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एंबुलेंस में डीजल नहीं था, पेट में मर गया बच्चा

Tue, 13 Jun 2017 10:39 PM IST
Updated Tue, 13 Jun 2017 10:39 PM IST
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एंबुलेंस में डीजल नहीं था, पेट में मर गया बच्चा
बिशारतगंज/ बरेली।
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मझगवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की 108 एंबुलेंस में ईधन नहीं होने से प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती को एंबुलेंस नहीं मिल सकी। आधी रात को परिवार वाले एक टेंपो से महिला को लेकर पीएचसी पहुंचे, तब तक बच्चे की पेट में ही मौत हो चुकी थी। डॉक्टराें ने समय पर बच्चे को निकालकर महिला की जान बचाई।
नगर के वार्ड सात निवासी प्रभात श्रीवास्तव की पत्नी भारती को 11 जून रविवार रात 12 बजे के करीब प्रसव पीड़ा हुई। प्रभात ने उसे पहले दाई को दिखाया। दाई ने अस्पताल ले जाने की सलाह दी। प्रभात ने एंबुलेंस के लिए 108 नंबर पर कॉल किया। लखनऊ संपर्क होने पर वहां से कॉल होल्ड पर लेकर मझगवां पीएचसी की 108 एंबुलेंस के ईएमटी को लाइन पर लिया गया। ईएमटी ने बताया कि एंबुलेंस में तेल नहीं है और उसके ईधन कार्ड में कोई तकनीकी खराबी से तेल नहीं भरवाया जा सका। इसके चलते उसने मरीज ले जाने से मना किया। लखनऊ से आंवला सीएचसी की एंबुलेंस से संपर्क साधा गया लेकिन वहां कॉल रिसीव नहीं हुई। इस पर गर्भवती के पति ने खुद ही दूर से एंबुलेंस लाने से मना कर दिया क्योंकि उसकी पत्नी प्रसव पीड़ा की वजह से छटपटाने लगी। उसके पति प्रभात ने तुरंत टेंपो बुलवाया और एक बजे के बाद पत्नी को लेकर सीधे मझगवां पीएचसी पहुंच गए। अस्पताल पहुंचने पर बच्चे का पैर भी बाहर आ गया था। भारती को मृत बेटा पैदा हुआ। प्रभात ने बताया कि यह उसकी पहली संतान थी। परिवार शोक में डूबा है।
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महिला हमारे यहां पहुंचीं तो हालत काफी बिगड़ चुकी थी। बच्चा भी पेट में मर चुका था। हमने बच्चे को निकालकर मां की जान बचा ली। जहां तक 108 और 102 एंबुलेंस का मामला है तो यह हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं आती हैं- डा. वैभव राठौर, प्रभारी चिकित्साधिकारी मझगवां सीएचसी
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मेरे साथ जो हुआ सो हुआ। किसी और को सिस्टम की कमी की वजह से इस तरह अपना बच्चा न गंवाना पड़े। इसके लिए मैंने डीएम को पत्र भेजकर एंबुलेंस व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है- प्रभात श्रीवास्तव, पीड़ित पिता


एंबुलेंस चालक को फोन ट्रांसफर किया गया तो उसने बताया कि ईधन खत्म होने से उसकी गाड़ी बंद है। जो ईधन कार्ड उसके पास है उसमें तकनीकी खराबी से वह चल नहीं रहा है। ऐेसे में उसने केस नहीं लिया। जानकारी के बाद कार्ड ठीक करा दिया गया है।
आतिश, प्रभारी, 108, 102 एंबुलेंस सेवा

एंबुलेंस की व्यवस्था सुधारने के लिए पहले भी कहा गया है। इस मामले में कहां चूक हुई है इसके लिए जांच कराई जाएगी।
डॉ. विजय यादव, सीएमओ
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