{"_id":"5ce84ab6bdec22074857f6e5","slug":"155872740112badaun-bareilly-news100","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रमुख दलों के बाद अधिकांश स्थानों पर लोगों की पसंद रहा नोटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रमुख दलों के बाद अधिकांश स्थानों पर लोगों की पसंद रहा नोटा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। मंडल की पांच सीटों व लखीमपुर खीरी की दो लोकसभा सीटों पर हुए चुनाव में अधिकांश स्थानों पर प्रमुख दलों के उम्मीदवारों के बाद मतदाताओं ने नोटा को पसंद किया। यही नहीं पीलीभीत संसदीय सीट पर तीसरे स्थान पर रहा। यहां सबसे अधिक 9973 मत नोटा के पक्ष में पड़े। बरेली के मतदाताओं ने सबसे कम 3824 मत नोटा को दिए।
पीलीभीत में भाजपा के वरुण फिरोज गांधी और सपा-बसपा गठबंधन से सपा उम्मीदवार हेमराज वर्मा को मिले मत के बाद सबसे अधिक 9973 मत नोटा के पक्ष में पड़े। यह हाल तब रहा जब यहां उपरोक्त दोनों राजनीतिक दलों के अलावा जनता दल यूनाइटेड, शिवसेना, सबका दल यूनाईटेड, नैतिक पार्टी, शिवपाल सिंह यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी ने भी अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। इन सबको मिले मत को भी जोड़ दिया जाए तो 8628 होती है। जो अकेले नोटा को मिले मतों से 1345 कम है। इसके अलावा छह अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों समेत कुल 13 प्रत्याशी यहां मैदान में थे। बरेली में भाजपा, सपा, कांग्रेस व सीपीआई के बाद सबसे अधिक 3824 मत वोट नोटा को मिला। यहां पर भी अखंड स्वराज पार्टी, बहुजन न्यायदल, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी, नैतिक पार्टी, खुसरो सेना पार्टी, वंचित समाज इंसाफ पार्टी के अलावा पांच निर्दलीय उम्मीदरों समेत कुल 16 उम्मीदवार मैदान में थे। आंवला और बदायूं में भाजपा, गठबंधन और कांग्रेस के बाद सबसे अधिक मत नोटा को मिले। यहां नोटा चौथे स्थान पर रहा। जबकि बदायूं में नौ और आंवला में 14 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। खीरी व शाहजहांपुर में नोटा क्रमश: 8750 व 9037 मत प्राप्त कर पांचवें स्थान पर रहा।
विज्ञापन
पीलीभीत में भाजपा के वरुण फिरोज गांधी और सपा-बसपा गठबंधन से सपा उम्मीदवार हेमराज वर्मा को मिले मत के बाद सबसे अधिक 9973 मत नोटा के पक्ष में पड़े। यह हाल तब रहा जब यहां उपरोक्त दोनों राजनीतिक दलों के अलावा जनता दल यूनाइटेड, शिवसेना, सबका दल यूनाईटेड, नैतिक पार्टी, शिवपाल सिंह यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी ने भी अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। इन सबको मिले मत को भी जोड़ दिया जाए तो 8628 होती है। जो अकेले नोटा को मिले मतों से 1345 कम है। इसके अलावा छह अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों समेत कुल 13 प्रत्याशी यहां मैदान में थे। बरेली में भाजपा, सपा, कांग्रेस व सीपीआई के बाद सबसे अधिक 3824 मत वोट नोटा को मिला। यहां पर भी अखंड स्वराज पार्टी, बहुजन न्यायदल, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी, नैतिक पार्टी, खुसरो सेना पार्टी, वंचित समाज इंसाफ पार्टी के अलावा पांच निर्दलीय उम्मीदरों समेत कुल 16 उम्मीदवार मैदान में थे। आंवला और बदायूं में भाजपा, गठबंधन और कांग्रेस के बाद सबसे अधिक मत नोटा को मिले। यहां नोटा चौथे स्थान पर रहा। जबकि बदायूं में नौ और आंवला में 14 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। खीरी व शाहजहांपुर में नोटा क्रमश: 8750 व 9037 मत प्राप्त कर पांचवें स्थान पर रहा।
विज्ञापन