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मदीना शरीफ में 12 लाख रोजेदार एक साथ करते हैं रोजा इफ्तार
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Sat, 26 May 2018 12:47 AM IST
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रोजा इफ्तार करता मुस्लिम समाज
- फोटो : Getty
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सऊदी अरब के मदीना शरीफ स्थित मस्जिद-ए-नबुवी में बड़ा रोजा इफ्तार होता है। जहां माहे रमजान में हर शाम 12 लाख से भी ज्यादा रोजेदार एक साथ रोजा इफ्तार करते हैं। इसी तरह वहीं के मक्का शरीफ स्थित काबा शरीफ की मस्जिद-ए-हरम में हर रोज लगभग 10 लाख लोग रोजा इफ्तार करते हैं। इन दिनों बरेली के ही उमरा करने गए लगभग डेढ़ हजार लोग वहां के रोजा इफ्तार में शामिल हो रहे हैं। बरेली के हाजी शराफत खान और हाजी यासीन कुरैशी ने वहां के इफ्तार के बारे में बरेली हज सेवा समिति के संरक्षक पम्मी खां वारसी को फोन पर यह जानकारी दी। यह भी बताया कि इन दिनों पूरे भारत से लगभग डेढ़ लाख लोग यहां उमरा पर आए हुए हैं।
उधर, मदीना शरीफ से सीधे बातचीत में हाजी हिफाजत उल्ला खां ने अमर उजाला को बताया कि यहां के इफ्तार का मंजर बयान नहीं कर सकते। लाखों लोग एक साथ बैठते हैं। मस्जिद नबूवी से लेकर बाहर बरामदे, मैदान यहां तक कि सड़कों के फुटपाथों तक पर लोग इफ्तार के लिए बैठे होते हैं और वहां के मुकामी लोग अपने तौर पर इफ्तार कराते हैं। उस दस्तरख्वान पर खाने पीने की हर नेमत होती है। मेवा फल से लेकर बहुत कुछ होता है। इफ्तार कराने वाले उमरा पर गए लोगों को अपने-अपने दस्तरख्वान पर आने की दावत देते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को वो इफ्तार करा सकें।
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उधर, मदीना शरीफ से सीधे बातचीत में हाजी हिफाजत उल्ला खां ने अमर उजाला को बताया कि यहां के इफ्तार का मंजर बयान नहीं कर सकते। लाखों लोग एक साथ बैठते हैं। मस्जिद नबूवी से लेकर बाहर बरामदे, मैदान यहां तक कि सड़कों के फुटपाथों तक पर लोग इफ्तार के लिए बैठे होते हैं और वहां के मुकामी लोग अपने तौर पर इफ्तार कराते हैं। उस दस्तरख्वान पर खाने पीने की हर नेमत होती है। मेवा फल से लेकर बहुत कुछ होता है। इफ्तार कराने वाले उमरा पर गए लोगों को अपने-अपने दस्तरख्वान पर आने की दावत देते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को वो इफ्तार करा सकें।
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