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बाघ ने एक और नील गाय को बनाया निवाला
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बहेड़ी। भाटिया फार्म और जुगनूनागर इलाके में चहलकदमी कर रहे बाघ ने एक और नील गाय को निवाला बना लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की टीम ने अब तक बाघ को चिह्नित करने या पकड़ने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
यूपी-उत्तराखंड बार्डर पर भाटिया फार्म और जुगनूनागर गांव के जंगलों और किच्छा नदी की तलहटी में तीन दिन से बाघ देखे जाने की शिकायत गांव वाले लगातार कर रहे हैं। बाघ कई जानवरों को निवाला भी बना चुका है। जिससे यूपी और उत्तराखंड बार्डर के तीन गांव के लोग दहशत में हैं। बाघ की मूवमेंट यूपी में होने के बाद वन विभाग की बरेली यूनिट को उसे ट्रेस करने का जिम्मा सौंपा गया है। वन विभाग की टीम तीसरे दिन भी मौके पर नहीं पहुंची। भाटिया फार्म में रहने वाले शशांक भाटिया तीन दिन से डीएम और एसडीएम को फोन कर जानकारी दे रहे हैं। वन विभाग के अफसर आमडंडा चेक पोस्ट का मोह छोड़कर गांव नहीं जा रहे हैं। बृहस्पतिवार दोपहर बाघ ने एक और नीलगाय को निवाला बना डाला। नदी किनारे बाघ द्वारा नीलगाय का शिकार कर झाड़ियों में खींचकर ले जाने के निशान ग्रामीणों ने देखे।
‘वन विभाग की टीम उन गांवों में तुरंत भेजी गई थी, जिनका जिक्र गांव वालों ने किया था। लेकिन वहां मिले निशान बाघ के नहीं थे। हम बाघ को लेकर सतर्क हैं। अब दो टीमें इन गांवों में फिर से जाएंगी और टाइगर या अन्य जानवर के मिलने तक वहीं रहेंगी।’
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- भारत लाल, डीएफओ
‘ग्रामीणों ने हमें फोन कर बाघ की जानकारी दी है। वन विभाग की लापरवाही से अगर किसी इंसान को नुकसान पहुंचा तो वन विभाग के अफसर जिम्मेदार होंगे। इसके लिए सीएम योगी आदित्यनाथ से की बात की है। वन विभाग फौरन इसे संज्ञान ले।’
- मेनका गांधी, केंद्रीय मंत्री
‘डीएम-एसडीएम भी शशांक भाटिया की शिकायत पर वन विभाग को बाघ को ट्रेस करने के निर्देश दे चुके हैं, लेकिन फिर भी लापरवाही दिखाई जा रही है। हमने जिलाधिकारी से इस मामले में बात की है। अगर बाघ है तो उसे जल्द पकड़ा जाए।’
- छत्रपाल सिंह, विधायक बहेड़ी
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यूपी-उत्तराखंड बार्डर पर भाटिया फार्म और जुगनूनागर गांव के जंगलों और किच्छा नदी की तलहटी में तीन दिन से बाघ देखे जाने की शिकायत गांव वाले लगातार कर रहे हैं। बाघ कई जानवरों को निवाला भी बना चुका है। जिससे यूपी और उत्तराखंड बार्डर के तीन गांव के लोग दहशत में हैं। बाघ की मूवमेंट यूपी में होने के बाद वन विभाग की बरेली यूनिट को उसे ट्रेस करने का जिम्मा सौंपा गया है। वन विभाग की टीम तीसरे दिन भी मौके पर नहीं पहुंची। भाटिया फार्म में रहने वाले शशांक भाटिया तीन दिन से डीएम और एसडीएम को फोन कर जानकारी दे रहे हैं। वन विभाग के अफसर आमडंडा चेक पोस्ट का मोह छोड़कर गांव नहीं जा रहे हैं। बृहस्पतिवार दोपहर बाघ ने एक और नीलगाय को निवाला बना डाला। नदी किनारे बाघ द्वारा नीलगाय का शिकार कर झाड़ियों में खींचकर ले जाने के निशान ग्रामीणों ने देखे।
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‘वन विभाग की टीम उन गांवों में तुरंत भेजी गई थी, जिनका जिक्र गांव वालों ने किया था। लेकिन वहां मिले निशान बाघ के नहीं थे। हम बाघ को लेकर सतर्क हैं। अब दो टीमें इन गांवों में फिर से जाएंगी और टाइगर या अन्य जानवर के मिलने तक वहीं रहेंगी।’
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- भारत लाल, डीएफओ
‘ग्रामीणों ने हमें फोन कर बाघ की जानकारी दी है। वन विभाग की लापरवाही से अगर किसी इंसान को नुकसान पहुंचा तो वन विभाग के अफसर जिम्मेदार होंगे। इसके लिए सीएम योगी आदित्यनाथ से की बात की है। वन विभाग फौरन इसे संज्ञान ले।’
- मेनका गांधी, केंद्रीय मंत्री
‘डीएम-एसडीएम भी शशांक भाटिया की शिकायत पर वन विभाग को बाघ को ट्रेस करने के निर्देश दे चुके हैं, लेकिन फिर भी लापरवाही दिखाई जा रही है। हमने जिलाधिकारी से इस मामले में बात की है। अगर बाघ है तो उसे जल्द पकड़ा जाए।’
- छत्रपाल सिंह, विधायक बहेड़ी