्वविद्यालय ने रोक रखा है। परेशान विद्यार्थी रिजल्ट जारी कराने के लिए विश्वविद्यालय में चक्कर काट रहे हैं लेकिन कॉलेजों की लापरवाही के चलते उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। इन छात्रों का कहना है कि सारे विषय की परीक्षा अच्छे से होने के बावजूद रिजल्ट रुका होने से वे लोग फेल होने की बदनामी झेल रहे हैं। साथी छात्र उन्हें फेल छात्र की नजर से देखते हैं, जो उन्हें काफी खराब महसूस होता है। मगर विश्वविद्यालय प्रशासन इन लापरवाह कॉलेजों पर कोई कार्रवाई करने के मूड में नहीं है, जिससे इन्हें सबक मिल सके। वहीं, इस गड़बड़ी के चलते मुख्य परीक्षा की मार्कशीट भी जारी नहीं हो सकी हैं। इस पर परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार सिंह का कहना है कि कॉलेजों से छात्र-छात्राओं के अंक आने के बाद रिजल्ट जारी हो जाएगा।
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय 15 मई को मुख्य परीक्षा का रिजल्ट जारी कर चुका है। इस बार खास बात यह रही कि सभी पाठ्यक्रम का रिजल्ट एकसाथ जारी किया गया। मगर कई रिमाइंडर भेजने के बावजूद तमाम निजी कॉलेजों ने अपने विद्यार्थियों के मौखिक परीक्षा और प्रैक्टिकल के अंक विश्वविद्यालय को नहीं भेजे। कुछ कॉलेजों ने 100 नंबर की परीक्षा 50 नंबर में कराकर अंक भेज दिए। कॉलेजों की इस लापरवाही के चलते करीब 12 हजार छात्र-छात्राआें का रिजल्ट विश्वविद्यालय ने रोक रखा है। परेशान विद्यार्थी रिजल्ट जारी कराने के लिए विश्वविद्यालय में चक्कर काट रहे हैं लेकिन कॉलेजों की लापरवाही के चलते उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। इन छात्रों का कहना है कि सारे विषय की परीक्षा अच्छे से होने के बावजूद रिजल्ट रुका होने से वे लोग फेल होने की बदनामी झेल रहे हैं। साथी छात्र उन्हें फेल छात्र की नजर से देखते हैं, जो उन्हें काफी खराब महसूस होता है। मगर विश्वविद्यालय प्रशासन इन लापरवाह कॉलेजों पर कोई कार्रवाई करने के मूड में नहीं है, जिससे इन्हें सबक मिल सके। वहीं, इस गड़बड़ी के चलते मुख्य परीक्षा की मार्कशीट भी जारी नहीं हो सकी हैं। इस पर परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार सिंह का कहना है कि कॉलेजों से छात्र-छात्राओं के अंक आने के बाद रिजल्ट जारी हो जाएगा।
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