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शीतलहरी से कंपकंपाया जीवन, बारिश से फसलों को नुकसान

Sun, 23 Jan 2022 12:45 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jan 2022 12:45 AM IST
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बाराबंकी। जनवरी में ही लगातार दूसरी बार मौसम ने पलटी मारी। शीतलहर से लोग कांप उठे हैं। शनिवार को कड़ाके की ठंड व कोहरे के बीच बरसात से मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। पूरा दिन रुक रुककर बारिश होती रही। इससे आलू और सरसों की फसलों को नुकसान से किसानों की नींद उड़ गई है।
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बर्फीली हवा से न केवल इंसान बल्कि पशु-पक्षी भी व्याकुल दिखाई दिए। बारिश और तेज हवा के चलते सरसों की फसल खेतों में गिर गई। कहीं-कहीं आलू के खेतों में पानी भरने से नुकसान की संभावना जताई जा रही है। जिले का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने तीन दिनों तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना जताई है।
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शनिवार की भोर आसमान में छाए बादल अचानक बरसने लगे। जिले के कुछ हिस्सों में ज्यादा तो कहीं कम बरसात हुई। इस दौरान लोग घरों में दुबके रहे। बरसात होने से किसानों की नींद उड़ गई। गेेंहू को तो नुकसान नहीं बताया जा रहा है मगर बरसात के साथ हवा चलने से कई स्थानों पर सरसों की फसल खेतों में बिछ सी गई।
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सरसों की फसल में फूल आ रहे हैं। ऐसे में फूल झड़ने से उत्पादन पर असर पड़ सकता है। इसी प्रकार जिन खेतों में पानी भरने की संभावना है उनमें आलू की फसल को नुकसान हो सकता है। इसलिए आलू के किसान पानी निकासी के इंतजाम में लगे रहे।
बरसात के साथ ठंड का कहर देखने को मिला। पूरा दिन बर्फीली हवा चलती रही। शनिवार को जिले का न्यूनतम तापमान जहां 6 डिग्री वहीं अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ऐसी हालत में सुबह केडी सिंह बाबू स्टेडियम में भी सन्नाटा रहा।
सामान्य मौसम में सैकड़ों लोग यहां मॉर्निंग वॉक करने आते हैं। सड़कों पर भी पूरा दिन अन्य दिनों की अपेक्षा बहुत कम भीड़ दिखी। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 5 डिग्री कम है। मंगलवार तक ऐसा ही मौसम रह सकता है। बुधवार से मौसम साफ होने की उम्मीद है।
ठंडे हुए अलाव, रोजीरोटी का भी संकट
पहले से ही ठंड के कारण परेेेशानी झेलने वाले गरीब, बेसहारा, रिक्शा चालकों के लिए बरसात कोढ़ में खाज साबित हो रही है। बरसात होने से जहां सरकारी अलाव ठंडे पड़ गए हैं वहीं जहां लकड़ी थी भी वह भीग गई। शहर में पटेल तिराहा, बस-स्टेशन, रेलवे-स्टेशन, नाका सतरिख चौराहा, लखपेड़ाबाग चौराहा, बेगमगंज, धनोखर, पल्हरी चौराहा, पैसार आदि स्थानों पर बरसात के कारण अलाव ठंडे पड़े थे।
लोग कूड़ा, कागज आदि जलाकर ठंड से जंग लड़ते दिखाई पड़े। बरसात के कारण सबसे ज्यादा परेशानी रिक्शा चालकों व मजदूरों को झेलनी पड़ रही हैं। क्योंकि बरसात में सवारियां नहीं मिल रही हैं न काम। इनके सामने दो वक्त की रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है।

बरसात से गेहूं की फसल को नुकसान नहीं है। सरसों की फसल को कुछ नुकसान होने की संभावना है। जबकि जिन खेतों में पानी भरेगा उनकी आलू की फसल प्रभावित हो सकती है। किसान खेतों में पानी न भरने दें।
-अनिल कुमार सागर, उप कृषि निदेशक
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