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मां को उज्ज्वला योजना में गैस कनेक्शन, बेटों में खींचतान
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रामनगर/ बरेली। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में केंद्र सरकार ने गांव में रहने वाले गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन और धुआं रहित गैस चूल्हे बांटे। बेशक इस योजना को चलाने के पीछे का उद्देश्य गरीब महिलाओं को धुएं के दुष्प्रभावों से बचाकर कम मेहनत में नाश्ता और खाना बनाकर राहत देना था। गरीब परिवार की जिन महिलाओं को अंत्योदय सूची 2011 को आधार मानकर मुफ्त गैस कनेक्शन मिल गए, उनके बेटे अब अपनी मां से सिलेंडर पर अपना हक जताने के लिए लड़ रहे हैं। कोई मां अगर अपने दो या तीन बेटों में से किसी एक के पास रहती आ रही थी और अगर उसने अपना मुफ्त गैस कनेक्शन किसी दूसरे बेटे को दे दिया है तो वह बेटा अब अपनी मां को अपने पास रखने को तैयार नहीं है। ऐसे ही मुफ्त में मां को मिले गैस सिलेंडर और चूल्हा लेने के लिए दो बेटों में न केवल लड़ाई झगड़ा हुआ, बल्कि लाठी डंडे तक चल गए, जिसमें दोनों भाई गंभीर रूप से घायल भी हुए। पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कर ली।
आंवला क्षेत्र के गांव पट्टी कुर्की के रहने वाली हसीना बेगम (60) को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में मुफ्त गैस कनेक्शन मिला था। इनके शौहर का निधन डेढ़ दशक पहले ही हो गया था। इनके दो बेटे हैं अहसान और इरफान। बड़ा बेटा अहसान मजदूरी करता है और छोटा इरफान स्कूलों में खाना बनाकर अपने परिवार का खर्च चलाता है। मुफ्त गैस सिलेंडर और चूल्हा हसीना बेगम के नाम था क्योंकि अंत्योदय सूची में इनका ही नाम था। हसीना बेगम अपने बेटे इरफान के पास रहती हैं। इरफान के नाम पहले से गैस कनेक्शन है। इसलिए मां ने अपना मुफ्त मिलने वाला गैस कनेक्शन और चूल्हा बड़े बेटे अहसान को दे दिया। मां चूंकि छोटे भाई के पास रहती थी, तो इरफान ने मां पर गैस सिलेंडर और चूल्हा बड़े भाई से वापस अपने घर लाने का दबाव बनाया। मां ने बड़े बेटे अहसान से गैस सिलेंडर और चूल्हा देने को कहा। अहसान ने मां से कहा कि सिलेंडर में अभी 250 रुपये की गैस है। जब वह खत्म हो जाएगी तो सिलेंडर और चूल्हा वापस कर देंगे। छोटे भाई ने मां को अपने पास रखने का हवाला देकर जब सिलेंडर देने को कहा कि दोनों में मारपीट हो गई। लाठी डंडे चलने से दोनों ही गंभीर रूप से घायल हो गए। इस तरह मुफ्त के गैस सिलेंडर और चूल्हे ने एक मां को जो रोटी मिल रही थी, वह भी बंद करा दी। पुलिस ने मारपीट में दोनों भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। किसी भी बेटे पर कार्रवाई करेगी तो पहले तकलीफ मां को ही पहुंचेगी।
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आंवला क्षेत्र के गांव पट्टी कुर्की के रहने वाली हसीना बेगम (60) को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में मुफ्त गैस कनेक्शन मिला था। इनके शौहर का निधन डेढ़ दशक पहले ही हो गया था। इनके दो बेटे हैं अहसान और इरफान। बड़ा बेटा अहसान मजदूरी करता है और छोटा इरफान स्कूलों में खाना बनाकर अपने परिवार का खर्च चलाता है। मुफ्त गैस सिलेंडर और चूल्हा हसीना बेगम के नाम था क्योंकि अंत्योदय सूची में इनका ही नाम था। हसीना बेगम अपने बेटे इरफान के पास रहती हैं। इरफान के नाम पहले से गैस कनेक्शन है। इसलिए मां ने अपना मुफ्त मिलने वाला गैस कनेक्शन और चूल्हा बड़े बेटे अहसान को दे दिया। मां चूंकि छोटे भाई के पास रहती थी, तो इरफान ने मां पर गैस सिलेंडर और चूल्हा बड़े भाई से वापस अपने घर लाने का दबाव बनाया। मां ने बड़े बेटे अहसान से गैस सिलेंडर और चूल्हा देने को कहा। अहसान ने मां से कहा कि सिलेंडर में अभी 250 रुपये की गैस है। जब वह खत्म हो जाएगी तो सिलेंडर और चूल्हा वापस कर देंगे। छोटे भाई ने मां को अपने पास रखने का हवाला देकर जब सिलेंडर देने को कहा कि दोनों में मारपीट हो गई। लाठी डंडे चलने से दोनों ही गंभीर रूप से घायल हो गए। इस तरह मुफ्त के गैस सिलेंडर और चूल्हे ने एक मां को जो रोटी मिल रही थी, वह भी बंद करा दी। पुलिस ने मारपीट में दोनों भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। किसी भी बेटे पर कार्रवाई करेगी तो पहले तकलीफ मां को ही पहुंचेगी।
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