फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   अमित शाह की अभेद्य रणनीति- भाजपा के 51 फीसदी वोट लक्ष्य की काट नहीं ढूंढ पाया विपक्ष

अमित शाह की अभेद्य रणनीति- भाजपा के 51 फीसदी वोट लक्ष्य की काट नहीं ढूंढ पाया विपक्ष

Sat, 25 May 2019 01:41 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 25 May 2019 01:41 AM IST
विज्ञापन
अमित शाह की अभेद्य रणनीति- भाजपा के 51 फीसदी वोट लक्ष्य की काट नहीं ढूंढ पाया विपक्ष
बरेली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की अभेद्य चुनावी रणनीति ने सपा-बसपा गठबंधन और कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष को धराशायी कर दिया। कांग्रेस के महागठबंधन और उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन बनने से पहले शाह ने भाजपा के बूथ और सेक्टर अध्यक्षों के अलावा बूथ कमेटियों को अपने-अपने बूथों पर हर हाल में कुल मतदाताओं का कम से कम 51 फीसदी वोट हासिल करने का लक्ष्य दिया था, ताकि कोई भी गठबंधन भाजपा को चुनौती न दे सके। अमित शाह की यह रणनीति काम कर गई और भाजपा को जीती हुई बहुत सी लोकसभा सीटों पर न केवल पहले से ज्यादा वोट मिल बल्कि तमाम नए सांसदों ने 51 फीसदी से अधिक वोट लेकर जीत हासिल की।
विज्ञापन

मंडल की पांच लोकसभा सीटों की बात करें तो बरेली से संतोष गंगवार ने रिकार्ड आठवीं बार सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी भगवतसरन गंगवार को हराकर बड़ी जीत दर्ज की। संतोष गंगवार को इस बार कुल पडे 10 लाख 68 हजार 342 वोटों से 52.91 फीसदी वोट हासिल हुए। यानी कि भाजपा की रणनीति इतनी कारगर रही कि सपा-बसपा के साथ अगर कांग्रेस भी गठबंधन में शामिल होती तो भी संतोष गंगवार को हराना मुश्किल होता। दूसरी लोकसभा सीट आंवला में धर्मेंद्र कश्यप को कुल पड़े 10 लाख 52 हजार 795 वोटों में से 51.07 प्रतिशत वोट हासिल हुए। मतलब, धर्मेंद्र कश्यप को इतने वोट मिल गए कि विपक्ष कुछ भी कर लेता, लेकिन भाजपा की व्यूह रचना को भेद नहीं पाता। भाजपा का यही फार्मूला शाहजहांपुर से जीते भाजपा प्रत्याशी अरुण कुमार सागर पर भी लागू होता है। अरुण कुमार सागर को कुल पडे़ वोट 1186157 में से 58.09 प्रतिशत वोट मिले। पूरे विपक्ष को शाहजहांपुर में 42 फीसदी से भी कम वोट हासिल हो पाए। पीलीभीत में भाजपा प्रत्याशी वरुण गांधी को मंडल में सर्वाधिक वोटोें से जीत मिली। भाजपा को यहां कुल पड़े 1186589 वोटों में 59.38 फीसदी वोट हासिल हुए। सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी हेमराज वर्मा को 41.0 फीसदी से भी कम वोट मिल पाए। बदायूं में भाजपा से जीतीं संघ मित्रा को जरूर कांटे के मुकाबले में कुल पडे़ वोट 10 लाख 81 हजार 108 में से 47.3 प्रतिशत हासिल हो सके। केवल बदायूं को छोड़ दें तो मंडल की तीनों सीटों पर भाजपा 51 फीसदी से अधिक वोट लेने में सफल रही। भाजपा ने पूरे उत्तर प्रदेश में अपने 51 प्रतिशत वोट लेने के फार्मूले पर सपा-बसपा गठबंधन के न केवल मुस्लिम, जाटव और यादव वोटों के जातीय समीकरणों का सामना किया बल्कि भगवा पार्टी के प्रत्याशियों ने बड़ी जीत भी दर्ज की।
विज्ञापन


भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल समेत सभी बड़े नेताओं के स्पष्ट निर्देश थे कि प्रत्येक बूथ, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र और प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में 51 फीसदी से अधिक वोट हासिल करना है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने यही लक्ष्य लेकर 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद से ही अपनी तैयारी शुरू कर दी। परिणाम सबके सामने है। आगे भी इसी रणनीति पर काम होगा। संजीव अग्रवाल, लोकसभा संयोजक भाजपा
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed