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कड़ी सुरक्षा में 1475 बंदी नई जेल में शिफ्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Mon, 26 Dec 2016 12:51 AM IST
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1475 in new high security prison prisoner shift
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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अंग्रेजों के जमाने की पुरानी जिला जेल से रविवार को कड़ी सुरक्षा में 1475 बंदी नई जिला जेल में शिफ्ट किए गए। डीएम ने पुरानी जेल का निरीक्षण करने के बाद नई जेल की सुरक्षा की बारीकियां भी देखीं। इसके बाद सुबह आठ बजे से बंदियों को शिफ्ट करने का सिलसिला शुरू हुआ जो शाम छह बजे तक चला। पुरानी जेल में 24 सौ बंदी हैं। शेष बंदी सोमवार को शिफ्ट किए जाएंगे।
भुता रोड पर सैदपुर केसरपुर में बंदियों को सुबह आठ बजे से 63 बख्तरबंद गाड़ियों से शिफ्ट करने का काम शुरू किया गया। प्रशासन और पुलिस के उच्चाधिकारियों के अलावा रास्ते में पड़ने वाली पुलिस चौकी पर भारी संख्या में सुरक्षा बल मौजूद था। बंदियों को शिफ्ट करने तक शहर की एक तरह से नाकेबंदी कर दी गई थी। बख्तरबंद गाड़ियों में शाम तक 1475 बंदी क्रमबद्ध तरीके से नई जेल में ले जाए गए। 1025 बंदियों को सोमवार को शिफ्ट किया जाएगा। जिलाधिकारी पंकज यादव ने दोनों जेलों का खुद निरीक्षण किया। जेल अधीक्षक दधिराम मौर्य ने बताया कि नई जेल में पहले दिन भोजन बनाने के इंतजाम नहीं थे। इसलिए उनको खाना पुरानी जेल से ही भेजा गया। संडे को जेल के खाने का मीनू पूड़ी सब्जी और हलवा था जिसे पुरानी जेल से बनवाकर नई जेल में बंदियों के लिए भेजा गया था।
अफसरों ने खुद संभाली सुरक्षा की कमान
बरेली। पुरानी जेल से नई जेल तक रास्ते में सुरक्षा का जाल बिछाया गया था। अधिकारी खुद सुरक्षा की कमान संभाल रहे थे। एसपी सिटी समीर सौरभ ने रविवार को सुबह पहले पुरानी जेल से सुरक्षा के इंतजाम देखे, इसके बाद वह नई जेल पर पहुंच गए। वहां सुरक्षा व्यवस्था देखकर बंदियों की शिफ्टिंग में एहतियात बरतने को कहा। एएसपी सिद्धार्थ वर्मा चौकी चौराहे पर सुरक्षा का इंतजाम देखते रहे। जेल के मुख्य गेट के पास इंस्पेक्टर सुभाषनगर अतुल प्रधान को लगाया गया था। रास्ते में हर चौराहे पर पुलिस लगाई गई थी। पुलिस कर्मियों के पास वायरलेस सेट थे। ताकि किसी भी तरह की सूचना पर पुलिस आसानी से दौड़ सके। बंदियों की गाड़ियों को कड़े पहरे में जेल तक पहुंचाया गया।
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आज से नई जेल में बनेगा खाना
-रविवार को प्रशासन ने पुरानी जेल से ही खाना भिजवाया गया। वहां इंतजाम नहीं हो पाया है। नई जेल में सोमवार के खाना बनना शुरू होगा। हालांकि बंदियों के लिए सुबह नाश्ता पुरानी जेल से ही जाना है। इसके लिए जेल प्रशासन ने इंतजाम कर लिए हैं।
दुरुस्त होने लगी व्यवस्थाएं
-डीएम पंकज यादव ने काफी देर पुरानी जेल में बैठकर शिफ्टिंग की व्यवस्था देखी। शाम करीब सात बजे डीएम और एसएसपी जोगेंद्र कुमार नई जेल पहुंच गए। वहां दोनों अधिकारियों से जेल की व्यवस्थाएं देखीं। डीएम के आदेश पर जेल में व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी शुरू हो गई है। पानी, बिजली की व्यवस्था को चाक चौबंद कराया जा रहा है। जिन बैरकों में पानी की दिक्कत है, वहां निर्माण एजेंसी की टीम काम कर रही है।
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भुता रोड पर सैदपुर केसरपुर में बंदियों को सुबह आठ बजे से 63 बख्तरबंद गाड़ियों से शिफ्ट करने का काम शुरू किया गया। प्रशासन और पुलिस के उच्चाधिकारियों के अलावा रास्ते में पड़ने वाली पुलिस चौकी पर भारी संख्या में सुरक्षा बल मौजूद था। बंदियों को शिफ्ट करने तक शहर की एक तरह से नाकेबंदी कर दी गई थी। बख्तरबंद गाड़ियों में शाम तक 1475 बंदी क्रमबद्ध तरीके से नई जेल में ले जाए गए। 1025 बंदियों को सोमवार को शिफ्ट किया जाएगा। जिलाधिकारी पंकज यादव ने दोनों जेलों का खुद निरीक्षण किया। जेल अधीक्षक दधिराम मौर्य ने बताया कि नई जेल में पहले दिन भोजन बनाने के इंतजाम नहीं थे। इसलिए उनको खाना पुरानी जेल से ही भेजा गया। संडे को जेल के खाने का मीनू पूड़ी सब्जी और हलवा था जिसे पुरानी जेल से बनवाकर नई जेल में बंदियों के लिए भेजा गया था।
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अफसरों ने खुद संभाली सुरक्षा की कमान
बरेली। पुरानी जेल से नई जेल तक रास्ते में सुरक्षा का जाल बिछाया गया था। अधिकारी खुद सुरक्षा की कमान संभाल रहे थे। एसपी सिटी समीर सौरभ ने रविवार को सुबह पहले पुरानी जेल से सुरक्षा के इंतजाम देखे, इसके बाद वह नई जेल पर पहुंच गए। वहां सुरक्षा व्यवस्था देखकर बंदियों की शिफ्टिंग में एहतियात बरतने को कहा। एएसपी सिद्धार्थ वर्मा चौकी चौराहे पर सुरक्षा का इंतजाम देखते रहे। जेल के मुख्य गेट के पास इंस्पेक्टर सुभाषनगर अतुल प्रधान को लगाया गया था। रास्ते में हर चौराहे पर पुलिस लगाई गई थी। पुलिस कर्मियों के पास वायरलेस सेट थे। ताकि किसी भी तरह की सूचना पर पुलिस आसानी से दौड़ सके। बंदियों की गाड़ियों को कड़े पहरे में जेल तक पहुंचाया गया।
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आज से नई जेल में बनेगा खाना
-रविवार को प्रशासन ने पुरानी जेल से ही खाना भिजवाया गया। वहां इंतजाम नहीं हो पाया है। नई जेल में सोमवार के खाना बनना शुरू होगा। हालांकि बंदियों के लिए सुबह नाश्ता पुरानी जेल से ही जाना है। इसके लिए जेल प्रशासन ने इंतजाम कर लिए हैं।
दुरुस्त होने लगी व्यवस्थाएं
-डीएम पंकज यादव ने काफी देर पुरानी जेल में बैठकर शिफ्टिंग की व्यवस्था देखी। शाम करीब सात बजे डीएम और एसएसपी जोगेंद्र कुमार नई जेल पहुंच गए। वहां दोनों अधिकारियों से जेल की व्यवस्थाएं देखीं। डीएम के आदेश पर जेल में व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी शुरू हो गई है। पानी, बिजली की व्यवस्था को चाक चौबंद कराया जा रहा है। जिन बैरकों में पानी की दिक्कत है, वहां निर्माण एजेंसी की टीम काम कर रही है।