{"_id":"5ce84acebdec2207524965f5","slug":"155872742411-bareilly-news42","type":"story","status":"publish","title_hn":"बहनजी गेस्ट हाउस कांड भूल गईं.. हम नहीं भूले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहनजी गेस्ट हाउस कांड भूल गईं.. हम नहीं भूले
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। गठबंधन के बाद राजनीतिक समीकरणों को सुधारने के बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने भी मंच साझा कर दलितों को पुरानी खटास मिटाने का संदेश भी दिया मगर इसके बाद भी तमाम दलित सपा को वोट देने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं हो पाए। भोजीपुरा विधानसभा क्षेत्र में भी बसपा के कुछ पूर्व पदाधिकारियों ने कांग्रेस को चुनाव लड़ाया।
भोजीपुरा में पीपलसाना चौधरी, कंचनपुर, मकरंदापुर गौंटिया, डहिया, अधकटा आदि गांव और धौराटांडा कस्बे में 35 हजार से अधिक दलित मतदाता हैं। इनमें से काफी संख्या बसपा के परंपरागत जाटव वोटरों की भी है। इस बार बसपा का सपा से गठबंधन हुआ तो माना जा रहा था कि यह वोट भी सपा को डायवर्ट होगा मगर पूरी तौर पर ऐसा नहीं हो सका। बताया जाता है कि कंचनपुर के बसपा के एक पूर्व मंडल अध्यक्ष कई लोगों ने चुनाव में कांग्रेस का खुलकर समर्थन किया। उनका कहना था कि बहन जी तो गेस्टहाउस कांड भूल गईं लेकिन हम नहीं भूल सकते। बेशक गठबंधन हो गया लेकिन सपा तो वही है। डहिया गांव में भी बसपा के एक पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कांग्रेस प्रत्याशी की पैरवी में वोट मांगने निकलते रहे।
विज्ञापन
भोजीपुरा में पीपलसाना चौधरी, कंचनपुर, मकरंदापुर गौंटिया, डहिया, अधकटा आदि गांव और धौराटांडा कस्बे में 35 हजार से अधिक दलित मतदाता हैं। इनमें से काफी संख्या बसपा के परंपरागत जाटव वोटरों की भी है। इस बार बसपा का सपा से गठबंधन हुआ तो माना जा रहा था कि यह वोट भी सपा को डायवर्ट होगा मगर पूरी तौर पर ऐसा नहीं हो सका। बताया जाता है कि कंचनपुर के बसपा के एक पूर्व मंडल अध्यक्ष कई लोगों ने चुनाव में कांग्रेस का खुलकर समर्थन किया। उनका कहना था कि बहन जी तो गेस्टहाउस कांड भूल गईं लेकिन हम नहीं भूल सकते। बेशक गठबंधन हो गया लेकिन सपा तो वही है। डहिया गांव में भी बसपा के एक पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कांग्रेस प्रत्याशी की पैरवी में वोट मांगने निकलते रहे।
विज्ञापन