{"_id":"5a12f75c4f1c1b6e468b53d9","slug":"121511192412-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टिंग आपरेशन के बाद ‘पिछड़ा वर्ग मंत्री’ बोले-मेरा पीएस तो शिक्षामंत्री के लिए मांग रहा था ‘घूस’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्टिंग आपरेशन के बाद ‘पिछड़ा वर्ग मंत्री’ बोले-मेरा पीएस तो शिक्षामंत्री के लिए मांग रहा था ‘घूस’
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। एक टीवी चैनल के स्टिंग आपरेशन में पीएस के फंसने पर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने स्वीकार किया है कि उनका पीएस ओपी कश्यप जूता-मोजा के जिस टेंडर में कमीशन मांग रहा था, वह मामला शिक्षा विभाग और शिक्षामंत्री से जुड़ा है। वह शिक्षामंत्री के लिए ही टेंडर में घूस मांग रहा था। टीवी चैनल पर पूरा मामला देखने के बाद उन्होंने अपने मंत्रालय के प्रमुख सचिव महेश गुप्ता को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बदायूं जाने के लिए रात करीब नौ बजे बरेली सर्किट हाउस पहुंचे कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अमर उजाला से दूरभाष पर हुई बातचीत में कहा कि ओपी कश्यप उनके पीएस हैं, इस बात से वह इंकार नहीं करते, लेकिन स्टिंग आपरेशन में जिस कमीशन की बात वह कर रहे हैं, वह मामला शिक्षा विभाग से जुड़ा है। स्टिंग आपरेशन में वह जूता-मोजा सप्लाई के टेंडर पर कमीशन मांग रहे हैं। राजभर ने कहा कि सरकारी कर्मचारी एक-दूसरे से मिले रहते हैं। उन पर किसी का नियंत्रण नहीं रहता। वह आपस में लेन-देन की बात भी कर लेते हैं। भ्रष्ट पीएस पर कार्रवाई के लिए वह प्रमुख सचिव को पत्र लिख चुके हैं। एक-दो दिन में उस पर सख्त कार्रवाई होगी। स्टिंग आपरेशन सीधे उनसे जुड़ा नहीं है। हालांकि ओमप्रकाश राजभर सरकार को कोसने से यहां भी नहीं चूके। कहा, अब तक इंसान को जाति धर्म में बांटते थे, लेकिन राजनीति अब भगवान को भी जाति धर्म में बांट रही है। इससे रोजगार, पिछड़ा वर्ग आरक्षण बंटवारे के मुद्दे पीछे चले गए हैं।
विज्ञापन
बदायूं जाने के लिए रात करीब नौ बजे बरेली सर्किट हाउस पहुंचे कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अमर उजाला से दूरभाष पर हुई बातचीत में कहा कि ओपी कश्यप उनके पीएस हैं, इस बात से वह इंकार नहीं करते, लेकिन स्टिंग आपरेशन में जिस कमीशन की बात वह कर रहे हैं, वह मामला शिक्षा विभाग से जुड़ा है। स्टिंग आपरेशन में वह जूता-मोजा सप्लाई के टेंडर पर कमीशन मांग रहे हैं। राजभर ने कहा कि सरकारी कर्मचारी एक-दूसरे से मिले रहते हैं। उन पर किसी का नियंत्रण नहीं रहता। वह आपस में लेन-देन की बात भी कर लेते हैं। भ्रष्ट पीएस पर कार्रवाई के लिए वह प्रमुख सचिव को पत्र लिख चुके हैं। एक-दो दिन में उस पर सख्त कार्रवाई होगी। स्टिंग आपरेशन सीधे उनसे जुड़ा नहीं है। हालांकि ओमप्रकाश राजभर सरकार को कोसने से यहां भी नहीं चूके। कहा, अब तक इंसान को जाति धर्म में बांटते थे, लेकिन राजनीति अब भगवान को भी जाति धर्म में बांट रही है। इससे रोजगार, पिछड़ा वर्ग आरक्षण बंटवारे के मुद्दे पीछे चले गए हैं।
विज्ञापन