{"_id":"5c61d5a4bdec22738004f5fc","slug":"11549915556-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘विचार स्वस्थ तो शरीर स्वस्थ’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘विचार स्वस्थ तो शरीर स्वस्थ’
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। ‘भौतिकवादी युग में मस्तिष्क हजारों अनर्गल विचारों की भरमार से तनाव की स्थिति में है। तनाव की मार से शरीर बीमारियों से ग्रस्त हो जाता है। इससे बचने का सिर्फ एक तरीका है, ‘स्वस्थ विचार’। यह जानकारी मिशन हैप्पीनेस के डिवाइन सर्वर केबी सूरी ने दी। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की क्षमता, क्रियाशीलता और गुणों का विकास उसके विचारों की शक्ति का ही रूप है। विचार सात्विक हों तो सकारात्मक अन्यथा नकारात्मकता हावी होती है जो पतन की ओर ले जाती है।
अमर उजाला परिसर में आयोजित मिशन हैप्पीनेस के सिम्पोसियम में डिवाइन सर्वर ने प्रोजेक्टर पर वीडियो क्लिप ‘टाइम्स वीडियो’ के जरिए मौजूद लोगोें को सत्य का आभास कराया। सनातन काल से उठ रहे प्रश्न ‘मैं कौन हूं’ को स्पष्ट करने का सफल प्रयास किया। उन्होंने ‘रुपये’ कमाने की होड़ में की जा रही अवैध गतिविधियों को तत्काल बंदकर बगैर किसी को तकलीफ पहुंचाए ‘दुआएं’ कमाने का सुझाव दिया। वीडियो के जरिए विचारों के अनंत प्रवाह में से बेहतर को चुनकर संकल्प शक्ति से उसे और मजबूत करने की बात कही। सांसारिक ज्ञान से ज्यादा आंतरिक शांति को बढ़ाने, व्यवस्थित विचारों से सही निर्णय के उपजने, शाश्वत सत्य जीवन और मृत्यु को हमेशा याद रखकर कर्म करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि कर्म का फल मिलना तय है, इसलिए कर्म सिद्धांत को सदैव याद रखना चाहिए। इस दौरान डिवाइन सर्वर आशीष श्रीवास्तव, हरिमोहन, महेश, विकास, महविश, असलम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला परिसर में आयोजित मिशन हैप्पीनेस के सिम्पोसियम में डिवाइन सर्वर ने प्रोजेक्टर पर वीडियो क्लिप ‘टाइम्स वीडियो’ के जरिए मौजूद लोगोें को सत्य का आभास कराया। सनातन काल से उठ रहे प्रश्न ‘मैं कौन हूं’ को स्पष्ट करने का सफल प्रयास किया। उन्होंने ‘रुपये’ कमाने की होड़ में की जा रही अवैध गतिविधियों को तत्काल बंदकर बगैर किसी को तकलीफ पहुंचाए ‘दुआएं’ कमाने का सुझाव दिया। वीडियो के जरिए विचारों के अनंत प्रवाह में से बेहतर को चुनकर संकल्प शक्ति से उसे और मजबूत करने की बात कही। सांसारिक ज्ञान से ज्यादा आंतरिक शांति को बढ़ाने, व्यवस्थित विचारों से सही निर्णय के उपजने, शाश्वत सत्य जीवन और मृत्यु को हमेशा याद रखकर कर्म करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि कर्म का फल मिलना तय है, इसलिए कर्म सिद्धांत को सदैव याद रखना चाहिए। इस दौरान डिवाइन सर्वर आशीष श्रीवास्तव, हरिमोहन, महेश, विकास, महविश, असलम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन