फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   मिनी बाईपास रोड से चंद कदम दूर एक और अवैध कॉलोनी

मिनी बाईपास रोड से चंद कदम दूर एक और अवैध कॉलोनी

Mon, 20 May 2019 02:02 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 20 May 2019 02:02 AM IST
विज्ञापन
मिनी बाईपास रोड से चंद कदम दूर एक और अवैध कॉलोनी
बरेली। बीडीए ने भले ही रिहायशी इलाकों में कामर्शियल गतिविधियां संचालित होेने पर कंपाउंडिंग अभियान शुरू किया हो, लेकिन नई अवैध कालोनियों का निर्माण नहीं रुक रहा है। मिनी बाईपास रोड के उस पार किला नदी किनारे एक अवैध कालोनी के निर्माण का समाचार प्रकाशित होने के बाद इसी रोड पर एक अन्य अवैध कॉलोनी के निर्माण का मामला सामने आया। ये कॉलोनी तो ग्रीनबेल्ट की जमीन पर बनाई जा रही है। कर्मचारी नगर में ही रहने वाले किसी जागरूक नागरिक ने अमर उजाला को सूचना दी कि कर्मचारी नगर रोड की ओर चलने पर पेट्रोल पंप से आगे एक कार बाजार के पीछे एक फील्ड पड़ी है, जो देवरनियां नदी तक जाती है। पड़ोस में एक मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनी है। उसके ठीक सामने खाली जगह में तीन से चार मकान बन रहे हैं। उसके पीछे भी नदी किनारे तक निर्माण चल रहा है। अमर उजाला टीम ने मौके पर जाकर देखा तो वहां अवैध निर्माण चल रहा था। यहां रहने वाले एक व्यक्ति ने नाम न प्रकाशित करने की गुजारिश पर बताया कि जिस खाली जगह में अवैध निर्माण चल रहा है, वह जमीन ग्रीन बेल्ट की है। बीडीए से इसका ले आउट भी स्वीकृत नहीं है। यहां अवैध निर्माण स्थानीय स्तर पर ही कई पार्टनर मिलकर करा रहे हैं। प्रापर्टी से जुड़े सूत्रों की मानें तो इस अवैध कारोबार में सपा और भाजपा नेताओं का भी पैसा लगा है।
विज्ञापन

नियमानुसार ग्रीन बेल्ट की जमीन पर किसी भी तरह की कॉलोनी का निर्माण नहीं किया जा सकता है। न ही प्राधिकरण ग्रीन बेल्ट की जमीन पर ले आउट स्वीकृत कर सकता है। इसके बाद भी अनधिकृत कालोनाइजर (जिनका रेरा में पंजीकरण नहीं है) अवैध निर्माण में जुटे हैं। रोड के दूसरी ओर भी नदी के किनारे अवैध निर्माण चल रहे हैं।
विज्ञापन


बीडीए के जेई सब जानते हैं..
क्रेडाई के एक पदाधिकारी की मानें तो शहर में जितने भी अवैध निर्माण चल रहे हैं, उस इलाके में तैनात बीडीए के जेई सब जानते हैं। मगर वह खुद ही कालोनाइजरों को अवैध निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। बताया जाता है कि जेई कालोनाइजरों से स्वयं ही कहते हैं कि नक्शे या ले आउट के झंझट में पड़ोगे तो आपको महीनों बीडीए दफ्तर की दौड़ लगानी पड़ेगी। हर जगह से एनओसी चाहिए। इतने झंझट से अच्छा है कि उनको (जेई को) समझ लो और निर्माण चुपचाप शुरू कर दो। जब जरूरत पड़ेगी तो पहले चालान करेंगे। फिर सील कर देंगे। सील तोड़कर बना लेना तो अधिक से अधिक एफआईआर होगी। सब निपट जाएगा। जेई के कहने पर ही कालोनाइजर बिना डर या भय के अनधिकृत निर्माण कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


‘जिस इलाके में भी अवैध निर्माण हो रहे हैं, उनका बीडीए टीम लगातार सर्वे कर रही है। किसी भी अवैध निर्माण को छोड़ा नहीं जाएगा। सब पर प्राधिकरण नियमानुसार कार्रवाई होगी।’
आशीष शिवपुरी, चीफ टाउन प्लानर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed