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रामगंगा में नहाते वक्त तीन किशोर डूबे, दो की मौत
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बिशारतगंज (बरेली)। क्षेत्र के खजुआई गांव में रामगंगा में नहाने गए दो सगे भाइयों समेत तीन किशोर डूब गए। इनमें से एक को बचा लिया गया, जबकि दो की मौत हो गई। उनके शव निकाले गए तो घाट पर कोहराम मच गया। परिवार ने कार्रवाई से इंकार किया तो पुलिस ने पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिए।
रुद्रपुर की गट्टा कॉलोनी निवासी हरिप्रसाद की मृत्यु के बाद से उनके दो बेटे 13 वर्षीय शिवम और 11 वर्षीय सूरज अपनी विवाहित बहन अनीता पत्नी गजेंद्र के घर खजुआई में रह रहे थे। वहीं सीबीगंज की आईटीआर कॉलोनी निवासी मुरारीलाल का 15 वर्षीय बेटा वरुण इसी गांव में अपने नाना होरीलाल के घर छुट्टी बिताने आया था। बुधवार दोपहर बाद शिवम, सूरज और वरुण गांव से डेढ़ किमी दूर बह रही रामगंगा नदी में नहाने गए थे। यहां पालेज की रखवाली कर रहे वीरपाल ने तीनों को मना किया। कहा-कि पानी गहरा है, मत जाओ, लेकिन वो नहीं माने। गहरे पानी में नहाते किशोर डूबने लगे तो मदद को शोर मचाया। तब वीरपाल दूसरे ग्रामीणों के साथ पहुंचे और शिवम को खींच लाए। लेकिन सूरज और वरुण बहते चले गए। जानकारी पर गांव में हड़कंप मच गया और लोग नदी किनारे आ गए। यहां गोताखोरों की मदद से थोड़ी दूर आगे जाकर दोनों के शव मिल गए।
पढ़ाई में होशियार थे दोनों छात्र
सूरज और वरुण दोनों ही पढ़ाई में काफी होशियार थे। सूरज गांव के ही प्राइमरी स्कूल में कक्षा चार का छात्र था। वरुण का परिवार सुभाषनगर क्षेत्र में चौरासी घंटा मंदिर के पास किराये मकान में रहता है। वरुण यहीं के एक स्कूल में पांचवीं का छात्र था। दोनों के पिता मजदूरी करके परिवार पालते हैं।
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रुद्रपुर की गट्टा कॉलोनी निवासी हरिप्रसाद की मृत्यु के बाद से उनके दो बेटे 13 वर्षीय शिवम और 11 वर्षीय सूरज अपनी विवाहित बहन अनीता पत्नी गजेंद्र के घर खजुआई में रह रहे थे। वहीं सीबीगंज की आईटीआर कॉलोनी निवासी मुरारीलाल का 15 वर्षीय बेटा वरुण इसी गांव में अपने नाना होरीलाल के घर छुट्टी बिताने आया था। बुधवार दोपहर बाद शिवम, सूरज और वरुण गांव से डेढ़ किमी दूर बह रही रामगंगा नदी में नहाने गए थे। यहां पालेज की रखवाली कर रहे वीरपाल ने तीनों को मना किया। कहा-कि पानी गहरा है, मत जाओ, लेकिन वो नहीं माने। गहरे पानी में नहाते किशोर डूबने लगे तो मदद को शोर मचाया। तब वीरपाल दूसरे ग्रामीणों के साथ पहुंचे और शिवम को खींच लाए। लेकिन सूरज और वरुण बहते चले गए। जानकारी पर गांव में हड़कंप मच गया और लोग नदी किनारे आ गए। यहां गोताखोरों की मदद से थोड़ी दूर आगे जाकर दोनों के शव मिल गए।
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पढ़ाई में होशियार थे दोनों छात्र
सूरज और वरुण दोनों ही पढ़ाई में काफी होशियार थे। सूरज गांव के ही प्राइमरी स्कूल में कक्षा चार का छात्र था। वरुण का परिवार सुभाषनगर क्षेत्र में चौरासी घंटा मंदिर के पास किराये मकान में रहता है। वरुण यहीं के एक स्कूल में पांचवीं का छात्र था। दोनों के पिता मजदूरी करके परिवार पालते हैं।
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