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हलाला पीड़िता की बहन से जिरह पूरी
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बरेली। गुजारा भत्ता मामले में हलाला पीड़िता की बहन से शुक्रवार को जिरह पूरी हो गई। जिरह में उसने पीड़िता को उसके पति के पास दोबारा भेजने से इंकार किया। उसने कोर्ट में यह भी कहा कि उसकी बहन का निकाह सिर्फ वसीम से हुआ था। मुकदमा एफटीसी प्रथम अजय सिंह की अदालत मेें चल रहा है।
पीड़िता की बहन से बीती कई तारीखों से चल रही जिरह शुक्रवार को पूरी हो गई। जिरह के दौरान उसने वसीम के वकील राहुल भसीन के सवाल पर जवाब दिया कि वसीम अगर उसकी बहन को रखने को तैयार भी हो जाए तो वह नहीं भेजेगी। खुद पीड़िता भी उसके साथ रहना नहीं चाहती है। एक सवाल के जवाब में उसने कहा कि मुझे नहीं पता कि उसकी बहन ने अदालत मेें कितने निकाहनामे दाखिल किए हैं। उसका निकाह सिर्फ वसीम के साथ हुआ है। अदालत ने इस मामले में अब 27 फरवरी की तारीख तय की है।
बता दें कि हलाला पीड़िता की बहन ने अदालत में शपथ पत्र देकर कहा था कि उसकी बहन की शादी वसीम से हुई थी। शादी के दो साल बाद तक कोई औलाद न होने पर उसे तलाक दे दी गई। जब उसकी बहन ने अपने बेसहारा होने की बात कही तो जबरदस्ती उसका निकाह ससुर से करा दिया गया। ससुर के तलाक देने के बाद फिर से उसका निकाह वसीम से कराया गया। कुछ दिन बाद ही वसीम ने उसकी बहन को फिर से तलाक दे दी और इस बार देवर के साथ हलाला करने की शर्त रखी। इसके बाद उसकी बहन मायके चली आई।
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पीड़िता की बहन से बीती कई तारीखों से चल रही जिरह शुक्रवार को पूरी हो गई। जिरह के दौरान उसने वसीम के वकील राहुल भसीन के सवाल पर जवाब दिया कि वसीम अगर उसकी बहन को रखने को तैयार भी हो जाए तो वह नहीं भेजेगी। खुद पीड़िता भी उसके साथ रहना नहीं चाहती है। एक सवाल के जवाब में उसने कहा कि मुझे नहीं पता कि उसकी बहन ने अदालत मेें कितने निकाहनामे दाखिल किए हैं। उसका निकाह सिर्फ वसीम के साथ हुआ है। अदालत ने इस मामले में अब 27 फरवरी की तारीख तय की है।
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बता दें कि हलाला पीड़िता की बहन ने अदालत में शपथ पत्र देकर कहा था कि उसकी बहन की शादी वसीम से हुई थी। शादी के दो साल बाद तक कोई औलाद न होने पर उसे तलाक दे दी गई। जब उसकी बहन ने अपने बेसहारा होने की बात कही तो जबरदस्ती उसका निकाह ससुर से करा दिया गया। ससुर के तलाक देने के बाद फिर से उसका निकाह वसीम से कराया गया। कुछ दिन बाद ही वसीम ने उसकी बहन को फिर से तलाक दे दी और इस बार देवर के साथ हलाला करने की शर्त रखी। इसके बाद उसकी बहन मायके चली आई।
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