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महिला ने लौटाए 20.90 लाख रुपये
अमर उजाला/बाराबंकी
Updated Tue, 29 Aug 2017 11:45 PM IST
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- फोटो : SELF
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शहर की एक महिला ने ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए व्यापारी के 20 लाख 90 हजार रुपये वापस कर दिए। इस बात को लेकर शहर में सभी लोग इनकी प्रशंसा कर रहे हैं।
शहर के बेगमगंज मोहल्ला निवासी मोहम्मद आसिफ लाजपतनगर वार्ड से नगर पालिका के सभासद हैं। इनकी मां इरफाना खातून सोमवार को करीब पांच बजे शहर में छाया चौराहा स्थित एक दुकान में कपड़ों की खरीदारी करने गई थीं।
इसी बीच कपड़े लेने के बाद कर्मचारियों ने कपड़ों के झोले के साथ ही दुकान में रखा रुपयों से भरा झोला उन्हें पकड़ा दिया। इसके बाद जब इरफाना खातून घर पहुंचीं और पति शाकिर अली को कपड़े दिखाने लगीं तो झोले से दो हजार व पांच-पांच सौ के नोट गिरने लगे। यह देख वह दंग रह गए।
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जानकारी पाकर बेटा आसिफ घर पहुंचा तो मां ने कहा कि यह हराम के पैसे उनको नहीं चाहिए और इसे व्यापारी को तत्काल वापस कर दो। इसके बाद इरफाना खातून ने अपने बेटे व पति के साथ व्यापारी पवन जैन की दुकान पर पहुंचकर यह रुपये वापस कर दिए। व्यापारी पवन जैन का कहना है कि इरफाना ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है, जिसकी प्रशंसा करते हैं।
इरफाना खातून के पति शाकिर अली मोटर मैकेनिक हैं। इरफाना ने कहा कि इतनी बड़ी रकम उन्होंने एक साथ पहले नहीं देखी, लेकिन उसके बावजूद पैसे मिलने के बाद उनका मन नहीं डिगा। कहा कि बेटे ने जब रुपये गिने तो वह 20 लाख 90 हजार निकले थे। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे के पैसे से परिवार का भला नहीं होता। भलाई उतने में ही होती है, जितने में खुदा रखता है।
महिला ने जहां 20.90 लाख रुपये मिलने पर उसे वापस करने की बात कही है। वहीं, व्यापारी इसे चार लाख बीस हजार ही बता रहा है। जबकि महिला का कहना है कि नकदी उसके बेटे ने गिनी थी। ऐसे में व्यापारी द्वारा टैक्स से बचने के लिए नकदी कम बताने की बात कही जा रही है।
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शहर के बेगमगंज मोहल्ला निवासी मोहम्मद आसिफ लाजपतनगर वार्ड से नगर पालिका के सभासद हैं। इनकी मां इरफाना खातून सोमवार को करीब पांच बजे शहर में छाया चौराहा स्थित एक दुकान में कपड़ों की खरीदारी करने गई थीं।
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इसी बीच कपड़े लेने के बाद कर्मचारियों ने कपड़ों के झोले के साथ ही दुकान में रखा रुपयों से भरा झोला उन्हें पकड़ा दिया। इसके बाद जब इरफाना खातून घर पहुंचीं और पति शाकिर अली को कपड़े दिखाने लगीं तो झोले से दो हजार व पांच-पांच सौ के नोट गिरने लगे। यह देख वह दंग रह गए।
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जानकारी पाकर बेटा आसिफ घर पहुंचा तो मां ने कहा कि यह हराम के पैसे उनको नहीं चाहिए और इसे व्यापारी को तत्काल वापस कर दो। इसके बाद इरफाना खातून ने अपने बेटे व पति के साथ व्यापारी पवन जैन की दुकान पर पहुंचकर यह रुपये वापस कर दिए। व्यापारी पवन जैन का कहना है कि इरफाना ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है, जिसकी प्रशंसा करते हैं।
इरफाना खातून के पति शाकिर अली मोटर मैकेनिक हैं। इरफाना ने कहा कि इतनी बड़ी रकम उन्होंने एक साथ पहले नहीं देखी, लेकिन उसके बावजूद पैसे मिलने के बाद उनका मन नहीं डिगा। कहा कि बेटे ने जब रुपये गिने तो वह 20 लाख 90 हजार निकले थे। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे के पैसे से परिवार का भला नहीं होता। भलाई उतने में ही होती है, जितने में खुदा रखता है।
महिला ने जहां 20.90 लाख रुपये मिलने पर उसे वापस करने की बात कही है। वहीं, व्यापारी इसे चार लाख बीस हजार ही बता रहा है। जबकि महिला का कहना है कि नकदी उसके बेटे ने गिनी थी। ऐसे में व्यापारी द्वारा टैक्स से बचने के लिए नकदी कम बताने की बात कही जा रही है।