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तीस बेड के अस्पताल में लगाना होगा ईटीपी
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बरेली। बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण में अस्पतालों की लापरवाही सामने आने के बाद तीस बेड के अस्पतालों के लिए ईटीपी (इफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट) अनिवार्य कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इसकी नियमित मॉनिटरिंग करेंगे। लापरवाही करने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई की जाएगी।
तीस अप्रैल तक अस्पतालों के पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी होनी है। इस दौरान बायोमेडिकल वेस्ट के लिए अस्पताल में क्या इंतजाम किए गए इससे देखा जाएगा। पिछले दिनों शासन ने तीस बेड के अस्पतालों के लिए ईटीपी अनिवार्य किया गया, लेकिन अधिकतर अस्पतालों ने उसका पालन नहीं किया। अस्पतालों से निकलने वाला वेस्ट बिना निस्तारित किए फेंक दिया जाता है जबकि शासन के कड़े निर्देश हैं कि बायो वेस्ट बायोमेडिकल वेस्ट प्लांट पर भेजा जाए और तीस बेड के अस्पताल अपने यहां ईटीपी की व्यवस्था करें। अब स्वास्थ्य विभाग इसका कड़ाई से अनुपालन कराने की तैयारी में हैं। एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम के अनुसार शासन ने पहले ही ईटीपी के निर्देश जारी कर रखे हैं। इसका कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
दस्तावेज पूरे नहीं, अटक सकता है अस्पतालों का पंजीकरण
इन दिनों नए अस्पतालों के पंजीकरण और नवीनीकरण के आवेदन हो रहे हैं। तीस अप्रैल तक प्रक्रिया चलेगी। अधिकारियों का कहना है कि कुछ अस्पतालों ने अपने दस्तावेज पूरे नहीं जमा किए। उनका नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। सूत्रों की माने तो कुछ अस्पतालों के पंजीकरण पर मानकों को अड़ंगा लग गया है जिसको लेकर कुछ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से भी शिकायत की थी। सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल का कहना है कि जो अस्पताल नियमानुसार सही होंगे उनका पंजीकरण कर दिया जाएगा। नियमविरुद्ध कुछ नहीं किया जाएगा।
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तीस अप्रैल तक अस्पतालों के पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी होनी है। इस दौरान बायोमेडिकल वेस्ट के लिए अस्पताल में क्या इंतजाम किए गए इससे देखा जाएगा। पिछले दिनों शासन ने तीस बेड के अस्पतालों के लिए ईटीपी अनिवार्य किया गया, लेकिन अधिकतर अस्पतालों ने उसका पालन नहीं किया। अस्पतालों से निकलने वाला वेस्ट बिना निस्तारित किए फेंक दिया जाता है जबकि शासन के कड़े निर्देश हैं कि बायो वेस्ट बायोमेडिकल वेस्ट प्लांट पर भेजा जाए और तीस बेड के अस्पताल अपने यहां ईटीपी की व्यवस्था करें। अब स्वास्थ्य विभाग इसका कड़ाई से अनुपालन कराने की तैयारी में हैं। एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम के अनुसार शासन ने पहले ही ईटीपी के निर्देश जारी कर रखे हैं। इसका कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
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दस्तावेज पूरे नहीं, अटक सकता है अस्पतालों का पंजीकरण
इन दिनों नए अस्पतालों के पंजीकरण और नवीनीकरण के आवेदन हो रहे हैं। तीस अप्रैल तक प्रक्रिया चलेगी। अधिकारियों का कहना है कि कुछ अस्पतालों ने अपने दस्तावेज पूरे नहीं जमा किए। उनका नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। सूत्रों की माने तो कुछ अस्पतालों के पंजीकरण पर मानकों को अड़ंगा लग गया है जिसको लेकर कुछ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से भी शिकायत की थी। सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल का कहना है कि जो अस्पताल नियमानुसार सही होंगे उनका पंजीकरण कर दिया जाएगा। नियमविरुद्ध कुछ नहीं किया जाएगा।
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