{"_id":"5c44c48ebdec2253970c36c3","slug":"121548010638-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"समय से गन्ना मूल्य का भुगतान न होने पर मिलों को अंतिम नोटिस जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समय से गन्ना मूल्य का भुगतान न होने पर मिलों को अंतिम नोटिस जारी
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शाहजहांपुर। शासन की मंशा के विपरीत जिले की सभी पांचों चीनी मिलें खरीदे गए गन्ना का 14 दिन के अंदर भुगतान करने में ढिलाई बरत रही हैं। स्थिति यह है कि चीनी मिलें अभी तक 374.95 लाख रुपये का 146.80 लाख क्विंटल गन्ना खरीद चुकी हैं, लेकिन अभी तक किसानों को सिर्फ 226.49 लाख रुपये चुकता किए हैं। खास यह है कि बजाज ग्रुप की मकसूदापुर मिल चालू पेराई सत्र में 96.55 लाख रुपये का 37.70 लाख क्विंटल खरीद चुकी है, लेकिन पिछले पेराई सत्र के करोड़ों रुपये के साथ चालू सत्र का भी पूरा भुगतान बाकी है। इस संबंध में डीएम के निर्देश पर गन्ना विकास विभाग ने सभी मिल प्रबंधकों को अंतिम नोटिस जारी कर भुगतान में शीघ्रता नहीं करने पर विधिक कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी है।
48.98 करोड़ रुपये मकसूदापुर मिल पर पिछले सत्र का बकाया
मकसूदापुर मिल प्रबंधन पिछले पेराई सत्र मेें खरीदे गए गन्ना का अवशेष 48.98 करोड़ रुपये भुगतान अभी तक नहीं कर पाया है। पिछला बकाया चुकता नहीं हो पाने से बजाज मिल चालू सत्र का भी किसानों को अभी भुगतान नहीं कर रही है। गत सत्र के बकाया की तुलना में चालू सत्र में मिल की देनदारी अधिक होते देख प्रशासन ने प्रबंधन पर सख्ती करते हुए गत वर्ष और इस वर्ष निर्मित चीनी स्टॉक अपने कब्जे में लिया तो मिल के अधिकारी भुगतान को थोड़ा सक्रिय हुए हैं। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम ने बताया कि गत बृहस्पतिवार को हुई केन इंप्लीमेंटेशन कमेटी की बैठक के बाद मकसूदापुर मिल ने 1.50 करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेजे हैं, लेकिन चालू सत्र में खरीदे गए गन्ना का भुगतान शुरू नहीं किया है।
1.48 अरब रुपये चालू पेराई सत्र में मिलों पर देनदारी
चालू पेराई सत्र में बजाज मिल समेत जिले की अन्य चारों मिलों पर किसानों की 148.46 करोड़ रुपये की देनदारी चढ़ चुकी है। नवंबर के पहले और दूसरे सप्ताह में पेराई शुरू होने के बाद से सभी मिलें लगभग 15 लाख क्विंटल चीनी बना चुकी हैं, लेकिन किसानों को 11 से 29 दिसंबर तक की अवधि में खरीदे गए गन्ने के सापेक्ष सिर्फ 226.49 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। खरीदे गए गन्ने का 14 दिन में भुगतान संबंधी शासन के मानक पर कोई मिल खरी नहीं उतर रही है। उदाहरणार्थ, केवल निगोही और रोजा मिल ने 29 दिसंबर तक की अवधि का भुगतान किया है। पुवायां मिल 19 दिसंबर और मिलहर मिल 11 दिसंबर तक खरीदे गए गन्ना का भुगतान कर सकी है।
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मकसूदापुर मिल का चीनी स्टॉक जब्त किए जाने के बाद अन्य मिलों की भुगतान प्रक्रिया में तेजी आई है। गत शुक्रवार को निगोही मिल ने 11.62 करोड़ रुपये और रोजा मिल ने 9.43 करोड़ रुपये किसानों को भेज दिए हैं। प्रशासन का पूरा प्रयास है कि किसानों को घर-परिवार की जरूरतों और अगली फसल की तैयारी के लिए समय से भुगतान मिल सके।
डॉ. खुशीराम, जिला गन्ना अधिकारी
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48.98 करोड़ रुपये मकसूदापुर मिल पर पिछले सत्र का बकाया
मकसूदापुर मिल प्रबंधन पिछले पेराई सत्र मेें खरीदे गए गन्ना का अवशेष 48.98 करोड़ रुपये भुगतान अभी तक नहीं कर पाया है। पिछला बकाया चुकता नहीं हो पाने से बजाज मिल चालू सत्र का भी किसानों को अभी भुगतान नहीं कर रही है। गत सत्र के बकाया की तुलना में चालू सत्र में मिल की देनदारी अधिक होते देख प्रशासन ने प्रबंधन पर सख्ती करते हुए गत वर्ष और इस वर्ष निर्मित चीनी स्टॉक अपने कब्जे में लिया तो मिल के अधिकारी भुगतान को थोड़ा सक्रिय हुए हैं। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम ने बताया कि गत बृहस्पतिवार को हुई केन इंप्लीमेंटेशन कमेटी की बैठक के बाद मकसूदापुर मिल ने 1.50 करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेजे हैं, लेकिन चालू सत्र में खरीदे गए गन्ना का भुगतान शुरू नहीं किया है।
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1.48 अरब रुपये चालू पेराई सत्र में मिलों पर देनदारी
चालू पेराई सत्र में बजाज मिल समेत जिले की अन्य चारों मिलों पर किसानों की 148.46 करोड़ रुपये की देनदारी चढ़ चुकी है। नवंबर के पहले और दूसरे सप्ताह में पेराई शुरू होने के बाद से सभी मिलें लगभग 15 लाख क्विंटल चीनी बना चुकी हैं, लेकिन किसानों को 11 से 29 दिसंबर तक की अवधि में खरीदे गए गन्ने के सापेक्ष सिर्फ 226.49 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। खरीदे गए गन्ने का 14 दिन में भुगतान संबंधी शासन के मानक पर कोई मिल खरी नहीं उतर रही है। उदाहरणार्थ, केवल निगोही और रोजा मिल ने 29 दिसंबर तक की अवधि का भुगतान किया है। पुवायां मिल 19 दिसंबर और मिलहर मिल 11 दिसंबर तक खरीदे गए गन्ना का भुगतान कर सकी है।
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मकसूदापुर मिल का चीनी स्टॉक जब्त किए जाने के बाद अन्य मिलों की भुगतान प्रक्रिया में तेजी आई है। गत शुक्रवार को निगोही मिल ने 11.62 करोड़ रुपये और रोजा मिल ने 9.43 करोड़ रुपये किसानों को भेज दिए हैं। प्रशासन का पूरा प्रयास है कि किसानों को घर-परिवार की जरूरतों और अगली फसल की तैयारी के लिए समय से भुगतान मिल सके।
डॉ. खुशीराम, जिला गन्ना अधिकारी