फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   अब नेताजी शासन से ही करा लें मान्यता

अब नेताजी शासन से ही करा लें मान्यता

Sat, 05 Jan 2019 02:02 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Sat, 05 Jan 2019 02:02 AM IST
विज्ञापन
अब नेताजी शासन से ही करा लें मान्यता
बरेली। अवंतीबाई लोधी जूनियर हाईस्कूल मझगवां की हाईस्कूल मान्यता की फाइल डीआईओएस कार्यालय ने आपत्तियां के साथ क्षेत्रीय कार्यालय बोर्ड को भेज दी है। नेताजी की धौंस काम नहीं आई। अब वहां से भी इन खामियों को परीक्षण होगा। उसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। डीआईओएस का कहना है कि निरीक्षण में जो खामियां मिलीं उसकी रिपोर्ट लगा दी है। अब शासन इस पर निर्णय लेगा।
विज्ञापन

मझगवां के अवंतीबाई लोधी जूनियर हाईस्कूल की हाईस्कूल की मान्यता के मानक न पूरे होने पर प्रबंधक नेमचंद राणा ने डीआईओएस के स्टेनो को धमकाया था। उसके बाद डीआईओएस ने उसके खिलाफ तहरीर दी। वह गुरुवार को डीआईओएस कार्यालय भी पहुंचा था। कॉलेज में बाउंड्रीवाल नहीं थी और कमरे भी मानकों के अनुसार नहीं बने थे। शुक्रवार को आपत्तियों के निस्तारण का आखिरी दिन था। अवंतीबाई कॉलेज की आपत्तियां निस्तारित नहीं हुई, लेकिन उनकी फाइल बोर्ड को भेज दी गई। डीआईओएस डॉ. अचल कुमार मिश्रा का कहना है कि जिन कॉलेजों की फाइल में आपत्तियां होती हैं उनको फाइल में लगाकर बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय को भेज दी जाती हैं। वहां से भी आपत्तियां का परीक्षण होता है जिसके बाद रिपोर्ट शासन को जाती है। वहीं से मान्यता जारी होती है।
विज्ञापन


इस बार मान्यता की 9 फाइलें भेजी
शुक्रवार तक मान्यता के आवेदनों की आपत्तियां निस्तारण का आखिरी दिन था। इस बार 9 कॉलेजों की फाइलें मान्यता के लिए क्षेत्रीय कार्यालय को भेजी गई हैं। यहां से सारी फाइलें बोर्ड इलाहाबाद को भेजी जाएंगी। 7,8, 9 जनवरी में बैठक होगी जिसमें कॉलेजों की मान्यता जारी की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


नेताजी की सिफारिश हो तो फाइलों पर ही पूरे जाते हैं मानक
कॉलेजों की मान्यता के मानक नेताजी के रौब के आगे फाइलों में अक्सर दम तोड़ जाते हैं। इसका सबूत है करीब 18 साल पहले पूरे प्रदेश में रेवड़ियों की तरह बांटी गई कॉलेजों की मान्यताएं। बरेली मंडल में 150 से ज्यादा कॉलेज हैं। जिसमें 72 कॉलेज सिर्फ बरेली में हैं, जहां पिछले 18 वर्षों में मानक पूरे नहीं कराए जा सके। नेताजी की सिफारिश से यह कॉलेज आज भी संचालित हैं। यह वो कॉलेज हैं जिनको बंद कराने के लिए बोर्ड तक से आदेश जारी हो चुका है। लगभग हर साल मानकों को दरकिनार कर कॉलेजों को मान्यताएं बांटी जाती है। अगर लोकल स्तर पर आपत्ति लग गई तो शासन से हरी झंडी मिल जाती है। अवंतीबाई कॉलेज का मामला उठने के बाद पुराने मामले भी ताजा हो गए। विभागीय आंकड़ों की माने तो पिछले पांच वर्षों में मानकों को लेकर सौ से ज्यादा शिकायतें शासन में पहुंची। इन कॉलेजों के लिए किसी न किसी नेता ने सिफारिश की। कहीं बाउंड्रीवाल नहीं, तो कहीं फर्नीचर नही। कहीं कमरे नहीं तो कहीं लैब नहीं। इस बार मानक कड़े किए गए तब ऐसे कॉलेजों की फाइलों पर आपत्तियां लगनी शुरू हुई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed