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जितना बीडीए दोषी, उससे कहीं अधिक नेताजी जिम्मेदार
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बरेली। शहर में बनने वाली अवैध कॉलोनियों या अनधिकृत निर्माण के लिए जितना बीडीए दोषी है, उससे कहीं अधिक विभिन्न पार्टियों के नेता जिम्मेदार हैं। सरकार चाहे किसी भी दल की हो। अवैध कॉलोनाइजर नेताओं के संरक्षण में ही अनधिकृत कॉलोनियां बनाते हैं। अवैध कॉलोनियां बनाने वाले कॉलोनाइजर या प्रापर्टी कारोबारी नेताओं के नजदीकी होते हैं या फिर उनके पार्टनर। प्राधिकरण का स्टाफ भी कॉलोनाइजरों से सौदेबाजी में पीछे नहीं रहता। बीडीए, नेता और कॉलोनाइजरों का गठबंधन ही शहर की सूरत दशकों से बिगाड़ता चला आ रहा है। यह काम अब भी चल रहा है।
पीलीभीत बाईपास और बीसलपुर रोड की अवैध कॉलोनियां जब बन रही थीं, तब भी कार्रवाई के नाम पर सौदेबाजी का ही खेल चला। नतीजा, बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां बसने के रूप में सामने आया। वही हाल अब भी है। पीलीभीत बाईपास रोड पर मुंशीनगर और एलआईसी कॉलोनी के बीच में महीनों से अवैध कॉलोनी बन रही है। बीडीए के इंजीनियरों को सब पहले से पता है क्योंकि कुछ दिन पहले जब बीडीए का अभियान चला तो जेई इस कॉलोनी की तरफ झांकने तक नहीं गए थे। बीडीए के एई और जेई सब जानते हैं कि शहर के कूर्मांचल नगर, सनसिटी, सनसिटी विस्तार, सौ फुटा रोड, पीलीभीत बाईपास रोड पर ही नेता नुमा एक दर्जन से अधिक अवैध कॉलोनाइजर ही शहर भर में अवैध कॉलोनियां लगातार दूसरे नामों से काटकर बेच रहे हैं। मगर इन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई के नाम पर ज्यादा से ज्यादा इनके गुर्गों के नाम चालान कट गए। अवैध निर्माण सील हो गए या फिर कुछ लोगों के नाम एफआईआर दर्ज हो गई। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी अवैध प्रापर्टी कारोबारियों को विवेचना में पुलिस बचा लेती है। हर जगह सौदेबाजी का रास्ता खुला है। फिलहाल, यह बीडीए से बिना नक्शा या ले आउट स्वीकृत कराए अनधिकृत निर्माण का कारोबार न तो अब तक बंद ही हो पाया है, न ही इस तरह के रवैये के चलते आगे इस पर रोक लगने की उम्मीद है।
इन जगहों पर अब भी अवैध निर्माण
पीलीभीत बाईपास रोड पर मुंशीनगर के निकट अवैध कॉलोनी का निर्माण लगातार जारी है। बीडीए के दो कर्मचारी चालान काटने के नाम पर कॉलोनी में गए भी थे। सौदेबाजी करने के बाद कारोबारियों से कहकर आए कि हम तो कुछ नहीं करना चाहते। यह अखबार वाले नहीं मानते। क्या करें? सौ फुटा रोड पर भी महानगर में रहने वाले चार अवैध कॉलोनाइजर अवैध निर्माण लगातार कर रहे हैं, जिनमें कुछ तो स्वयं को भाजपा का नेता भी बताते हैं। शाहदाना चौराहे पर एक बड़े अवैध निर्माण में लिंटर पड़ चुका है। मॉडल टाउन रोड पर पुलिस चौकी से थोड़ा पहले अपोजिट साइड में एक नए बरातघर का बेसमेंट तैयार हो चुका है। इसका नक्शा प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं है। जमुना विहार कॉलोनी में पूर्व एमएलसी के घर के निकट कॉलोनाइजरों ने बाहर गेट लगाकर आड़ कर ली। गेट के अंदर करीब 5000 वर्ग गज से अधिक एरिया में अवैध कॉलोनी बना रहे हैं। यहां सीसी रोड बन चुका है। नाली भी बन चुकी है। इस कॉलोनी का ले आउट पास नहीं है। कूर्मांचल नगर से पहले भी बड़ी संख्या में अवैध निर्माण चल रहे हैं। आकांक्षा एन्क्लेव, खजुरियाघाट के अलावा वीर सावरकर नगर में कम से कम 40 अवैध निर्माण चल रहे हैं। इन सब अवैध निर्माण का बीडीए स्टाफ को भी पता है। कर्मचारी नगर में चार अवैध कालोनियां बन रही हैं, जिनके पीछे एक बड़े भू-माफिया का हाथ बताया जाता है।
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पीलीभीत बाईपास और बीसलपुर रोड की अवैध कॉलोनियां जब बन रही थीं, तब भी कार्रवाई के नाम पर सौदेबाजी का ही खेल चला। नतीजा, बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां बसने के रूप में सामने आया। वही हाल अब भी है। पीलीभीत बाईपास रोड पर मुंशीनगर और एलआईसी कॉलोनी के बीच में महीनों से अवैध कॉलोनी बन रही है। बीडीए के इंजीनियरों को सब पहले से पता है क्योंकि कुछ दिन पहले जब बीडीए का अभियान चला तो जेई इस कॉलोनी की तरफ झांकने तक नहीं गए थे। बीडीए के एई और जेई सब जानते हैं कि शहर के कूर्मांचल नगर, सनसिटी, सनसिटी विस्तार, सौ फुटा रोड, पीलीभीत बाईपास रोड पर ही नेता नुमा एक दर्जन से अधिक अवैध कॉलोनाइजर ही शहर भर में अवैध कॉलोनियां लगातार दूसरे नामों से काटकर बेच रहे हैं। मगर इन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई के नाम पर ज्यादा से ज्यादा इनके गुर्गों के नाम चालान कट गए। अवैध निर्माण सील हो गए या फिर कुछ लोगों के नाम एफआईआर दर्ज हो गई। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी अवैध प्रापर्टी कारोबारियों को विवेचना में पुलिस बचा लेती है। हर जगह सौदेबाजी का रास्ता खुला है। फिलहाल, यह बीडीए से बिना नक्शा या ले आउट स्वीकृत कराए अनधिकृत निर्माण का कारोबार न तो अब तक बंद ही हो पाया है, न ही इस तरह के रवैये के चलते आगे इस पर रोक लगने की उम्मीद है।
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इन जगहों पर अब भी अवैध निर्माण
पीलीभीत बाईपास रोड पर मुंशीनगर के निकट अवैध कॉलोनी का निर्माण लगातार जारी है। बीडीए के दो कर्मचारी चालान काटने के नाम पर कॉलोनी में गए भी थे। सौदेबाजी करने के बाद कारोबारियों से कहकर आए कि हम तो कुछ नहीं करना चाहते। यह अखबार वाले नहीं मानते। क्या करें? सौ फुटा रोड पर भी महानगर में रहने वाले चार अवैध कॉलोनाइजर अवैध निर्माण लगातार कर रहे हैं, जिनमें कुछ तो स्वयं को भाजपा का नेता भी बताते हैं। शाहदाना चौराहे पर एक बड़े अवैध निर्माण में लिंटर पड़ चुका है। मॉडल टाउन रोड पर पुलिस चौकी से थोड़ा पहले अपोजिट साइड में एक नए बरातघर का बेसमेंट तैयार हो चुका है। इसका नक्शा प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं है। जमुना विहार कॉलोनी में पूर्व एमएलसी के घर के निकट कॉलोनाइजरों ने बाहर गेट लगाकर आड़ कर ली। गेट के अंदर करीब 5000 वर्ग गज से अधिक एरिया में अवैध कॉलोनी बना रहे हैं। यहां सीसी रोड बन चुका है। नाली भी बन चुकी है। इस कॉलोनी का ले आउट पास नहीं है। कूर्मांचल नगर से पहले भी बड़ी संख्या में अवैध निर्माण चल रहे हैं। आकांक्षा एन्क्लेव, खजुरियाघाट के अलावा वीर सावरकर नगर में कम से कम 40 अवैध निर्माण चल रहे हैं। इन सब अवैध निर्माण का बीडीए स्टाफ को भी पता है। कर्मचारी नगर में चार अवैध कालोनियां बन रही हैं, जिनके पीछे एक बड़े भू-माफिया का हाथ बताया जाता है।
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