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चार गुनी बढ़ी बदायूं सिंचाई प्रोजेक्ट की लागत
Updated Tue, 20 Jun 2017 11:48 AM IST
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बरेली।
बदायूं की दातागंज और बरेली की सदर और आंवला तहसीलों में सिंचाई की सुविधा देने के लिए बनाई जा रही बदायूं सिंचाई नहर परियोजना की लागत पांच साल में करीब चार गुनी तक बढ़ गई है। इसका पुनरीक्षित एस्टीमेट सिंचाई विभाग को भेजा गया है। ये काम अगले साल पूरा जाना चाहिए था लेकिन जिस धीमी गति से इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है उससे ये किसी हाल में संभव नहीं लगता।
पांच साल पहले बरेली और बदायूं की तीन तहसीलों में 37453 हेक्टेयर जमीन में सिंचाई सुविधा देने के लिए बदायूं सिंचाई परियोजना शुरू की गई थी। उस समय परियोजना की अनुमानित लागत 630.04 करोड़ थी। इसमें बरेली की सदर तहसील के चौबारी गांव में रामगंगा नदी पर बैराज निर्माण का काम चल रहा है। इसकी गति इतनी धीमी है कि अब तक बैराज के 30 से 35 अबटमेंट ही बन पाए हैं। बैराज के गेट लगाने का काम भी अधूरा है। 30 स्लैब में से अभी आधे भी नहीं बने हैं। बैराज के अपस्ट्रीम में प्रस्तावित 26 किलोमीटर बांध में 25 किलोमीटर बांध का काम पूरा कराने के दावे किए गए हैं लेकिन बैराज के दाहिने किनारे से निकलने वाले मुख्य नहर के हेड रेग्यूलेटर की हेडवाल, गाइड बंध के काम भी अधूरे हैं। बैराज से प्रस्तावित मुख्य नहर 15.60 किलोमीटर लंबाई बननी है जिसमें काफी काम अधूरा है। मुख्य नहर से चंपतपुर, बरखेड़ा की छोटी नहरें भी बनाया जाना प्रस्तावित है जिनकी लंबाई 34 और 39.6 किलोमीटर है। नहर की दोनों शाखाओं में अधिकांश काम अधूरा है। इसके अलावा 380.10 किलोमीटर के रजवाहे भी नहीं बने हैं। अब तक 469.30 किलोमीटर की नहरों में केवल 53 किलोमीटर की नहरें ही बन पाई हैं। अब बदायूं सिंचाई परियोजना की नई लागत 630.04 करोड़ से बढ़कर 2208.22 करोड़ प्रस्तावित की गई है। इसका पुनरीक्षित एस्टीमेट बनाकर सिंचाई विभाग को भेजा गया है। अब इस परियोजना को वर्ष 2018-19 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है लेकिन जिस तरह बैराज और कैनाल निर्माण का काम चल रहा है, उससे इसमें एक से डेढ़ साल का विलंब हो सकता है।
बदायूं सिंचाई परियोजना तय समय से लेेट चल रही है। इसीलिए इसकी लागत बढ़ी है। इसमें उतनी तेजी से काम नहीं हो पाया जितनी तेजी से होना चाहिए था। मेरा ट्रांसफर हो चुका है। नए एसई एक दो दिन में चार्ज लेंगे। वही काम को आगे बढ़ाएंगे।
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केएल गुप्ता, निवर्तमान एसई बाढ़ खंड
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बदायूं की दातागंज और बरेली की सदर और आंवला तहसीलों में सिंचाई की सुविधा देने के लिए बनाई जा रही बदायूं सिंचाई नहर परियोजना की लागत पांच साल में करीब चार गुनी तक बढ़ गई है। इसका पुनरीक्षित एस्टीमेट सिंचाई विभाग को भेजा गया है। ये काम अगले साल पूरा जाना चाहिए था लेकिन जिस धीमी गति से इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है उससे ये किसी हाल में संभव नहीं लगता।
पांच साल पहले बरेली और बदायूं की तीन तहसीलों में 37453 हेक्टेयर जमीन में सिंचाई सुविधा देने के लिए बदायूं सिंचाई परियोजना शुरू की गई थी। उस समय परियोजना की अनुमानित लागत 630.04 करोड़ थी। इसमें बरेली की सदर तहसील के चौबारी गांव में रामगंगा नदी पर बैराज निर्माण का काम चल रहा है। इसकी गति इतनी धीमी है कि अब तक बैराज के 30 से 35 अबटमेंट ही बन पाए हैं। बैराज के गेट लगाने का काम भी अधूरा है। 30 स्लैब में से अभी आधे भी नहीं बने हैं। बैराज के अपस्ट्रीम में प्रस्तावित 26 किलोमीटर बांध में 25 किलोमीटर बांध का काम पूरा कराने के दावे किए गए हैं लेकिन बैराज के दाहिने किनारे से निकलने वाले मुख्य नहर के हेड रेग्यूलेटर की हेडवाल, गाइड बंध के काम भी अधूरे हैं। बैराज से प्रस्तावित मुख्य नहर 15.60 किलोमीटर लंबाई बननी है जिसमें काफी काम अधूरा है। मुख्य नहर से चंपतपुर, बरखेड़ा की छोटी नहरें भी बनाया जाना प्रस्तावित है जिनकी लंबाई 34 और 39.6 किलोमीटर है। नहर की दोनों शाखाओं में अधिकांश काम अधूरा है। इसके अलावा 380.10 किलोमीटर के रजवाहे भी नहीं बने हैं। अब तक 469.30 किलोमीटर की नहरों में केवल 53 किलोमीटर की नहरें ही बन पाई हैं। अब बदायूं सिंचाई परियोजना की नई लागत 630.04 करोड़ से बढ़कर 2208.22 करोड़ प्रस्तावित की गई है। इसका पुनरीक्षित एस्टीमेट बनाकर सिंचाई विभाग को भेजा गया है। अब इस परियोजना को वर्ष 2018-19 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है लेकिन जिस तरह बैराज और कैनाल निर्माण का काम चल रहा है, उससे इसमें एक से डेढ़ साल का विलंब हो सकता है।
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बदायूं सिंचाई परियोजना तय समय से लेेट चल रही है। इसीलिए इसकी लागत बढ़ी है। इसमें उतनी तेजी से काम नहीं हो पाया जितनी तेजी से होना चाहिए था। मेरा ट्रांसफर हो चुका है। नए एसई एक दो दिन में चार्ज लेंगे। वही काम को आगे बढ़ाएंगे।
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केएल गुप्ता, निवर्तमान एसई बाढ़ खंड