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भाव बढ़ा तो दगा दे गए व्यापारी अफसरों पर अब ‘लक्ष्य’ भारी

Tue, 28 May 2019 02:17 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 28 May 2019 02:17 AM IST
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भाव बढ़ा तो दगा दे गए व्यापारी अफसरों पर अब ‘लक्ष्य’ भारी
बरेली। चुनाव के दौरान गेहूं खरीद में जमकर खेल हुआ, मगर अब मार्केट में उतार-चढ़ाव के बाद मुसीबत अफसरों के गले पड़ गई है। मार्केट में जब गेहूं का रेट कम था तब क्रय एजेंसियां किसानों का गेहूं खरीदने से बचती रहीं और किसानों को मजबूरन अपना गेहूं औने-पौने में बाजार में बेचना पड़ा। हर साल की तरह इरादा यह था कि आखिर में बाजार का गेहूं बिचौलियों के जरिये खरीदकर खरीद का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा लेकिन इसी बीच गेहूं का मार्केट रेट समर्थन मूल्य की तुलना में ऊपर चढ़ जाने से यह खेल बिगड़ गया है। किसान अब क्रय केंद्रों का रुख नहीं कर रहे जबकि जिले में अभी 15 जून तक 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य पूरा करना बाकी है।
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इस बार 1840 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर 15 जून तक 1.59 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य तय किया गया था। इसके लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियों ने जिले में 139 केंद्र खोले हैं, लेकिन अब तक लक्ष्य से आधी खरीद भी नहीं हो सकी है। शुरुआत में गेहूं का मार्केट रेट कम होने की वजह से सरकारी खरीद की गति काफी धीमी रही। किसान क्रय केंद्रों पर गेहूं लेकर पहुंचे तो उन्हें बहाने बनाकर लौटा दिया गया। मगर अब मंडी में गेहूं मूल्य में उछाल आ रहा है। क्रय केंद्रों पर मनमानी, दलालों का दबदबा और स्टाफ गायब होने से गेहूं आमद कम हो गई है। आढ़तियों के दलाल सीधे किसानों के दरवाजे पर पहुंचकर गेहूं की खरीद कर रहे हैं। पिछले दिनों आरएफसी पीके सिंह ने छापामार कार्रवाई कर भोजीपुरा और फरीदपुर में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। खरीद केंद्रों पर किसानों को गेहूं खुद पहुंचाने के साथ पेमेंट को लेकर भी दिक्कत उठानी पड़ रही है। ऐसे में प्रशासन के लिए गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा होता नहीं दिख रहा है। बताया यह भी जा रहा है कि बड़े किसानों ने छोटे किसानों से लाखों क्विंटल गेहूं खरीदकर डंप कर लिया है। पिछले साल भी प्रशासन की लापरवाही से यही खेल हुआ था।
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सरकारी क्रय केंद्रों पर अब तक गेहूं खरीद
एजेंसी केंद्र लक्ष्य खरीद
एसएफसी 09 14000 8573
यूपीएग्रो 04 6500 2865
पीसीएफ 38 35500 19882
कर्मचारी कल्याण 08 13000 5450
पीसीयू 26 30000 8360
यूपीएसएस 25 22000 13846
आंकड़े मीट्रिक टन में

सरकारी सेंटरों पर गेहूं की आवक काफी कम हो गई है। जानकारी मिल रही है कि बड़े किसान मंडी में गेहूं नहीं ला रहे हैं क्योंकि वे आगे चलकर ऊंचे भाव में उसे बेचना चाहते हैं। कर्मचारियों को गांव-गांव भेजकर किसानों से खरीद के लिए संपर्क किया जा रहा है। - सुनील भारती, डिप्टी आरएमओ
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जिले में गेहूं खरीद लक्ष्य काफी पिछड़ गया है। चुनाव की व्यस्तता की वजह से गेहूं की खरीद पर फोकस नहीं हो सका है। बड़े किसान गेहूं की जमाखोरी कर रहे हैं, इससे सरकारी खरीद प्रभावित हो रही है। -रामसेवक द्विवेदी, जिला खरीद अधिकारी/ एडीएम प्रशासन
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