{"_id":"5cd5cd5bbdec2206fc126002","slug":"101557515611-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंपैक्ट फीस बनी कंपाउंडिंग में बाधा, 100 और नोटिस भेजे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंपैक्ट फीस बनी कंपाउंडिंग में बाधा, 100 और नोटिस भेजे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। रिहायशी इलाकों में कामर्शियल गतिविधियां चलाने वाले भवनों को कंपाउंड करने का बीडीए का अभियान थोड़ा मंद पड़ गया है। कंपाउंडिंग में इंपैक्ट फीस बड़ी बाधा है। रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक कंपाउंडिंग कराने के लिए नर्सिंग होम, बरातघर या अन्य भवन मालिकों को लाखों की इंपैक्ट फीस देने में मुश्किल आ रही है। व्यापारियों में इसे लेकर कसमसाहट है। बीडीए ने फिलहाल 100 और अवैध भवन मालिकों को नोटिस भेजे हैं।
बीडीए का कैंप शुक्रवार को भी लगा, लेकिन उसमें खास रौनक नहीं रही। केवल चार या पांच आवेदक ही आए। इन्होंने अपने भवन कंपाउंड कराने के लिए आवेदन फार्म लिए। इनमें अधिकतर नर्सिंग होम मालिक थे। अब तक बीडीए कैंप में चार दिन में करीब 70 लाख का राजस्व जमा हो चुका है। नर्सिंग होम मालिकों को बताया गया कि वे अपने भवन की कामर्शियल कंपाउंडिंग करा लें क्योंकि बीडीए अगले महीने से अवैध निर्माण के खिलाफ सख्ती से अभियान चलाएगा। उधर, कई व्यापारियों को 200 या 300 मीटर के प्लाट या भवन पर 20 लाख से ज्यादा बन रही इंपैक्ट फीस देने में समस्या आ रही है। बीडीए ने हालांकि इसके लिए दो बैंकों से भी समझौता किया गया, ताकि कारोबारी या नर्सिंग होम मालिक लोन लेकर अपने भवन की कंपाउंडिंग करा सकें। नए सिरे से कामर्शियल नक्शा बनाने में टाइम लग रहा है। वहीं बीडीए के प्रवर्तन दल ने कर्मचारी नगर, सौ फुटा रोड और पीलीभीत बाईपास रोड पर 28 से ज्यादा अवैध निर्माण चिह्नित किए। बीते दो दिन में 100 से ज्यादा अवैध निर्माणकर्ताओं को नोटिस भी भेजे गए। अब तक बीडीए की ओर से 450 से ज्यादा अवैध भवन मालिकों को नोटिस भेजे जा चुके हैं, जिसमें उनसे कहा गया है कि वे बीडीए कैंप में आकर अपने भवन की नियमानुसार कंपाउंडिंग करा लें। इसके विपरीत बीडीए कैंप में अब तक 60 भवन मालिकों ने ही जाकर आवेदन फार्म लिए हैं।
विज्ञापन
बीडीए का कैंप शुक्रवार को भी लगा, लेकिन उसमें खास रौनक नहीं रही। केवल चार या पांच आवेदक ही आए। इन्होंने अपने भवन कंपाउंड कराने के लिए आवेदन फार्म लिए। इनमें अधिकतर नर्सिंग होम मालिक थे। अब तक बीडीए कैंप में चार दिन में करीब 70 लाख का राजस्व जमा हो चुका है। नर्सिंग होम मालिकों को बताया गया कि वे अपने भवन की कामर्शियल कंपाउंडिंग करा लें क्योंकि बीडीए अगले महीने से अवैध निर्माण के खिलाफ सख्ती से अभियान चलाएगा। उधर, कई व्यापारियों को 200 या 300 मीटर के प्लाट या भवन पर 20 लाख से ज्यादा बन रही इंपैक्ट फीस देने में समस्या आ रही है। बीडीए ने हालांकि इसके लिए दो बैंकों से भी समझौता किया गया, ताकि कारोबारी या नर्सिंग होम मालिक लोन लेकर अपने भवन की कंपाउंडिंग करा सकें। नए सिरे से कामर्शियल नक्शा बनाने में टाइम लग रहा है। वहीं बीडीए के प्रवर्तन दल ने कर्मचारी नगर, सौ फुटा रोड और पीलीभीत बाईपास रोड पर 28 से ज्यादा अवैध निर्माण चिह्नित किए। बीते दो दिन में 100 से ज्यादा अवैध निर्माणकर्ताओं को नोटिस भी भेजे गए। अब तक बीडीए की ओर से 450 से ज्यादा अवैध भवन मालिकों को नोटिस भेजे जा चुके हैं, जिसमें उनसे कहा गया है कि वे बीडीए कैंप में आकर अपने भवन की नियमानुसार कंपाउंडिंग करा लें। इसके विपरीत बीडीए कैंप में अब तक 60 भवन मालिकों ने ही जाकर आवेदन फार्म लिए हैं।
विज्ञापन