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रोबोटिक सर्जरी भविष्य की जरूरत
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बरेली। एसआरएमएस में चल रही लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के फैलोशिप कोर्स के दूसरे दिन रोबोटिक सर्जरी की जानकारी दी गई। संस्थान के चेयरमैन देव मूर्ति ने कहा कि अगले साल तक मेडिकल कॉलेज में सफल रोबोटिक सर्जरी शुरू हो जाएगी। ताकि मरीजों को इलाज का एक और बेहतर विकल्प मिल सके।
कार्यक्रम में नई दिल्ली से आए वरिष्ठ सर्जन डॉॅ. दीप गोयल ने बताया कि आगामी भविष्य रोबोटिक सर्जरी का है। इससे सर्जरी बेहद आसान और सुरक्षित हो जाती है। आंतों के कैंसर में तो यह बेहद कारगर है। कहा कि हजारों जटिल व सफल सर्जरी के रिकॉड रोबोट में संग्रहित हो जाते हैं। हालांकि, अभी यह काफी महंगी है, लेकिन जल्द ही यह आसानी से उपलब्ध हो जाएगी। पहले सत्र में चंडीगढ़ से आए डॉ. अश्वनी कुमार दलाल और गुरुग्राम से आईं वरिष्ठ महिला सर्जन डॉ. मिनाक्षी शर्मा, अहमदाबाद से आए डॉ. सुनील पोपट ने हार्निया के ऑपरेशन पर व्याख्यान दिया। मुंबई से आए डॉ. अभय दवली ने दूरबीन से स्पिलीन और एड्रिनल ग्रंथी के ऑपरेशन की जानकारी दी। दूसरे सत्र में डॉ. नवीन कुमार, डॉ. दीप गोयल, डॉ. जॉनथन कुमार, डॉ. वंदना सोनी, डॉ. सयान देवदास गुप्ता, डॉ. बीके राऊ, डॉ. सुरेश वशिष्ठ ने अपने अनुभव साझा किए। आखिर में सर्जन्स को मास्टर वीडियो के जरिये सर्जरी की जटिलताओं की जानकारी दी गई।
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कार्यक्रम में नई दिल्ली से आए वरिष्ठ सर्जन डॉॅ. दीप गोयल ने बताया कि आगामी भविष्य रोबोटिक सर्जरी का है। इससे सर्जरी बेहद आसान और सुरक्षित हो जाती है। आंतों के कैंसर में तो यह बेहद कारगर है। कहा कि हजारों जटिल व सफल सर्जरी के रिकॉड रोबोट में संग्रहित हो जाते हैं। हालांकि, अभी यह काफी महंगी है, लेकिन जल्द ही यह आसानी से उपलब्ध हो जाएगी। पहले सत्र में चंडीगढ़ से आए डॉ. अश्वनी कुमार दलाल और गुरुग्राम से आईं वरिष्ठ महिला सर्जन डॉ. मिनाक्षी शर्मा, अहमदाबाद से आए डॉ. सुनील पोपट ने हार्निया के ऑपरेशन पर व्याख्यान दिया। मुंबई से आए डॉ. अभय दवली ने दूरबीन से स्पिलीन और एड्रिनल ग्रंथी के ऑपरेशन की जानकारी दी। दूसरे सत्र में डॉ. नवीन कुमार, डॉ. दीप गोयल, डॉ. जॉनथन कुमार, डॉ. वंदना सोनी, डॉ. सयान देवदास गुप्ता, डॉ. बीके राऊ, डॉ. सुरेश वशिष्ठ ने अपने अनुभव साझा किए। आखिर में सर्जन्स को मास्टर वीडियो के जरिये सर्जरी की जटिलताओं की जानकारी दी गई।
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