फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   अरिल में हर दिन छह सौ क्यूसेक पानी छोड़ने पर बहेंगे 10.59 करोड़

अरिल में हर दिन छह सौ क्यूसेक पानी छोड़ने पर बहेंगे 10.59 करोड़

Mon, 25 Feb 2019 01:16 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Mon, 25 Feb 2019 01:16 AM IST
विज्ञापन
अरिल में हर दिन छह सौ क्यूसेक पानी छोड़ने पर बहेंगे 10.59 करोड़
river overflow
बरेली। वर्षों से सूखी पड़ी अरिल नदी में गंगा के मध्य क्षेत्र कैनाल से हर दिन 600 क्यूसेक पानी छोड़ने के लिए सिंचाई विभाग ने करीब 10.59 करोड़ खर्च करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए विभाग की अनुसंधान एवं नियोजन इकाई, अलीगढ़ ने आंवला सिंचाई नाम की परियोजना को शासन में भेज दिया है। इस पानी की आपूर्ति के बाद अलग-अलग जगहों पर पंपिंग सेट लगाकर किसानों के खेतों में ड्रिप सिस्टम से सिंचाई करने की भी प्लानिंग की गई है।
विज्ञापन

रामपुर के नयागांव से बरेली होते हुए बदायूं के दातागंज तक करीब 137 किलोमीटर लंबी अरिल नदी का कायाकल्प होना है। नदी पर कब्जा और सिल्ट जमा होने के बाद कई जगह इस नदी का वजूद ही खत्म हो गया है। इससे हजारों एकड़ खेतों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। इस नदी को पुनर्जीवित करने के लिए सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने दिलचस्पी भी दिखाई लेकिन अब तक पानी का बहाव नहीं शुरू हो सका। इसमें सबसे बड़ी दिक्कत नदी का जलस्रोत न होेना है। इसके लिए अनुसंधान एवं नियोजन इकाई, अलीगढ़ के चीफ इंजीनियर ने प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत गंगा की मध्य क्षेत्र कैनाल से करीब छह सौ क्यूसेक पानी हर दिन छोड़ा जाना है। इंजीनियरों का कहना है कि आंवला के पास रामपुर-बरेली सीमा पर एक बड़ा नाला निकला है। इसके जरिये ही नदी में पानी छोड़ा जाएगा। इसके अलावा नदी से पानी का दुरुपयोग न हो, इसके लिए पांच जगहों पर पंपिंग सेट भी लगाए जाने हैं। इससे किसानों के खेतों में पाइप लाइन के जरिये ड्रिंप सिस्टम से सिंचाई की जाएगी।
विज्ञापन


पीआईएल की वजह से नदी के प्रपोजल पर उठी आपत्ति, फाइल वापस
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने करीब साल भर पहले अरिल नदी को पुनर्जीवित करने के लिए करीब 30 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया था। अधिकारियों ने इसकी फाइल अधीक्षण अभियंता अनुसंधान एवं नियोजन-तीन के कार्यालय में भेजी थी। वहां से प्रोजेक्ट की फाइल वापस आ गई। बताया गया कि वर्ष 2015 में गाजियाबाद में नदी में माइनिंग को लेकर एक जनहित याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की गई थी, जो अभी भी विचाराधीन है। इसलिए विभागीय अधिकारियों को सुझाव दिया गया है कि पहले इस पीआईएल के बारे में अध्ययन कर लें। उसके बाद ही नदी के कायाकल्प की परियोजना को तैयार करें। फाइल वापस आने के बाद स्थानीय अधिकारी फॉरेस्ट और विकास विभाग के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट में संशोधन करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


अरिल नदी के कायाकल्प को लेकर कई आपत्तियां लगाते हुए अधीक्षण कार्यालय अनुसंधान नियोजन ने फाइल वापस की है। इसमें कुछ बदलाव होने हैं। इसके बाद फिर से फाइल भेजी जाएगी। - कुंदन सिंह, एक्सईएन, बाढ़ खंड
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed