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पर्याव्रण वाली खबर
Updated Sat, 13 Jan 2018 10:05 AM IST
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बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद खतरनाक है कोहरा
दिल का दौरा पड़ने का कारण भी बन सकता है फॉग
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
शीतलहर के बीच घना कोहरा बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। खासतौर से सुबह के वक्त बाहर निकलना तो ब्रोंकाइटिस, फेफड़े में इन्फेक्शन, एलर्जी और आंखों संबंधी बीमारियों को दावत देना है। घने कोहरे ने शहर के वातावरण में प्रदूषण का स्तर डेढ़ गुना तक बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का तो यहां तक कहना है कि लगातार ऐसे वातावरण में रहने से दिल का दौरा पड़ने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है।
जनवरी के प्रथम सप्ताह में शहर में वायु प्रदूषण का ग्राफ बढ़ा है। मार्टीकुलेट मैटर (पीएम 2.5 और पीएम 10) की मात्रा डेढ़ गुना तक बढ़ गई है। इसमें सबसे ज्यादा कार्बन के कण, टायर के घिसने से निकले वाले रबर के कण जैसे टॉक्सिक बढ़े हैं। ये डस्ट पार्टिकल सांस के जरिये खून में पहुंचते हैं और फिर दिल का दौरा पड़ने का कारण बनते हैं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अजय मोहन के अनुसार पीएम 2.5 और पीएम 10 शरीर के आर्गन के लिए बहुत खतरनाक होते हैं। उन्होंने मार्निंग वाकर को सलाह दी कि जब तक कोहरा है तब तक सुबह टहलने से परहेज करें। पर्यावरणविद डॉ. डीके सक्सेना के अनुसार जनवरी के प्रथम सप्ताह में एयर क्वालिटी में प्रदूषण का ग्राफ बढ़ा है। जैसे जैसे कोहरा घना होता जा रहा है वैसे वैसे पीएम 2.5 और पीएम 10 मात्रा बढ़ती जा रही है।
कैसे नुकसान पहुंचा सकते हैं यह सूक्ष्म कण
पार्टीकुलेट मैटर हवा में तैरने वाले सूक्ष्म कण होते हैं जो आसानी से नजर नहीं आते। यह कण धुएं से निकलने वाले कार्बन के कण हो सकते हैं। धूल के कण या टायर की रबर के कण हो सकते हैं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अजय मोहन के अनुसार यह बारीक कण सांस के जरिये हमारे शरीर में पहुंचते हैं। कोहरा होने से यह एक जगह ठहरने लगते हैं। फेफड़े में पहुंचकर इंफेक्शन, सांस लेने की क्रिया को प्रभावित करते हैं। आंखों में एलर्जी हो सकती है। लगातार बालों पर जमा होने से उनके झड़ने का कारण भी बन सकते हैं। ब्रोंकाइटिस बीमारी भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि यह कण बुजुर्ग और बच्चों पर ज्यादा तेजी से असर करते हैं।
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जनवरी में वायु प्रदूषण का हाल
जनवरी पीएम 2.5 पीएम 10
एक जनवरी 168 269
दो जनवरी 170 312
तीन जनवरी 198 302
चार जनवरी 156 278
पांच जनवरी 180 260
छह जनवरी 177 289
सात जनवरी 180 299
नार्मल मात्रा 60 100
(नोट : यह पूरे शहर का औसत आंकड़ा है। सिविल लाइंस एरिया में पार्टीकुलेट मैटर की संख्या ज्यादा मिली है। चौराहों के आसपास पीएम 10 की संख्या 400 माइक्रोन प्रति घन मीटर पाया गया।)
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दिल का दौरा पड़ने का कारण भी बन सकता है फॉग
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
शीतलहर के बीच घना कोहरा बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। खासतौर से सुबह के वक्त बाहर निकलना तो ब्रोंकाइटिस, फेफड़े में इन्फेक्शन, एलर्जी और आंखों संबंधी बीमारियों को दावत देना है। घने कोहरे ने शहर के वातावरण में प्रदूषण का स्तर डेढ़ गुना तक बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का तो यहां तक कहना है कि लगातार ऐसे वातावरण में रहने से दिल का दौरा पड़ने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है।
जनवरी के प्रथम सप्ताह में शहर में वायु प्रदूषण का ग्राफ बढ़ा है। मार्टीकुलेट मैटर (पीएम 2.5 और पीएम 10) की मात्रा डेढ़ गुना तक बढ़ गई है। इसमें सबसे ज्यादा कार्बन के कण, टायर के घिसने से निकले वाले रबर के कण जैसे टॉक्सिक बढ़े हैं। ये डस्ट पार्टिकल सांस के जरिये खून में पहुंचते हैं और फिर दिल का दौरा पड़ने का कारण बनते हैं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अजय मोहन के अनुसार पीएम 2.5 और पीएम 10 शरीर के आर्गन के लिए बहुत खतरनाक होते हैं। उन्होंने मार्निंग वाकर को सलाह दी कि जब तक कोहरा है तब तक सुबह टहलने से परहेज करें। पर्यावरणविद डॉ. डीके सक्सेना के अनुसार जनवरी के प्रथम सप्ताह में एयर क्वालिटी में प्रदूषण का ग्राफ बढ़ा है। जैसे जैसे कोहरा घना होता जा रहा है वैसे वैसे पीएम 2.5 और पीएम 10 मात्रा बढ़ती जा रही है।
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कैसे नुकसान पहुंचा सकते हैं यह सूक्ष्म कण
पार्टीकुलेट मैटर हवा में तैरने वाले सूक्ष्म कण होते हैं जो आसानी से नजर नहीं आते। यह कण धुएं से निकलने वाले कार्बन के कण हो सकते हैं। धूल के कण या टायर की रबर के कण हो सकते हैं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अजय मोहन के अनुसार यह बारीक कण सांस के जरिये हमारे शरीर में पहुंचते हैं। कोहरा होने से यह एक जगह ठहरने लगते हैं। फेफड़े में पहुंचकर इंफेक्शन, सांस लेने की क्रिया को प्रभावित करते हैं। आंखों में एलर्जी हो सकती है। लगातार बालों पर जमा होने से उनके झड़ने का कारण भी बन सकते हैं। ब्रोंकाइटिस बीमारी भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि यह कण बुजुर्ग और बच्चों पर ज्यादा तेजी से असर करते हैं।
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जनवरी में वायु प्रदूषण का हाल
जनवरी पीएम 2.5 पीएम 10
एक जनवरी 168 269
दो जनवरी 170 312
तीन जनवरी 198 302
चार जनवरी 156 278
पांच जनवरी 180 260
छह जनवरी 177 289
सात जनवरी 180 299
नार्मल मात्रा 60 100
(नोट : यह पूरे शहर का औसत आंकड़ा है। सिविल लाइंस एरिया में पार्टीकुलेट मैटर की संख्या ज्यादा मिली है। चौराहों के आसपास पीएम 10 की संख्या 400 माइक्रोन प्रति घन मीटर पाया गया।)