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अब चुनावी झुनझुना बजाकर फंसा ‘चोटीकटवा’
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बरेली। तीन तलाक पीड़ित महिलाओं की लड़ाई लड़ने वाली मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी और आला हजरत फाउंडेशन की अध्यक्ष निदा खान के खिलाफ फतवा जारी कर उन्हें चोटी काटकर देश से बाहर खदेड़ने पर इनाम का एलान करने वाले ‘चोटीकटवा’ को एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस तो नहीं पकड़ पाई, लेकिन अब उसने भड़काऊ ‘चुनावी फतवा’ जारी कर एक और मुसीबत मोल ले ली है। प्रशासन ने उसकी इस हरकत पर चुनाव आचार संहिता के आधार पर परीक्षण कर कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है। उसके खिलाफ खुफिया जांच के भी निर्देश दे दिए गए हैं।
फैजाने मदीना कौंसिल के अध्यक्ष मोइन खां फरहत और निदा के खिलाफ चोटी काटने का फतवा जारी करने के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद कई महीनों से फरार है। इसी दौरान वह चोटीकटवा के नाम से मशहूर हुआ था। पुलिस ने उसे तलाश करने की कोई कोशिश नहीं की जबकि इस बीच वह लगातार शहर में मौजूद रहकर बयान जारी करता रहा है। अब चोटीकटवा ने एक नया फरमान जारी कर विवाद खड़ा कर दिया है। इस फरमान में उसने कुछ राजनीतिक दलों को निशाना बनाते हुए उन्हें वोट न देने की अपील की है। एक राजनीतिक दल के बारे में उसने अपने फरमान में कहा है कि यह पार्टी चुनाव में एक समुदाय विशेष के वोटों पर दावा कर रही है, लेकिन जब तीन तलाक को लेकर संसद में कानून पारित हो रहा था और बिथरी चैनपुर में हमले हो रहे थे और निर्दोष लोगों को जेल भेजा जा रहा था तो इस राजनीतिक दल के नेताओं ने चुप्पी साध ली थी। उसने यह सवाल भी उठाया है कि जो बेटा अपने बाप का ही नहीं हुआ, वह किसी और का क्या होगा।
इसी के साथ उसने एक और राजनीतिक दल को निशाना बनाते हुए उसकी मुखिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। चोटी कटवा के यह भड़काऊ बयान को लेकर यह मामला प्रशासन के कई उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। इस मामले की जांच शुरू कराते हुए खुफिया विभाग को सक्रिय कर दिया गया है।
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फैजाने मदीना कौंसिल के अध्यक्ष का बयान आपत्तिजनक है। उसे अगर कोई बयान जारी करना है तो चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक 24 घंटे पहले मुझसे अनुमति लेनी चाहिए। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - वीरेंद्र कुमार सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी
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फैजाने मदीना कौंसिल के अध्यक्ष मोइन खां फरहत और निदा के खिलाफ चोटी काटने का फतवा जारी करने के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद कई महीनों से फरार है। इसी दौरान वह चोटीकटवा के नाम से मशहूर हुआ था। पुलिस ने उसे तलाश करने की कोई कोशिश नहीं की जबकि इस बीच वह लगातार शहर में मौजूद रहकर बयान जारी करता रहा है। अब चोटीकटवा ने एक नया फरमान जारी कर विवाद खड़ा कर दिया है। इस फरमान में उसने कुछ राजनीतिक दलों को निशाना बनाते हुए उन्हें वोट न देने की अपील की है। एक राजनीतिक दल के बारे में उसने अपने फरमान में कहा है कि यह पार्टी चुनाव में एक समुदाय विशेष के वोटों पर दावा कर रही है, लेकिन जब तीन तलाक को लेकर संसद में कानून पारित हो रहा था और बिथरी चैनपुर में हमले हो रहे थे और निर्दोष लोगों को जेल भेजा जा रहा था तो इस राजनीतिक दल के नेताओं ने चुप्पी साध ली थी। उसने यह सवाल भी उठाया है कि जो बेटा अपने बाप का ही नहीं हुआ, वह किसी और का क्या होगा।
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इसी के साथ उसने एक और राजनीतिक दल को निशाना बनाते हुए उसकी मुखिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। चोटी कटवा के यह भड़काऊ बयान को लेकर यह मामला प्रशासन के कई उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। इस मामले की जांच शुरू कराते हुए खुफिया विभाग को सक्रिय कर दिया गया है।
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फैजाने मदीना कौंसिल के अध्यक्ष का बयान आपत्तिजनक है। उसे अगर कोई बयान जारी करना है तो चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक 24 घंटे पहले मुझसे अनुमति लेनी चाहिए। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - वीरेंद्र कुमार सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी