{"_id":"698f8089b38d6d379f0ce727","slug":"11-year-old-boy-falls-from-roof-due-to-monkey-attack-bareilly-news-c-401-1-mrg1002-4237-2026-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: बंदर के हमले में 11 वर्षीय बालक छत से गिरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: बंदर के हमले में 11 वर्षीय बालक छत से गिरा
विज्ञापन
शीशगढ़। कस्बे में बंदरों का उत्पात लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। बंदरों के हमले में 11 वर्षीय बालक मकान की छत से गिर गया। हालांकि उसकी जान तो बच गई, लेकिन उसके दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए। बालक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, इस घटना से आसपास लोगों में आक्रोश है। लोगों ने बंदरों को पकड़कर बंदरों को जंगल में छोड़ने की मांग कर रहे हैं।
कस्बे के वसीम अकरम ने बताया कि दोपहर में उनका बेटा घर में खेल रहा था। गेंद लेने के लिए छत पर चढ़ा था। छत पर पहले से मौजूद बंदरों ने हमला कर दिया, जिससे उनका बेटा हस्सान बचने के लिए भागा तो वह छत से नीचे गिर गया। इससे उस बच्चे के दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए। वह कक्षा चार में शीशगढ़ के एक स्कूल में पढ़ता है।
बंदरों के खौफ से छतों पर नहीं जाते लोग
वसीम अकरम ने बताया कि कस्बे में बंदरों का आतंक है। लोग बंदरों के डर से छत पर नहीं चढ़ते हैं। कुछ जगह बंदर तारों से कपड़े सूखते हुए उठा कर ले जाते हैं। ये कई बार लोगों के घरों में घुसकर हमला कर देते हैं। इसमें कई लोग घायल हो चुके हैं। हाल ही में मथुरा की टीम द्वारा कुछ बंदर पकड़े थे, जिनको उत्तराखंड के जंगल में छोड़ दिया गया। कुछ बंदर अभी भी पकड़ से बाहर है। अलग-अलग जगहों पर जाल लगाकर बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
कस्बे के वसीम अकरम ने बताया कि दोपहर में उनका बेटा घर में खेल रहा था। गेंद लेने के लिए छत पर चढ़ा था। छत पर पहले से मौजूद बंदरों ने हमला कर दिया, जिससे उनका बेटा हस्सान बचने के लिए भागा तो वह छत से नीचे गिर गया। इससे उस बच्चे के दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए। वह कक्षा चार में शीशगढ़ के एक स्कूल में पढ़ता है।
विज्ञापन
बंदरों के खौफ से छतों पर नहीं जाते लोग
वसीम अकरम ने बताया कि कस्बे में बंदरों का आतंक है। लोग बंदरों के डर से छत पर नहीं चढ़ते हैं। कुछ जगह बंदर तारों से कपड़े सूखते हुए उठा कर ले जाते हैं। ये कई बार लोगों के घरों में घुसकर हमला कर देते हैं। इसमें कई लोग घायल हो चुके हैं। हाल ही में मथुरा की टीम द्वारा कुछ बंदर पकड़े थे, जिनको उत्तराखंड के जंगल में छोड़ दिया गया। कुछ बंदर अभी भी पकड़ से बाहर है। अलग-अलग जगहों पर जाल लगाकर बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ना चाहिए।
विज्ञापन