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नो ट्रिपिंग जोन में बत्ती गुल क्यों.. अब कार्रवाई होगी
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बरेली। ‘नो ट्रिपिंग जोन में शहर के शामिल होने के बाद भी कई इलाकों में बिजली गुल रहती है। बार-बार शटडाउन की शिकायतें आती रहती हैं। लेकिन अगर अब ऐसा हुआ तो कार्रवाई झेलनी पड़ेगी।’ शनिवार को पावर कारपोरेशन के डायरेक्टर विजय कुमार बरेली पहुंचे और अफसरों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मौके पर जाकर ट्रांसफार्मरों का हाल भी देखा। कहा कि बरेली नो ट्रिपिंग जोन में शामिल कर लिया गया है। अब कोई भी शट डाउन एसडीओ की अनुमति के बगैर नहीं होगा।
शनिवार दोपहर निदेशक विजय कुमार पहुंचे और सप्लाई नेटवर्क संबंधी समीक्षा कर बार-बार होने वाली ट्रिपिंग पर नाराजगी जताई। उन्होंने कृषि कार्य के लिए चिह्नित लाइनें सप्ताह में अलग करने को कहा। उन्होंने किला उपकेंद्र फीडर नंबर तीन पर लगे ट्रांसफार्मरों की स्थिति मौके पर जाकर देखी। वहां ट्रांसफार्मर के तीनों फेस में लोड बराबर नहीं था। वितरण लाइनाें का जाल देखकर वे बिफर गए। बोले- गर्मियों में ऐसे अस्त-व्यस्त नेटवर्क से 24 घंटे सप्लाई कैसे होगी। निदेशक ने अधिशासी अभियंता से पूछा कि उन्होंने कभी इस क्षेत्र भ्रमण किया। इस पर एक्सईएन मुकेश कुमार बगले झांकने लगे। वे यह भी नहीं बता पाए कि उनके क्षेत्र में कितने ट्रांसफार्मर खराब हैं। किला उपकेंद्र नोडल प्रभारी जेई के कामकाज से भी संतुष्ट नहीं दिखे। एसडीओ एमए खान ने निदेशक को तकनीकी जानकारियां दीं। निदेशक ने समीक्षा बैठक में कहा कि बरेली शहर नो ट्रिपिंग जोन में शामिल है, फिर भी दस-दस मिनट में शटडाउन लेने की शिकायतें आ रही हैं, लेकिन यह सब नहीं चलेगा। कोई भी शट डाउन एसडीओ की जानकारी बगैर नहीं लिया जाएगा। सभी ट्रांसफार्मरों पर लोड बराबर किया जाए। मीटर रीडर पहले उपकेंद्र नोडल प्रभारी यानी जेई को अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा, इसके बाद क्षेत्र में जाएगा। शत प्रतिशत बिलिंग और खराब बिल प्राथमिकता से सही किए जाएं। बैठक में एसई एनके मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद, एक्सईएन एलबी सिंह, राकेश कुमार, पीए मोंगा, रंजीत चौधरी, नंदलाल, अंबरीश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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शनिवार दोपहर निदेशक विजय कुमार पहुंचे और सप्लाई नेटवर्क संबंधी समीक्षा कर बार-बार होने वाली ट्रिपिंग पर नाराजगी जताई। उन्होंने कृषि कार्य के लिए चिह्नित लाइनें सप्ताह में अलग करने को कहा। उन्होंने किला उपकेंद्र फीडर नंबर तीन पर लगे ट्रांसफार्मरों की स्थिति मौके पर जाकर देखी। वहां ट्रांसफार्मर के तीनों फेस में लोड बराबर नहीं था। वितरण लाइनाें का जाल देखकर वे बिफर गए। बोले- गर्मियों में ऐसे अस्त-व्यस्त नेटवर्क से 24 घंटे सप्लाई कैसे होगी। निदेशक ने अधिशासी अभियंता से पूछा कि उन्होंने कभी इस क्षेत्र भ्रमण किया। इस पर एक्सईएन मुकेश कुमार बगले झांकने लगे। वे यह भी नहीं बता पाए कि उनके क्षेत्र में कितने ट्रांसफार्मर खराब हैं। किला उपकेंद्र नोडल प्रभारी जेई के कामकाज से भी संतुष्ट नहीं दिखे। एसडीओ एमए खान ने निदेशक को तकनीकी जानकारियां दीं। निदेशक ने समीक्षा बैठक में कहा कि बरेली शहर नो ट्रिपिंग जोन में शामिल है, फिर भी दस-दस मिनट में शटडाउन लेने की शिकायतें आ रही हैं, लेकिन यह सब नहीं चलेगा। कोई भी शट डाउन एसडीओ की जानकारी बगैर नहीं लिया जाएगा। सभी ट्रांसफार्मरों पर लोड बराबर किया जाए। मीटर रीडर पहले उपकेंद्र नोडल प्रभारी यानी जेई को अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा, इसके बाद क्षेत्र में जाएगा। शत प्रतिशत बिलिंग और खराब बिल प्राथमिकता से सही किए जाएं। बैठक में एसई एनके मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद, एक्सईएन एलबी सिंह, राकेश कुमार, पीए मोंगा, रंजीत चौधरी, नंदलाल, अंबरीश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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