फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   नहर की जमीन पर दोबारा बन गए सील किए गए निर्माण

नहर की जमीन पर दोबारा बन गए सील किए गए निर्माण

Sun, 20 Jan 2019 01:54 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Sun, 20 Jan 2019 01:54 AM IST
विज्ञापन
नहर की जमीन पर दोबारा बन गए सील किए गए निर्माण
बरेली। बीडीए ने छह से आठ महीने पहले त्रिशूल एयरबेस के आस-पास नहर की जमीन पर किए जा रहे अवैध निर्माण सील किए थे, वह दोबारा बन चुके हैं। अवैध निर्माण कराने पर दो अनाधिकृत कालोनाइजरों पर इज्जतनगर थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। उसमें पुलिस ने बीते साल कालोनाइजर के पार्टनर को जेल भी भेजा था। जेल से छूटने के बाद कालोनाइजर ने आठ मकान पूरे कराकर बेच दिए। इस समय ये कालोनाइजर अपने पार्टनरों से मिलकर तीन अन्य मकान नहर की जमीन पर बनवा रहा है।
विज्ञापन

अमर उजाला ने वर्ष 2017-18 में नहर की जमीन पर अवैध कब्जा करके कालोनियां बसाने वाले गैर कानूनी कालोनाइजरों के विरुद्ध अभियान चलाया था। रुहेलखंड नहर डिवीजन ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जा रोकने की कोई कोशिश कभी नहीं की। त्रिशूल एयरबेस के निकट सनसिटी विस्तार कालोनी में बीच वाले गेट से 20 कदम की दूरी पर आरटीओ दफ्तर के कर्मचारी के घर के सामने नहर की जमीन पर इसी कालोनी में रहने वाले अवैध (रेरा में अपंजीकृत) कालोनाइजर दो मकान बना रहे है। इस कालोनाइजर ने सनसिटी कालोनी में प्रारंभ में बीडीए से बिना नक्शा मंजूर कराए पांच मकान बनाकर बेचे थे। उसके बाद आस-पास की कालोनियों में अवैध मकान बनवाकर बेचने का कारोबार शुरू कर दिया। इसमें कालोनाइजर को बीडीए के कर्मचारी का संरक्षण भी बताया जा रहा है।
विज्ञापन

उधर नार्थ सिटी एक्सटेंशन में पांच अवैध मकान निर्माण बीडीए ने लगभग चार महीने पहले सील किए थे। उसमें कालोनाइजर के एक पार्टनर समेत दो आरोपी इज्जतनगर पुलिस ने जेल भी भेजे थे। मगर, जेल से छूटने के बाद कालोनाइजर ने इज्जतनगर पुलिस और बीडीए इंजीनियरों से सेटिंग बिठाई। अब सील होने के बाद भी ये मकान निर्माण पूरा कराकर बेचे जा चुके हैं। नार्थ सिटी एक्सटेंशन में कोठी वाली जमीन पर आठ मकान अवैध तरीके से बनाकर पहले ही बेचे जा चुके हैं। इनके नक्शे बीडीए से मंजूर नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


धराशायी हो गए मंत्री के दावे
योगी सरकार बनने के बाद प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने नहर की जमीन पर कब्जा कर कालोनियां बसाने वाले कालोनाइरों पर सख्त कार्रवाई की हुंकार भरी थी। बरेली दौरे पर वह नहर की जमीन पर हुए गैर कानूनी कब्जों को बार-बार हटाने के दावे करते रहे, मगर अब तक मंत्री के सब दावे हवा-हवाई साबित हुए। नहर विभाग अपनी जमीन पर पहले से हुए कब्जे हटवाना तो भूला ही, नए अवैध निर्माण भी रोकने की कोशिश नहीं कर रहा। रुहेलखंड नहर डिवीजन के एक्सईएन सुरेंद्र सिंह से जब इस संबंध में संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ था।


‘नहर की जमीन पर अवैध निर्माण बीडीए ने कई महीने पहले सील किए थे। दो अवैध कालोनाइजरों पर एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। जो निर्माण सील हैं, उनको रोकने की जिम्मेदारी पुलिस की है। मगर, हम कल बीडीए की टीम भेजकर फिर से सील हुए निर्माण चेक कराएंगे। अगर कोई निर्माण होता पाया गया तो संबंधित व्यक्ति पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।’
- डा. सुरेंद्र कुमार पांडेय, उपाध्यक्ष बीडीए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed