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जेई मेंस: धुरंधरों का अब एडवांस में होगा कड़ा मुकाबला
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बरेली। जेई मेंस की परीक्षा में इस बार होनहारों ने खूब दमखम दिखाया है। इस बार हुई परसेंटाइल की व्यवस्था ने भी उनको चमकने का ज्यादा मौका दिया है। हालांकि कुछ विद्यार्थी परसेंटाइल की व्यवस्था को लेकर खुश नहीं हैं क्योंकि उनके वास्तविक नंबर सामने नहीं आए हैं। अब 27 मई को होने वाली जेई एडवांस परीक्षा में इनके बीच कड़ा मुकाबला होगा। देश भर में लगभग 11 हजार सीटों के लिए दो लाख के आसपास विद्यार्थी मैदान में होंगे।
सोमवार रात जेई मेंस परीक्षा का परिणाम जारी हो चुका है। इस बार जेई मेंस की परीक्षा में छात्रों को उनके नंबरों के बजाय परसेंटाइल के आधार पर चयनित किया गया है। इसमें सामान्य वर्ग के लिए 89.7548849, सामान्य वर्ग के आर्थिक पिछड़ों के लिए 78.2174869, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 74.3166557, अनुसूचित जाति के लिए 54.0128155, अनुसूचित जनजाति के लिए 44.3345172 और दिव्यांगों के लिए 0.1137173 परसेंटाइल निर्धारित की गई है। इस आधार पर शहर में संचालित दर्जन भर से ज्यादा कोचिंग के पांच सौ से अधिक छात्र-छात्राएं इसमें चयनित हुए हैं। अब 27 मई को होने वाली जेई एडवांस की परीक्षा में इनके बीच मुकाबला होगा। मेडिट कोचिंग के विशाल वार्ष्णेय का कहना है कि देश भर में आईआईटी की करीब 11 हजार सीटें हैं और परसेंटाइल के आधार पर इसमें करीब दो लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। यह दो लाख अभ्यर्थी करीब 11 लाख प्रतिभागियों में से चयनित हुए हैं। ऐसे में एडवांस परीक्षा में दिव्यांगों को छोड़कर बाकी सभी के बीच कड़ा मुकाबला होगा।
घट गया इंजीनियरिंग का क्रेज
जेई की कोचिंग देने वाले शिक्षकों का मानना है कि तमाम कोर्स की वजह से अब इंजीनियरिंग के क्रेज में भी गिरावट आई है। वर्ष 2012 में जेई मेंस (तब एआईईईई) की परीक्षा में 12-13 लाख प्रतिभागी शामिल हुए थे। इसके बाद जनसंख्या में काफी बढ़ोतरी हुई, लेकिन इसमें प्रतिभागियों की संख्या नहीं बढ़ रही है। इससे साबित होता है कि इंजीनियरिंग का क्रेज कम हो रहा है।
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परसेंटाइल पर प्रतिभागियों में हताशा
इस बार जेई मेंस परीक्षा में लागू हुई परसेंटाइल की व्यवस्था को लेकर कुछ मेधावी असहमत हैं। गुरु द्रोणाचार्य कोचिंग के डायरेक्टर अजय अरोरा बताते हैं कि जिन बच्चों के बीच कुछ ही नंबर का अंतर होता था, परसेंटाइल में समान होने के चलते अब उनका अंतर पता नहीं लग रहा है। ऐसे में ज्यादा नंबर वाले प्रतिभागी इस व्यवस्था से असहमत हैं।
नंबर परसेंटाइल
360-310 : 100 - 99.98724751
309-299 : 99.985572 - 99.9740296
298-288 : 99.97589128 - 99.96258028
287-278 : 99.96146328 - 99.94424276
277-268 : 99.94098483 - 99.91929629
----------
फोटो समेत..
मयंक जैन
9.94
--------
ऋषभ यादव
99.78
--------
उत्कर्ष सक्सेना
99.75
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सक्षम मेहरा
99.74
--------
आदित्य यादव
99.60
--------
संदीप सिंह बोहरा
99.59
--------
पल्लव वार्ष्णेय
99.31
--------
अभिनव श्रीवास्तव
99.27
--------
हर्ष मिश्रा
99.26
--------
विष्णु अग्रवाल
99.13
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आयुष्मान वशिष्ठ
99.07
--------
मो. रजीन
99.05
--------
उत्कर्ष गंगवार
99.04
--------
संवेग अग्रवाल
99.27
---------
सम्यक गोयल
99.14
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देवांग अग्रवाल
99.40
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मो. अरीब मोइनी
99.36
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महत्व अग्रवाल
99.10
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सोमवार रात जेई मेंस परीक्षा का परिणाम जारी हो चुका है। इस बार जेई मेंस की परीक्षा में छात्रों को उनके नंबरों के बजाय परसेंटाइल के आधार पर चयनित किया गया है। इसमें सामान्य वर्ग के लिए 89.7548849, सामान्य वर्ग के आर्थिक पिछड़ों के लिए 78.2174869, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 74.3166557, अनुसूचित जाति के लिए 54.0128155, अनुसूचित जनजाति के लिए 44.3345172 और दिव्यांगों के लिए 0.1137173 परसेंटाइल निर्धारित की गई है। इस आधार पर शहर में संचालित दर्जन भर से ज्यादा कोचिंग के पांच सौ से अधिक छात्र-छात्राएं इसमें चयनित हुए हैं। अब 27 मई को होने वाली जेई एडवांस की परीक्षा में इनके बीच मुकाबला होगा। मेडिट कोचिंग के विशाल वार्ष्णेय का कहना है कि देश भर में आईआईटी की करीब 11 हजार सीटें हैं और परसेंटाइल के आधार पर इसमें करीब दो लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। यह दो लाख अभ्यर्थी करीब 11 लाख प्रतिभागियों में से चयनित हुए हैं। ऐसे में एडवांस परीक्षा में दिव्यांगों को छोड़कर बाकी सभी के बीच कड़ा मुकाबला होगा।
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घट गया इंजीनियरिंग का क्रेज
जेई की कोचिंग देने वाले शिक्षकों का मानना है कि तमाम कोर्स की वजह से अब इंजीनियरिंग के क्रेज में भी गिरावट आई है। वर्ष 2012 में जेई मेंस (तब एआईईईई) की परीक्षा में 12-13 लाख प्रतिभागी शामिल हुए थे। इसके बाद जनसंख्या में काफी बढ़ोतरी हुई, लेकिन इसमें प्रतिभागियों की संख्या नहीं बढ़ रही है। इससे साबित होता है कि इंजीनियरिंग का क्रेज कम हो रहा है।
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परसेंटाइल पर प्रतिभागियों में हताशा
इस बार जेई मेंस परीक्षा में लागू हुई परसेंटाइल की व्यवस्था को लेकर कुछ मेधावी असहमत हैं। गुरु द्रोणाचार्य कोचिंग के डायरेक्टर अजय अरोरा बताते हैं कि जिन बच्चों के बीच कुछ ही नंबर का अंतर होता था, परसेंटाइल में समान होने के चलते अब उनका अंतर पता नहीं लग रहा है। ऐसे में ज्यादा नंबर वाले प्रतिभागी इस व्यवस्था से असहमत हैं।
नंबर परसेंटाइल
360-310 : 100 - 99.98724751
309-299 : 99.985572 - 99.9740296
298-288 : 99.97589128 - 99.96258028
287-278 : 99.96146328 - 99.94424276
277-268 : 99.94098483 - 99.91929629
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मयंक जैन
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ऋषभ यादव
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उत्कर्ष सक्सेना
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सक्षम मेहरा
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आदित्य यादव
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संदीप सिंह बोहरा
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पल्लव वार्ष्णेय
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अभिनव श्रीवास्तव
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हर्ष मिश्रा
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विष्णु अग्रवाल
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आयुष्मान वशिष्ठ
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मो. रजीन
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उत्कर्ष गंगवार
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संवेग अग्रवाल
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सम्यक गोयल
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देवांग अग्रवाल
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मो. अरीब मोइनी
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महत्व अग्रवाल
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