{"_id":"5cbcd01fbdec22146555a9fe","slug":"121555877919-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आगरा के मेयर समेत नौ पर बरेली सीजेएम कोर्ट में इस्तगासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा के मेयर समेत नौ पर बरेली सीजेएम कोर्ट में इस्तगासा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। पीएनसी कंपनी के निर्माण कार्यों में घोटालों की शिकायत करने वाले एक ठेकेदार की ओर से की गई जानलेवा हमले की आशंका वाली शिकायत पर सीजेएम कोर्ट ने इस्तगासा दर्ज कर लिया है। इसमें कंपनी के डायरेक्टर आगरा के मेयर नवीन जैन समेत नौ लोगों को आरोपित किया गया है। कोर्ट ने वादी को 28 अप्रैल को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है।
गौरव कुमार गुप्ता के मुताबिक वह बरेली के इज्जतनगर की आशुतोष सिटी में रहते हैं। पहले ठेकेदारी करते थे और अब आरटीआई एक्टीविस्ट हैं। उन्होंने सीजेएम कोर्ट में धारा 156 (3) के तहत पत्र देकर बताया था कि बरेली-बदायूं हाईवे को फोरलेन बनाने का काम आगरा की पीएनसी इन्फ्राटेक लिमिटेड कंपनी ने किया था। निर्माण में किए करोड़ों के घोटाले की शिकायतें उन्होंने कमिश्नर व अन्य अधिकारियों से की थी। इसके बाद से पीएनसी के डायरेक्टर दुश्मनी मान बैठे थे। इन्होंने 11 अप्रैल 2018 की रात एक स्कार्पियो गाड़ी में कुछ लोग उनकी हत्या की साजिश और घोटाले के प्रमाण छीनने को उनके आवास पर भेजे थे। वह तब घर पर नहीं थे, इसलिए जान बच गई। इसकी सीसीटीवी फुटेज उनके पास है। गाड़ी का नंबर भी पीएनसी कंपनी के नाम दर्ज है। अगले दिन फिर उनके मोबाइल पर अंजान कॉल से लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की गई। उन्होंने अगले ही दिन एसएसपी कार्यालय में शिकायत की थी। तब इज्जतनगर पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सौंप दी गई। तब से आज तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। कार्रवाई न होने पर कोर्ट की शरण ली।
शिकायत में इन पर है आरोप
गौरव गुप्ता की शिकायत में पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड आगरा के मैनेजर अमित उपाध्याय, चार डायरेक्टर चक्रेश जैन, नवीन जैन, योगेश जैन और प्रवीन जैन पर आरोप हैं। इनके अलावा चार अज्ञात लोग हैं जो स्कार्पियो से आए थे। नवीन जैन इस समय आगरा के मेयर हैं।
विज्ञापन
मुझे जेल भिजवाया, भाजपा अध्यक्ष से भी की शिकायत
गौरव का कहना है कि उनकी जायज शिकायत पर तो पुलिस ने कार्रवाई नहीं की पर सत्तापक्ष की पार्टी से जुड़े प्रभावशाली आरोपियों ने उन पर चार मामले जरूर दर्ज करा दिए। इनमें दो केस आगरा, एक अलीगढ़ और एक मथुरा में है। बिना साक्ष्य रंगदारी मांगने जैसे आरोप पर आगरा पुलिस उन्हें पकड़ ले गई और वे जेल में बंद रहे। अब जमानत पर आकर कानूनी लड़ाई फिर शुरू की है। बताया कि नवीन जैन के बारे में उन्होंने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर पार्टी स्तर से कार्रवाई करने की भी मांग की है।
विज्ञापन
गौरव कुमार गुप्ता के मुताबिक वह बरेली के इज्जतनगर की आशुतोष सिटी में रहते हैं। पहले ठेकेदारी करते थे और अब आरटीआई एक्टीविस्ट हैं। उन्होंने सीजेएम कोर्ट में धारा 156 (3) के तहत पत्र देकर बताया था कि बरेली-बदायूं हाईवे को फोरलेन बनाने का काम आगरा की पीएनसी इन्फ्राटेक लिमिटेड कंपनी ने किया था। निर्माण में किए करोड़ों के घोटाले की शिकायतें उन्होंने कमिश्नर व अन्य अधिकारियों से की थी। इसके बाद से पीएनसी के डायरेक्टर दुश्मनी मान बैठे थे। इन्होंने 11 अप्रैल 2018 की रात एक स्कार्पियो गाड़ी में कुछ लोग उनकी हत्या की साजिश और घोटाले के प्रमाण छीनने को उनके आवास पर भेजे थे। वह तब घर पर नहीं थे, इसलिए जान बच गई। इसकी सीसीटीवी फुटेज उनके पास है। गाड़ी का नंबर भी पीएनसी कंपनी के नाम दर्ज है। अगले दिन फिर उनके मोबाइल पर अंजान कॉल से लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की गई। उन्होंने अगले ही दिन एसएसपी कार्यालय में शिकायत की थी। तब इज्जतनगर पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सौंप दी गई। तब से आज तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। कार्रवाई न होने पर कोर्ट की शरण ली।
विज्ञापन
शिकायत में इन पर है आरोप
गौरव गुप्ता की शिकायत में पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड आगरा के मैनेजर अमित उपाध्याय, चार डायरेक्टर चक्रेश जैन, नवीन जैन, योगेश जैन और प्रवीन जैन पर आरोप हैं। इनके अलावा चार अज्ञात लोग हैं जो स्कार्पियो से आए थे। नवीन जैन इस समय आगरा के मेयर हैं।
विज्ञापन
मुझे जेल भिजवाया, भाजपा अध्यक्ष से भी की शिकायत
गौरव का कहना है कि उनकी जायज शिकायत पर तो पुलिस ने कार्रवाई नहीं की पर सत्तापक्ष की पार्टी से जुड़े प्रभावशाली आरोपियों ने उन पर चार मामले जरूर दर्ज करा दिए। इनमें दो केस आगरा, एक अलीगढ़ और एक मथुरा में है। बिना साक्ष्य रंगदारी मांगने जैसे आरोप पर आगरा पुलिस उन्हें पकड़ ले गई और वे जेल में बंद रहे। अब जमानत पर आकर कानूनी लड़ाई फिर शुरू की है। बताया कि नवीन जैन के बारे में उन्होंने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर पार्टी स्तर से कार्रवाई करने की भी मांग की है।