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भ्रष्टाचार! सत्ता और सिस्टम में छिड़ी रार
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बरेली। नवाबगंज के विधायक केसर सिंह के पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों पर डंडा उठाने का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। इस प्रकरण में विधायक के खिलाफ पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं के साथ ही अब उनके उच्चाधिकारी भी लामबंद हो गए हैं। उन्होंने मंगलवार को डीएम और डीआईजी से मुलाकात कर विधायक के खिलाफ एफआरआई दर्ज कराने के लिए पुरजोर पैरवी की। इंजीनियरों ने इसके साथ कार्य बहिष्कार जारी रखते हुए अपना विरोध भी जारी रखा। उधर, केसर सिंह के समर्थन में विधायक डीसी वर्मा और बहोरन लाल मौर्या ने मंगलवार शाम को कमिश्नर रणवीर प्रसाद से मिलकर प्रधानमंत्री सड़क योजना से बनी दूसरी सड़कों के निर्माण में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया है। विधायक के समर्थन में नवाबगंज में भी व्यापारियों के साथ दूसरे संगठन भी एकजुट हो रहे हैं।
विधायक के खिलाफ कार्रवाई के लिए इंजीनियरों के समर्थन में आए अफसर
प्रधानमंत्री सड़क योजना में नवाबगंज से मटकापुर तक 6.75 करोड़ से बन रही सड़क की जांच करने पहुंचे विधायक केसर सिंह ने पीडब्ल्यूडी के जेई-एई को आड़े हाथों लिया था। अभियंताओं का आरोप है कि विधायक ने डंडा लेकर उनकी पिटाई की और जेई का अपहरण तक करने की कोशिश की थी। इस प्रकरण के बाद से ही विधायक और पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों के बीच झगड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में विधायक पर एफआरआई दर्ज कराने के लिए पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने मंगलवार को पहले पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर राकेश राजवंशी, पीएमजीएसवाई के एसई और एक्सईएन से मुलाकात की। इसके बाद डिप्लोमा इंजीनियर संघ के एचएन मिश्रा के साथ सोमवार को तमाम इंजीनियर प्रधानमंत्री सड़क योजना के एक्सईएन राजवीर सिंह के दफ्तर पहुंचे और उन पर विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का दबाव बनाया। इसके बाद इंजीनियर डीएम और डीआईजी से भी मिले हैं। इंजीनियरों का कहना है कि डीआईजी ने एसएसपी से बात करके रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
विधायक भी एकजुट, कमिश्नर से बोले- सड़कों के निर्माण में भ्रष्टाचार चरम पर
पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों के लामबंद होने के साथ अब केसर सिंह ने भी विधायक बहोरन लाल मौर्य और डीसी वर्मा के साथ विरोध शुरू कर दिया है। मंगलवार की देर शाम को तीनों विधायक कमिश्नर रणवीर प्रसाद से मिले। उन्होंने शिकायत की कि प्रधानमंत्री सड़कों की दुर्दशा केवल नवाबगंज में ही नहीं, बल्कि दूसरी विधानसभा क्षेत्रों में भी है। वहां भी सड़कों की जांच कराई जानी चाहिए, ताकि भ्रष्टाचार में लिप्त इंजीनियरों पर कड़ी कार्रवाई हो सके। कमिश्नर ने विधायकों को यह आश्वासन दिया कि दूसरी सड़कों की जांच जल्द ही शुरू कराई जाएगी।
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पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर मुझसे मिलने आए थे। उन्होंने विधायक केसर सिंह के खिलाफ एफआरआई दर्ज कराने की बात कही थी। इस मामले की जानकारी ली जा रही है। इसके बाद ही कुछ कहना संभव होगा। - वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी
अगर कोई जनप्रतिनिधि कहीं भ्रष्टाचार का मामला खोलता है तो उस पर आरोप लगा दिए जाते हैं। यह ठीक नहीं है। मैंने पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों को नहीं मारापीटा है। इस प्रकरण में नाहक दबाव बनाया जा रहा है। - केसर सिंह, विधायक
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विधायक के खिलाफ कार्रवाई के लिए इंजीनियरों के समर्थन में आए अफसर
प्रधानमंत्री सड़क योजना में नवाबगंज से मटकापुर तक 6.75 करोड़ से बन रही सड़क की जांच करने पहुंचे विधायक केसर सिंह ने पीडब्ल्यूडी के जेई-एई को आड़े हाथों लिया था। अभियंताओं का आरोप है कि विधायक ने डंडा लेकर उनकी पिटाई की और जेई का अपहरण तक करने की कोशिश की थी। इस प्रकरण के बाद से ही विधायक और पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों के बीच झगड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में विधायक पर एफआरआई दर्ज कराने के लिए पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने मंगलवार को पहले पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर राकेश राजवंशी, पीएमजीएसवाई के एसई और एक्सईएन से मुलाकात की। इसके बाद डिप्लोमा इंजीनियर संघ के एचएन मिश्रा के साथ सोमवार को तमाम इंजीनियर प्रधानमंत्री सड़क योजना के एक्सईएन राजवीर सिंह के दफ्तर पहुंचे और उन पर विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का दबाव बनाया। इसके बाद इंजीनियर डीएम और डीआईजी से भी मिले हैं। इंजीनियरों का कहना है कि डीआईजी ने एसएसपी से बात करके रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
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विधायक भी एकजुट, कमिश्नर से बोले- सड़कों के निर्माण में भ्रष्टाचार चरम पर
पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों के लामबंद होने के साथ अब केसर सिंह ने भी विधायक बहोरन लाल मौर्य और डीसी वर्मा के साथ विरोध शुरू कर दिया है। मंगलवार की देर शाम को तीनों विधायक कमिश्नर रणवीर प्रसाद से मिले। उन्होंने शिकायत की कि प्रधानमंत्री सड़कों की दुर्दशा केवल नवाबगंज में ही नहीं, बल्कि दूसरी विधानसभा क्षेत्रों में भी है। वहां भी सड़कों की जांच कराई जानी चाहिए, ताकि भ्रष्टाचार में लिप्त इंजीनियरों पर कड़ी कार्रवाई हो सके। कमिश्नर ने विधायकों को यह आश्वासन दिया कि दूसरी सड़कों की जांच जल्द ही शुरू कराई जाएगी।
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पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर मुझसे मिलने आए थे। उन्होंने विधायक केसर सिंह के खिलाफ एफआरआई दर्ज कराने की बात कही थी। इस मामले की जानकारी ली जा रही है। इसके बाद ही कुछ कहना संभव होगा। - वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी
अगर कोई जनप्रतिनिधि कहीं भ्रष्टाचार का मामला खोलता है तो उस पर आरोप लगा दिए जाते हैं। यह ठीक नहीं है। मैंने पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों को नहीं मारापीटा है। इस प्रकरण में नाहक दबाव बनाया जा रहा है। - केसर सिंह, विधायक